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उल्लू-और-सुबह-का-पंछी-_-The-Owl-and-the-Morning-Bird

उल्लू और सुबह का पंछी | The Owl and the Morning Bird

उल्लू और सुबह का पंछी  घना जंगल था जहाँ सुबह की हल्की धूप पेड़ों के पत्तों पर गिरकर एक अलग ही चमक पैदा करती थी। जंगल के सभी पक्षी सुबह-सुबह जागकर उड़ान भरते थे और अपनी मीठी आवाजों से पूरे माहौल को ताज़ा कर देते थे। लेकिन उसी जंगल के एक पुराने पेड़ की खोखी […]

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The Prince and His Servants

राजकुमार और उसके असाधारण सेवक – The Prince and His Servants

राजकुमार और उसके असाधारण सेवक  एक समय की बात है, राजकुमार वीरेंद्र एक छोटे से राज्य का गरीब लेकिन दिल का धनी राजकुमार था। वह हमेशा से सपना देखता था कि उसे सच्चा प्रेम मिले, कोई ऐसा जो उसे उसके दिल की अच्छाई के लिए चाहे, न कि उसकी दौलत के लिए। एक दिन पड़ोस […]

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लोमड़ी-और-अंगूर-की-बेल-–-The-Fox-and-the-Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल – The Fox and the Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल  घने जंगल के बीचोंबीच एक शांत खुली जगह थी, जहाँ सूरज की रोशनी इतनी सुंदर तरीके से गिरती थी कि वह जगह हमेशा गर्म और सुखद महसूस होती थी। वहाँ एक पुरानी लकड़ी की बाड़ के सहारे एक लंबी अंगूर की बेल फैली हुई थी। बेल इतनी ऊपर चढ़ चुकी […]

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जादुई-बांसुरी-की-रात-Magical-Night-of-the-Enchanted-Flute

जादुई बांसुरी की रात – Magical Night of the Enchanted Flute

जादुई बांसुरी की रात पहाड़ियों के पास बसे एक शांत से गाँव में लखन नाम का एक छोटा चरवाहा रहता था। वह भोर होते ही अपनी भेड़ों को लेकर चराई पर निकल जाता और शाम ढलते ही घर लौट आता। लखन की सबसे खास बात उसका साफ दिल था। वह किसी को दुखी नहीं देख […]

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Another-Spy-Killed---43

बुद्धि और विनोद से भरपूर तेनाली रामन की कहानियाँ – 41 से 45

देवदासी का प्रेम – 41 राजा कृष्णदेवराय का एक देवदासी नर्तकी कृष्णावेनी से प्रेमसंबंध था। राजा को पूर्ण विश्वास था कि वह किसी अन्य पुरुष से संबंध नहीं रखती। राजा उससे विवाह करना चाहता था। किंतु उसे जनता के विरोध का भय था क्योंकि अधिकांश लोग देवदासी कन्याओं को पसंद नहीं करते थे। हमेशा की […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल भाग छह

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल रात अत्यन्त अँधेरी थी। बीच-बीच में तेज़ बारिश की धाराएँ गिरतीं और फिर अचानक रुक जातीं। हवा के तेज़ झोंके पेड़ों को इस तरह हिलाते मानो वे किसी अदृश्य शक्ति के आगे काँप रहे हों। अजीब-अजीब सी आवाज़ें, दूर कहीं सियारों की करुण चीत्कार, और बीच-बीच में गड़गड़ाहट की […]

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uttarakand-ki-pavan-katha-9

उत्तरकाण्ड की पावन कथा – 9

उत्तरकाण्ड की पावन कथा और सीतात्याग, लवणवध व श्रीराम की अंतर्धान लीला एक दिन जब श्रीराम अपने राज्य का शासन कर रहे थे, तब अनेक महान ऋषियों का एक दल महर्षि अगस्त्य के नेतृत्व में उनसे मिलने के लिए उपस्थित हुआ। अगस्त्य ने प्रासाद के रक्षकों से कहा, “कृपया राम को सूचित करें कि हम ऋषि […]

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बोलने-वाली-झील-की-परी-The-Fairy-of-the-Whispering-Lake

बोलने वाली झील की परी – The Fairy of the Whispering Lake

बोलने वाली झील की परी हरे-भरे जंगलों के बीच एक शांत और चौड़ी झील थी जिसे लोग फुसफुसाती झील कहते थे क्योंकि वहाँ की हवा और पानी किसी से भी बातें कर लेते थे। पानी इतना साफ था कि उसमें आसमान, पेड़ और इंसान की भावनाएँ तक दिख जाती थीं। रात में झील हल्की नीली […]

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तोता-और-वृद्ध-व्यापारी---Parrot-and-the-Old-Merchant

तोता और वृद्ध व्यापारी – Parrot and the Old Merchant

तोता और वृद्ध व्यापारी एक समय की बात है, एक छोटे से कस्बे में एक वृद्ध व्यापारी रहता था। वह मेहनती था, पर उसकी उम्र अब इतनी हो चुकी थी कि दुकान संभालना उसके लिए पहले जैसा आसान नहीं रहा था। उसके घर के आंगन में एक सुंदर सा तोता रहता था, जिसकी हरी चमकदार […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: बुद्धि बनाम शक्ति भाग तेरह

विक्रम और बेताल: बुद्धि बनाम शक्ति रात का गहरा अँधेरा था, हवा में ठंडक और पेड़ों की शाखाओं से आती अजीब सरसराहट मानो किसी अनहोनी का संकेत हो। राजा विक्रम अपनी तलवार कमर से बाँधे, दृढ़ कदमों से उसी पुराने मार्ग पर चल रहे थे, जहाँ उन्हें फिर से बेताल को लाना था। वे जानते […]

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