नीले-जंगल-की-रक्षक-परी-The-Guardian-Fairy-of-the-Blue-Forest

नीले जंगल की रक्षक परी – The Guardian Fairy of the Blue Forest

परी कथाएँ

नीले जंगल की रक्षक परी

नीले जंगल के बीचोंबीच हरियाली से भरा एक सुंदर इलाका था जहाँ ऊँचे पेड़, चमकती झीलें और हल्की नीली धुंध हमेशा रहती थी। इस पूरे जंगल की रक्षा एक दयालु परी करती थी, जिसे सब नीली रक्षक कहकर बुलाते थे। उसके पंख हल्के नीले रंग के थे और उनमें से अक्सर नरम रोशनी निकलती रहती थी। वह जंगल के हर पेड़, फूल और जानवर का ध्यान रखती थी। जानवर उसे देखकर खुश हो जाते थे और बच्चे-से पक्षी उसके पास उड़कर खेलने आने लगते थे। जंगल में हर कोई उसे परिवार जैसा मानता था।

एक दिन सुबह-सुबह जब वह अपने रोज़ के सफर पर निकली तो उसने जंगल में एक अजीब-सी गंध महसूस की। पेड़ों के पत्ते थोड़े मुरझाए हुए दिख रहे थे और हवा भारी लग रही थी। वह धीरे-धीरे आगे बढ़ी तो देखा कि जहाँ पहले चमकदार घास हुआ करती थी, वहाँ अब काले रंग का चिपचिपा पदार्थ फैला हुआ था। परी ने अपनी हथेली रखकर उसे सूंघा और तुरंत समझ गई कि यह कोई साधारण चीज़ नहीं है। यह एक तरह का जहर था जो पेड़ों की जड़ों तक पहुँच रहा था और पूरी जमीन को खराब कर सकता था।

परी समझ गई कि यह गंभीर खतरा है। वह तेजी से जंगल के सबसे पुराने पेड़ के पास पहुँची, जिसे जंगल का ज्ञान-रक्षक माना जाता था। पेड़ ने अपनी धीमी आवाज़ में बताया कि जंगल में एक दानव घुस आया है, जिसका इरादा जंगल की सारी हरियाली को नष्ट कर देने का है। वह दानव अपने हाथ से काला जहर छोड़ता है और जहाँ-जहाँ वह चलता है, वहाँ मिट्टी और पेड़ कमजोर होने लगते हैं। परी ने पेड़ की बात ध्यान से सुनी और तय किया कि वह जहर फैलाने वाले उस दानव को ढूंढकर रोकेगी।

परी अपने पंख फैलाकर जंगल के ऊपरी हिस्से से उड़ते हुए दानव की तलाश में निकल पड़ी। कुछ समय बाद उसने दूर एक बड़ा, बदरंग सा प्राणी देखा जिसकी आँखें लाल थीं और हाथों से काला धुआँ निकल रहा था। दानव जमीन को छूते ही जहर हर दिशा में फैल जाता। उसकी चाल धीरे-धीरे पर बेहद खतरनाक थी। परी ने शांत मन से उसे देखा और सही समय का इंतज़ार किया।

जब वह दानव एक सूखे पेड़ के पास पहुँचा, परी ने आसमान से उतरकर उसके सामने अपनी नीली रोशनी फैला दी। रोशनी इतनी तेज़ थी कि दानव कुछ पल के लिए पीछे हट गया। लेकिन दानव इतनी आसानी से हार मानने वाला नहीं था। उसने अपने हाथों से घना काला धुआँ छोड़ा जो परी की ओर बढ़ने लगा। परी ने तुरंत अपने पंखों से चमकदार नीली किरणें निकालकर धुएँ को रोक दिया। दो रंगों की ताकत आपस में भिड़ी और पूरे जंगल में तेज़ कंपन फैल गया।

परी जानती थी कि दानव को हराने का एक ही तरीका है। उसे जंगल की आंतरिक शक्ति को जगाना होगा। उसने अपनी आँखें बंद कीं और अपने दिल से निकली नीली ऊर्जा को पूरे जंगल में फैलने दिया। पेड़-पौधे, फूल, पत्ते, यहाँ तक कि छोटी घास भी उसकी रोशनी से चमक उठी। हर पौधे से हल्की नीली ऊर्जा निकलकर परी के चारों ओर घूमने लगी। धीरे-धीरे यह ऊर्जा एक बड़े गोले में बदल गई और परी के हाथों में आ गई।

उसने वह ऊर्जा-गोला दानव की ओर फेंका। नीली चमक दानव से टकराते ही काला धुआँ गायब होने लगा और दानव का शरीर कमजोर पड़ने लगा। दानव पीछे हटता गया, उसकी ताकत घटने लगी और कुछ ही पलों में वह पूरी तरह से गायब हो गया, मानो कभी था ही नहीं। जंगल में फैला सारा जहर जमीन में समा गया और उसकी जगह हल्की नीली रोशनी फैलने लगी।

परी ने राहत की साँस ली और जंगल के पेड़ों को धीरे-धीरे अपनी पुरानी सुंदरता में लौटते देखा। मुरझाए पत्ते फिर से हरे हो गए, जमीन मुलायम हो गई और हवा में ताजगी लौट आई। जानवर अपने छिपने की जगहों से बाहर निकल आए और पेड़ों की टहनियों पर बैठकर खुशियों की आवाज़ें करने लगे। जंगल फिर से जीवन से भर गया।

शिक्षा: सतर्कता और साहस से बड़ी मुसीबत भी दूर हो जाती है।

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