गुरुभक्त एकलव्य का त्याग – Ekalavya’s Sacrifice
गुरुभक्त एकलव्य का त्याग महाभारत के समय जब पांडव और कौरव द्रोणाचार्य से विद्या प्राप्त कर रहे थे, तब एक विलक्षण छात्र एकलव्य नामक निषाद कुमार भी धनुर्विद्या सीखने की अभिलाषा रखता था। द्रोणाचार्य हस्तिनापुर से दूर अपने आश्रम में राजकुमारों को शिक्षा देते थे। एकलव्य वहाँ चुपचाप छिपकर पूरी प्रक्रिया देखा करता था। उसने […]
Continue Reading