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सिंहासन बत्तीसी कथा 21 – चंद्रज्योति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 21 अगली सुबह जब राजा भोज पुनः उस दिव्य सिंहासन पर बैठने का प्रयत्न करने लगे, तो उसी क्षण उनके सामने इक्कीसवीं पुतली चंद्रज्योति प्रकट हुई। वह चमकती हुई रौशनी की तरह उनके सम्मुख अवतरित हुई और मनोहर स्वर में बोली कि वह विक्रमादित्य के पवित्र और शक्तिमान सिंहासन की इक्कीसवीं पुतली […]

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Baalkand ki Paavan Katha – 3

बालकांड की पावन कथा – 3

बालकांड की पावन कथा और अयोध्या का स्वर्णिम वर्णन  अयोध्या नगरी कोशल राज्य की राजधानी थी। यह पवित्र सरयू नदी के तट पर बसी एक अनुपम नगरी थी। मनु ने इसे अत्यंत सुंदर रूप में बसाया था। नगर का सौंदर्य देवताओं की राजधानी अमरावती के समान दिखाई देता था। चारों ओर पुष्पों की सुगंध फैलती […]

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रात-का-नीला-घोड़ा---The-Blue-Horse-of-Night

रात का नीला घोड़ा – The Blue Horse of Night

रात का नीला घोड़ा रात का समय था और पूरा जंगल हल्की नीली रोशनी से भरा हुआ था क्योंकि परी नीलिमा अपनी रात की तैयारी कर रही थी। नीलिमा एक छोटी लेकिन बहादुर, दयालु और बेहद प्यारी परी थी, जो हर रात आसमान में उड़कर तारों की देखभाल करती थी। उसका सबसे खास साथी था […]

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धीमी-कछुआ-और-घमंडी-खरगोश---The-Slow-Turtle-and-the-Proud-Hare

धीमा कछुआ और घमंडी खरगोश – The Slow Turtle and the Proud Hare

धीमा कछुआ और घमंडी खरगोश घने पेड़ों से ढकी एक सुंदर सी घाटी थी, जहाँ कई तरह के जानवर रहते थे. वहाँ पास ही एक हरा-भरा मैदान था, जहाँ हर सुबह सूरज की किरणें हल्की गर्मी के साथ उतरती थीं और ठंडी हवा पूरे माहौल को सुखद बना देती थी. इसी मैदान में एक धीमा […]

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छोटा-किसान-और-उसका-पहला-पौधा-The-Little-Farmer-and-His-First-Plant

छोटा किसान और उसका पहला पौधा – The Little Farmer and His First Plant

छोटा किसान और उसका पहला पौधा नीले आसमान के नीचे फैला हुआ एक छोटा-सा गाँव था जहाँ मिट्टी की खुशबू हर रास्ते में रची हुई थी और हर घर के पास कुछ न कुछ उगता था। इसी गाँव में रहता था एक सात साल का बच्चा आरव, जिसे लोग प्यार से छोटा किसान कहते थे […]

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the-needle-tree-hindi

सुई वाला पेड़

एक जंगल के पास दो भाई रहते थे। बड़ा भाई छोटे के प्रति बहुत निर्दयी था। वह सारा खाना स्वयं खा जाता और छोटे के नए कपड़े भी पहन लेता। एक दिन बड़े भाई ने जंगल से लकड़ियाँ काटकर बेचने का विचार किया। पेड़ काटते-काटते वह एक जादुई पेड़ के पास पहुँचा। पेड़ बोला, “हे […]

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राजा-योगी-की-परीक्षा---King-Janaka

राजा योगी की परीक्षा – King Janaka

राजा योगी की परीक्षा राजा जनक दूर-दूर तक एक “राजा योगी” के रूप में विख्यात थे। इसका अर्थ था कि वे एक साथ ही एक सम्राट और एक संत थे। उनके पास भौतिक सम्पदा का अकूत भंडार था, किंतु वे स्वयं को उनका स्वामी नहीं मानते थे और न ही उनकी उपस्थिति इन साधनों पर […]

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Raman-Settles-the-Quarrel--34

तेनाली रमन की बुद्धिमत्ता की कहानियाँ – 31 से 35

रमन ने राजा और पुजारी को फँसाया – 31 तेनाली रमन तीन बार मृत्युदंड से बच चुका था। ये तीनों बार बहुत संकटपूर्ण थे। उसे बचाने में केवल उसकी बुद्धिमत्ता ही काम आई थी। पर अब रमन के मन में भय घर कर गया था। उसने सोचा कि यदि राजा ने फिर कोई मृत्युदंड दिया […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा भाग तीन

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा बहुत समय पहले एक प्रतिष्ठित और विद्वान पुरोहित के घर एक कन्या ने जन्म लिया जिसका नाम मंदारवती रखा गया। वह जन्म से ही अत्यंत सुंदर, सुसंस्कृत और सभी के हृदय को मोह लेने वाली थी। जैसे-जैसे वह बड़ी होती गई, उसकी सुंदरता और विनम्रता […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: एक अधूरी प्रतिज्ञा और प्राणों की बाज़ी पर टिका सत्य भाग पाँच

विक्रम और बेताल: एक अधूरी प्रतिज्ञा और प्राणों की बाज़ी पर टिका सत्य रात अत्यंत भयावह थी। कभी हल्की, कभी तेज़ वर्षा रुक-रुक कर हो रही थी। तेज़ हवाएँ पेड़ों को झकझोर रही थीं। वातावरण में अजीब सी घुटन और अनजान आवाज़ें गूंज रही थीं। बिजली की चमक के साथ आसपास की परछाइयाँ विकराल चेहरों […]

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