हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अदल-बदल हुए सिरों की कथा भाग चार

एक समय की बात है, किसी नगर में धवल नाम का एक धोबी रहता था। वह प्रतिदिन की भाँति कपड़े साफ करने के लिए तालाब की ओर गया। उसी समय उसकी दृष्टि एक अत्यंत सुंदरी युवती पर पड़ी, जो उसी तालाब पर स्नान करने आई थी। वह युवती एक अन्य धोबी की पुत्री थी। उसकी […]

Continue Reading
the-curse-on-dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ – The Curse on Dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ महान राजा दशरथ, जो श्री राम के पिता थे, एक बार शिकार पर गए। यह घटना श्री राम के जन्म से पहले की है। दशरथ ‘शब्दभेदी बाण’ चलाने में निपुण थे, यानी वह केवल ध्वनि सुनकर ही, बिना प्राणी को देखे, उस दिशा में बाण चला सकते थे और […]

Continue Reading
कुत्ता-और-अपनी-परछाई-–-Dog-and-His-Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई – Dog and His Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई  एक हरी-भरी घाटी में एक छोटा सा गाँव बसा था, जिसके किनारे एक शांत नदी बहती थी और नदी पर एक मजबूत लकड़ी का पुल बना था। इस गाँव में एक कुत्ता रहता था, जिसका स्वभाव थोड़ा लालची था लेकिन दिल से वह बुरा नहीं था। उसे अपनी मेहनत से मिली […]

Continue Reading
असली-मित्र-की-पहचान

असली मित्र की पहचान

एक घने जंगल में एक हाथी रहता था। वह बहुत अकेलापन महसूस करता था और उसकी इच्छा थी कि उसके कुछ सच्चे मित्र हों। एक दिन, उसने मित्रता की तलाश में जंगल के विभिन्न कोनों में भ्रमण शुरू किया। सबसे पहले उसकी नज़र एक पेड़ की डाल पर बैठे बंदर पर पड़ी। हाथी ने विनम्रता […]

Continue Reading
कबूतर-और-अनाज-का-जाल-_-The-Pigeons-and-the-Grain-Trap

कबूतर और अनाज का जाल | The Pigeons and the Grain Trap

कबूतर और अनाज का जाल घने पेड़ों से भरे एक शांत इलाके में कबूतरों का एक बड़ा झुंड रहता था। वे हर सुबह मिलकर उड़ान भरते, आसमान में गोल-गोल चक्कर लगाते और फिर किसी खेत या बगीचे में उतरकर अपना भोजन तलाशते। उनके झुंड में सबसे बड़ी बात यह थी कि वे हमेशा एक साथ […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-11-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 11 – त्रिलोचनी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 11 ग्यारहवें दिन, राजा भोज धीरे-धीरे राज्याभिषेक की ओर बढ़े। तभी ग्यारहवीं गुड़िया त्रिलोचनी प्रकट हुई और उन्होंने राजा के सामने राजा विक्रमादित्य की एक अन्य कथा कहनी शुरू की। “राजा भोज, मेरा नाम त्रिलोचनी है। मैंने इस सिंहासन के महान शासक राजा विक्रमादित्य की लंबे समय तक सेवा की है। मैंने […]

Continue Reading
पितृ-वचन-का-पालन---Lord-Rama’s-Word (1)

पितृ-वचन का पालन – Lord Rama’s Word

 पितृ-वचन का पालन प्रभु राम एक सुंदर युवक के रूप में बड़े हुए और अल्पायु में ही ऋषि विश्वामित्र के साथ राक्षसों खर और दूषण का वध करने चले गए, जो ऋषि की तपस्या में विघ्न डाल रहे थे। कुछ समय बाद, ऋषि राम को राजा जनक के दरबार में ले गए, जहाँ भगवान शिव […]

Continue Reading
जादुई-बांसुरी-की-रात-Magical-Night-of-the-Enchanted-Flute

जादुई बांसुरी की रात – Magical Night of the Enchanted Flute

जादुई बांसुरी की रात पहाड़ियों के पास बसे एक शांत से गाँव में लखन नाम का एक छोटा चरवाहा रहता था। वह भोर होते ही अपनी भेड़ों को लेकर चराई पर निकल जाता और शाम ढलते ही घर लौट आता। लखन की सबसे खास बात उसका साफ दिल था। वह किसी को दुखी नहीं देख […]

Continue Reading
हाथी-और-चूहों-का-हुजूम-_-The-Elephant-and-the-Mice

हाथी और चूहों का हुजूम – The Elephant and the Mice

हाथी और चूहों का हुजूम  जंगल के बीचोंबीच एक पुराना रास्ता था जिसे हर दिन कई जानवर इस्तेमाल करते थे। उसी रास्ते के पास एक सूखा तालाब था, जिसके किनारों पर चूहों का एक बड़ा झुंड रहता था। यह जगह उनके लिए सुरक्षित थी क्योंकि आसपास घास थी, पेड़ों के खोखले तनों में उनके बिल […]

Continue Reading
चाँदी-की-मछली-और-अँधेरा-समुद्र-Silver-Fish-and-the-Dark-Sea

चाँदी की मछली और अँधेरा समुद्र – Silver Fish and the Dark Sea

चाँदी की मछली और अँधेरा समुद्र समुद्र की गहराइयों में एक ऐसी मछली रहती थी जिसकी चमक देखकर पूरा समुद्र उजाला हो जाता था। उसका नाम चाँदी था क्योंकि उसका पूरा शरीर रात में हल्की चाँदी जैसी चमक देता था। जब भी समुद्र का पानी शांत होता और चाँद ऊपर से रोशनी भेजता, तब पानी […]

Continue Reading