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नींद-चुराने-वाला-उल्लू-The-Owl-Who-Stole-Sleep

नींद चुराने वाला उल्लू – The Owl Who Stole Sleep

नींद चुराने वाला उल्लू जंगल के किनारे बसे छोटे से गाँव में कई दिनों से एक अजीब बात हो रही थी। बच्चे हों या बड़े, कोई ठीक से सो नहीं पा रहा था। रात होते ही सबकी आँखें खुली रह जातीं और उन्हें लगता जैसे किसी ने उनकी नींद चुरा ली हो। पहले लोगों ने […]

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खरगोश-और-कड़वी-औषधि-–-The-Rabbit-and-the-Bitter-Medicine

खरगोश और कड़वी औषधि – The Rabbit and the Bitter Medicine

खरगोश और कड़वी औषधि  हरीभरी पहाड़ियों के पास बसे एक शांत जंगल में एक छोटा सा खरगोश रहता था, जिसका नाम मीनू था। मीनू बहुत तेज दौड़ता था, पेड़ों के बीच कूदता-फाँदता फिरता था और पूरे जंगल का सबसे चंचल जीव माना जाता था। सुबह होते ही वह अपने बिल से निकलकर इधर-उधर दौड़ लगाता, […]

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नागमणि का वरदान – The Blessing of the Serpent Gem

नागमणि का वरदान – The Blessing of the Serpent Gem

नागमणि का वरदान  बहुत समय पहले, जब धरती पर जादू, तपस्या और दिव्य शक्तियों का अस्तित्व सामान्य था, एक शांत और हरे-भरे जंगल के बीचों-बीच कैलाशपुर नामक एक छोटा-सा गाँव बसा था। इस गाँव के लोग मेहनती, सरल और प्रकृति-प्रेमी थे। उनके जीवन में सुख था, लेकिन उनके आसपास बसे जंगल में कई रहस्य भी […]

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तेनाली रामन की पुरोहित से बदला लेने की योजना और चतुराइयाँ – 6 से 10

ताताचार्य से बदला लेता है रामन – 6 इस प्रकार तेनाली रामन कृष्णदेव राय के दरबारी विदूषक बन गए। उन्होंने अपने परिवार के लिए एक घर बनवाया। उन्होंने अपने पारिवारिक मामलों को लगभग स्थिर कर लिया था। वह ताताचार्य को सबक सिखाने का अवसर ढूंढ रहे थे। अंततः रामन को पुरोहित से बदला लेने का […]

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sundara-kanda-ki-pavan-katha-7

सुन्दरकाण्ड की पावन कथा – 7

सुन्दरकाण्ड की पावन कथा और हनुमान का महासंकल्प व समुद्र-लांगन लीला उस पर्वत से छलांग लगाने का निश्चय किया। वह एक जंगली बैल के समान दिखते हुए अपने शरीर को अत्यधिक विशाल करने लगे। वह एक बड़े पर्वत के समान प्रतीत होने लगे। उनके चरणों तले विशाल पर्वत कांपने लगा। सर्प और वन्य प्राणी अपने […]

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Another-Spy-Killed---43

बुद्धि और विनोद से भरपूर तेनाली रामन की कहानियाँ – 41 से 45

देवदासी का प्रेम – 41 राजा कृष्णदेवराय का एक देवदासी नर्तकी कृष्णावेनी से प्रेमसंबंध था। राजा को पूर्ण विश्वास था कि वह किसी अन्य पुरुष से संबंध नहीं रखती। राजा उससे विवाह करना चाहता था। किंतु उसे जनता के विरोध का भय था क्योंकि अधिकांश लोग देवदासी कन्याओं को पसंद नहीं करते थे। हमेशा की […]

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इंद्रधनुष-का-खजाना-The-Treasure-of-the-Rainbow

इंद्रधनुष का खजाना – The Treasure of the Rainbow

इंद्रधनुष का खजाना हरे पहाड़ों और शांत नदी के बीच बसे एक छोटे से गाँव में नीलम नाम की एक जिज्ञासु बच्ची रहती थी। नीलम हमेशा आसमान में होने वाले बदलावों को ध्यान से देखती थी। उसे बादलों के आकार, हवा की चाल और खासकर इंद्रधनुष बहुत पसंद था। जब भी बारिश के बाद आसमान […]

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असली-मित्र-की-पहचान

असली मित्र की पहचान

एक घने जंगल में एक हाथी रहता था। वह बहुत अकेलापन महसूस करता था और उसकी इच्छा थी कि उसके कुछ सच्चे मित्र हों। एक दिन, उसने मित्रता की तलाश में जंगल के विभिन्न कोनों में भ्रमण शुरू किया। सबसे पहले उसकी नज़र एक पेड़ की डाल पर बैठे बंदर पर पड़ी। हाथी ने विनम्रता […]

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The-Hidden-Pot-of-Gold-That-Changed-Their-Destiny---गरीब-दंपत्ति-की-किस्मत-बदल-देने-वाला-स्वर्ण-कलश

गरीब दंपत्ति की किस्मत बदल देने वाला स्वर्ण कलश – The Hidden Pot of Gold That Changed Their Destiny

गरीब दंपत्ति की किस्मत बदल देने वाला स्वर्ण कलश एक समय की बात है, एक दूरस्थ गाँव में एक अत्यन्त निर्धन ब्राह्मण और उसकी पतिव्रता पत्नी रहते थे। दोनों का जीवन अभावों से घिरा हुआ था। ब्राह्मण प्रतिदिन भिक्षा माँगने निकलता, परंतु अधिकांश दिनों उसे इतना भी अन्न नहीं मिलता कि दोनों का पेट भर […]

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singhasan-battisi-story-28-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 28 – वैदेही की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 28 राजा भोज जब अट्ठाईसवें दिन पुनः सिंहासन पर बैठने हेतु आगे बढ़े, तभी अट्ठाईसवीं गुड़िया वैदेही उनके सामने प्रकट हुई। उसने स्वयं का परिचय देते हुए कहा, “राजा भोज, मेरा नाम वैदेही है। मैं इस सिंहासन की अट्ठाईसवीं गुड़िया हूँ। क्या आपको कभी देवेंद्र इंद्र ने अपने सिंहासन पर बैठने के […]

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