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परी और सोने का स्पर्श

एक छोटे से शहर में एक बहुत लालची आदमी रहता था। वह पहले से ही बहुत धनी था, लेकिन उसे सोने और कीमती चीज़ों का कभी संतोष नहीं होता था। उसे हमेशा और अधिक धन की चाह रहती थी। हालाँकि, इन सबके बीच वह अपनी छोटी बेटी से बहुत प्रेम करता था। उसकी बेटी ही […]

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गौरैया-और-बड़े-बड़े-दाने---Sparrow-and-the-Big-Grains

गौरैया और बड़े-बड़े दाने – Sparrow and the Big Grains

गौरैया और बड़े-बड़े दाने गाँव के एक शांत कोने में एक पुराना सा खेत था जहाँ सुबह की हल्की धूप मिट्टी पर चमकती थी और चारों ओर हल्की हवा बहती रहती थी। उसी खेत के किनारे एक पेड़ था जिसमें एक छोटी गौरैया रहती थी। वह नन्ही थी, चंचल थी और हर दिन सूरज निकलते […]

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स्वर्ण-परी-और-टूटे-दिल-वाला-राजा---Golden-Fairy-and-the-Broken-Hearted-King

स्वर्ण परी और टूटे दिल वाला राजा – Golden Fairy and the Broken-Hearted King

स्वर्ण परी और टूटे दिल वाला राजा बहुत समय पहले एक दूर बसे राज्य में एक राजा रहता था जिसका दिल हमेशा भारी सा लगता था। उसकी आँखों के नीचे थकान रहती थी, महल कितना भी सुन्दर क्यों न हो, उसे कोई चीज़ खुश नहीं कर पाती थी। उसके सेवक उसे तरह-तरह के त्योहार, खेल […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई भाग सोलह

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई रात का समय था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था। हवा की तीखी सीटी जैसी आवाजें कानों में कौंध रही थीं, और सूखे पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर अजीब परछाइयाँ बन रही थीं, मानो […]

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अहंकारी-पंडितों-की-शिक्षा---Humbling-Vedic-Pandits

अहंकारी पंडितों की शिक्षा – Humbling Vedic Pandits

अहंकारी पंडितों की शिक्षा एक समय की बात है, दो अहंकारी ब्राह्मण थे। वे स्वयं को वेदों का सर्वश्रेष्ठ ज्ञाता मानते थे और लोगों को शास्त्रार्थ के लिए ललकारा करते थे। उनकी एक विचित्र शर्त थी: जो भी हारे, उसे यह लिखित रूप में प्रमाणपत्र देना होगा कि वह वेदों के ज्ञान में इन दोनों […]

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ईमानदार शिष्य - The Persistent Student

ईमानदार शिष्य – The Persistent Student

ईमानदार शिष्य श्री गुरु नरसिंह सरस्वती प्रायः एक किसान शिष्य के खेत के पास से गुज़रते थे। शिष्य गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा रखता था। जब भी गुरुजी उधर से निकलते, वह श्रद्धा से सिर झुकाकर उनके चरणों में गिर पड़ता। यह दृश्य नित्य का हो गया था। एक दिन गुरुजी ने उसकी इस अटूट […]

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रंगनाथ का दक्षिण मुख - Sharanagati

रंगनाथ का दक्षिण मुख – Sharanagati

रंगनाथ का दक्षिण मुख विभीषण रावण के छोटे भाई थे। रावण लंका का राजा था जिसे युद्ध में भगवान राम ने पराजित किया था। रावण के बाद, भगवान राम ने विभीषण को लंका का राजा नियुक्त किया। हालाँकि, विभीषण सदैव भगवान के सान्निध्य में रहना चाहते थे। इसलिए वे भगवान और सीता देवी के साथ […]

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सितारा-बुनने-वाली-परी-Star-Weaving-Fairy

सितारा बुनने वाली परी – Star-Weaving Fairy

सितारा बुनने वाली परी रात का आसमान जितना शांत दिखता था, उसके पीछे उतनी ही हलचल चलती थी। बादलों के ऊपर, जहाँ हवा भी फुसफुसाकर चलती थी, एक छोटी सी चांदी जैसी झोपड़ी थी। इस झोपड़ी में रहती थी एक परी जिसे सब सितारा बुनने वाली परी कहते थे। उसके हाथों में एक हल्की चमक […]

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बारिश और तीन सारथी - Test of Attitude

बारिश और तीन सारथी – Test of Attitude

बारिश और तीन सारथी एक बार की बात है, एक गाँव में मेला लगा हुआ था। मेले में जाने के लिए सड़क पर कई बैलगाड़ियाँ जा रही थीं। ये खुली हुई बैलगाड़ियाँ थीं, जिन्हें बैल खींच रहे थे और उन पर बैठे हुए लोग बैलों को सही दिशा में ले जा रहे थे। अचानक भारी […]

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गिलहरी-और-खोया-हुआ-अखरोट-का-खज़ाना---The-Squirrel-and-the-Lost-Nut-Treasure

गिलहरी और खोया हुआ अखरोट का खज़ाना – The Squirrel and the Lost Nut Treasure

गिलहरी और खोया हुआ अखरोट का खज़ाना हरे भरे जंगल में एक छोटी, फुर्तीली और चंचल गिलहरी रहती थी, जिसका नाम चिक्की था. चिक्की अपनी चमकीली भूरी पूंछ और तेज़ नज़रों के लिए मशहूर थी. वह हमेशा शाखाओं से शाखाओं पर कूदती रहती, अपने लिए अखरोट, फल, और बीज इकट्ठे करती. लेकिन उसकी सबसे खास […]

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