एक नरम और फूला हुआ मख़मली खरगोश एक लड़के के खिलौने के डिब्बे में रहता था। हर दिन लड़का उसे उठाता और खेलता। खरगोश बहुत खुश रहता।
लेकिन फिर खिलौने के डिब्बे में नए और चमकदार खिलौने आने लगे। वे खास थे – कुछ बटन दबाने पर चलते, कुछ बहुत ऊँचाई तक कूदते। मख़मली खरगोश में कोई खासियत नहीं थी। इसलिए लड़का अब उन्हें चुनने लगा।
रात को, जब सभी खिलौने डिब्बे में लौटते, वे अपनी खूबियों के बारे में बातें करते। मख़मली खरगोश चुप रहता। लेकिन एक और खिलौना, काउबॉय हॉर्स, भी नरम और पुराना था। उसके बाल झड़ गए थे और एक आँख रह गई थी। उसने मख़मली खरगोश से कहा:
“हम जैसे नरम खिलौने सबसे भाग्यशाली होते हैं। हमें सबसे ज्यादा प्यार मिलता है। और जब हम प्यार से प्यार किए जाते हैं, हम सच्चे (Real) बन जाते हैं।”
“सच्चा (Real) क्या होता है?” मख़मली खरगोश ने पूछा।
“सच्चा होना सबसे अच्छा है,” काउबॉय हॉर्स ने कहा। “जब तुम सच्चे होते हो, तुम अपनी इच्छा से हिल सकते हो। और यदि तुम्हें प्यार किया गया है, तो तुम भी प्यार दिखा सकते हो।”
मख़मली खरगोश ने सोचा कि यह बहुत अच्छा है, लेकिन वह खिलौने के डिब्बे में ही फंसा हुआ था।
एक दिन नाना ने खिलौनों का डिब्बा खोला और मख़मली खरगोश को लड़के के पास फेंक दिया। अब खरगोश हर रोज़ लड़के के साथ खेलता, गले लगाता और साथ घूमता। उसके बाल थोड़े झड़ गए और नाक का गुलाबी रंग फीका हो गया, लेकिन उसे कोई परवाह नहीं थी – वह खुश था।
फिर लड़का बीमार हो गया। डॉक्टर ने कहा कि उसे बाहर जाना चाहिए, लेकिन नाना ने कहा, “यह पुराना खरगोश?”
डॉक्टर ने कहा, “यह तो रोग फैलाने वाला है। इसे तुरंत जला दो।”
खरगोश को बैग में डालकर बाहर फेंक दिया गया। बारिश होने लगी, और खरगोश उदास हो गया। तभी उसकी एक आँसू की बूँद गिरी, और उसी जगह से एक फूल उगा। फूल के बीच से एक छोटी परी निकली।
परी ने कहा:
“छोटे खरगोश, मैं वही परी हूँ जो प्यारे खिलौनों की देखभाल करती है। अब मैं तुम्हें सच्चा (Real) बना दूँगी।”
परी की जादू की छड़ी के एक स्पर्श से मख़मली खरगोश को अजीब सा अहसास हुआ। वह हिलने-डुलने लगा और अपनी इच्छा से हर जगह जा सकता था।
“यही सच्चा होना है!” उसने खुशी से कहा।
फिर परी ने उसे नए खरगोशों से मिलवाया और वह सब अच्छे दोस्त बन गए।
कुछ समय बाद लड़का समुंदर किनारे गया। वापस आकर उसने देखा कि उसके पिछला प्यारा खरगोश अब असली खरगोश बनकर उसके पास आया। लड़के को पता नहीं था कि यह वही उसका खरगोश था, जिसकी वजह से वह सच्चा (Real) बन पाया।