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फूलों-की-दुखी-परी-Flower-Fairy-Who-Lost-Her-Smile

फूलों की दुखी परी Flower Fairy Who Lost Her Smile

फूलों की दुखी परी फूलों के घाटी नाम की एक शांत और रंगीन जगह थी जहाँ हर तरफ खुशबू फैली रहती थी और छोटे छोटे तितलियाँ हवा में खेलती थीं। इस घाटी की सारी सुंदरता का ख्याल रखती थी फूलों की परी, जिसे सब सिया कहते थे। सिया की एक खास बात थी कि जितनी […]

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अहंकारी-पंडितों-की-शिक्षा---Humbling-Vedic-Pandits

अहंकारी पंडितों की शिक्षा – Humbling Vedic Pandits

अहंकारी पंडितों की शिक्षा एक समय की बात है, दो अहंकारी ब्राह्मण थे। वे स्वयं को वेदों का सर्वश्रेष्ठ ज्ञाता मानते थे और लोगों को शास्त्रार्थ के लिए ललकारा करते थे। उनकी एक विचित्र शर्त थी: जो भी हारे, उसे यह लिखित रूप में प्रमाणपत्र देना होगा कि वह वेदों के ज्ञान में इन दोनों […]

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singhasan-battisi-story-25-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 25 – जयलक्ष्मी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 25 पचीसवीं गुड़िया जयलक्ष्मी ने राजा भोज को रोकते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का स्वभाव और उसकी सोच एक-दूसरे से भिन्न होती है। जब तक कोई व्यक्ति यह न समझे कि संसार में अलग-अलग प्रकृतियाँ और विचार वाले लोग रहते हैं, तब तक वह उस सिंहासन पर बैठने योग्य नहीं […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: वचन की ताकत भाग बाईस

विक्रम और बेताल: वचन की ताकत घना जंगल अंधेरे में डूबा हुआ था। पेड़ों की परछाइयाँ हिलती हुई प्रतीत होती थीं और हवा में एक अनजाना भय तैर रहा था। राजा विक्रम अपने मजबूत कदमों के साथ श्मशान की ओर बढ़ रहे थे, जहाँ बेताल फिर से उसी पेड़ से उलटा लटका हुआ था। जैसे […]

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गुलिवर की यात्राएँ

गुलिवर की यात्राएँ – एक अद्भुत सफर

(Jonathan Swift की अमर कृति पर आधारित हिंदी कहानी) परिचय बहुत समय पहले इंग्लैंड में लेमुएल गुलिवर नाम का एक युवक रहता था। उसने चिकित्सा (दवा) की पढ़ाई की थी, लेकिन उसे डॉक्टरी पेशे में ज्यादा सफलता नहीं मिली। गुलिवर को समुद्र की सैर और नई-नई जगहों को देखने का बहुत शौक था। वह बार-बार समुद्री यात्राओं […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 14 – सुनैना की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 चौदहवें दिन जब राजा भोज दोबारा सिंहासन के पास पहुँचे, तभी चौदहवीं पुतली सुनैना प्रकट हुई और बोली कि पहले विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और साहस की कथा सुननी होगी, तभी निर्णय लिया जा सकेगा कि भोज सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। इतना कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने कहा […]

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Ego-&-Arrogance-Causes-a-Mighty-Fall---अहंकार-का-पतन

अहंकार का पतन – Ego & Arrogance Causes a Mighty Fall

अहंकार का पतन हैदराबाद के निकट वेमुलवाड़ा नगर में एक शिव मंदिर है, जहाँ राजराजेश्वर स्वामी विराजते हैं। उनके एक भक्त को एक वेश्या से प्रेम हो गया और उससे एक पुत्र उत्पन्न हुआ। भक्त विद्वान था और पुत्र भी प्रतिभाशाली निकला, जिसका नाम बीमा रखा गया। काव्य प्रतिभा के कारण वह “बीमा कवि” के […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई भाग सोलह

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई रात का समय था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था। हवा की तीखी सीटी जैसी आवाजें कानों में कौंध रही थीं, और सूखे पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर अजीब परछाइयाँ बन रही थीं, मानो […]

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कुत्ता-और-अपनी-परछाई-–-Dog-and-His-Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई – Dog and His Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई  एक हरी-भरी घाटी में एक छोटा सा गाँव बसा था, जिसके किनारे एक शांत नदी बहती थी और नदी पर एक मजबूत लकड़ी का पुल बना था। इस गाँव में एक कुत्ता रहता था, जिसका स्वभाव थोड़ा लालची था लेकिन दिल से वह बुरा नहीं था। उसे अपनी मेहनत से मिली […]

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Kirata-Arjuneeyam---किरातार्जुनीयम्

किरातार्जुनीयम् – Kirata Arjuneeyam

किरातार्जुनीयम् पांडव वीर अर्जुन अद्वितीय धनुर्धर थे, किन्तु उनमें भक्ति या श्रद्धा का नितांत अभाव माना जाता था। अपनी असीम शक्ति और कौशल के मद में वे ईश्वर की भक्ति को अनावश्यक समझते थे। इसी अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान शिव ने ‘किरातार्जुनीयम्’ की लीला रची—एक ऐसा युद्ध जहाँ अर्जुन का प्रतिद्वंद्वी स्वयं महादेव […]

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