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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम भाग चौदह

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम  रात गहरी हो चुकी थी। आसमान बादलों से ढका था और हवा में ठंडक ऐसी थी कि जंगल की पत्तियाँ एक दूसरे से टकरा कर अजीब सी फुसफुसाहट पैदा कर रही थीं। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य अपने वचन को निभाने के लिए श्मशान की ओर बढ़ते पड़ते थे और […]

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विक्रम और बेताल: राजधर्म का न्याय भाग चौबीस

विक्रम और बेताल: राजधर्म का न्याय रात का सन्नाटा अपने चरम पर था। घने जंगल की पगडंडी पर राजा विक्रम सिंह एक बार फिर उस प्रेत—बेताल—को अपने कंधे पर उठाए श्मशान की ओर बढ़ रहे थे। पेड़ों की सरसराहट, दूर कहीं झिंगुरों की आवाज़ और हल्की ठंडी हवा उस यात्रा को और भी रहस्यमय बना […]

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विक्रम और बेताल: असली योद्धा कौन? भाग पंद्रह

विक्रम और बेताल: असली योद्धा कौन? अंधेरी रात, घने पेड़ों की कतारें और हवा में फैलती मिट्टी की गंध। राजा विक्रमादित्य अपनी तलवार कमर पर बांधे हुए उसी दृढ़ कदमों से आगे बढ़ रहे थे जिन पर पूरा राज्य गर्व करता था। बेताल उनके कंधे पर उल्टा लटका था, पर उसकी आँखों में वही पुरानी […]

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लोमड़ी-और-अंगूर-की-बेल-–-The-Fox-and-the-Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल – The Fox and the Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल  घने जंगल के बीचोंबीच एक शांत खुली जगह थी, जहाँ सूरज की रोशनी इतनी सुंदर तरीके से गिरती थी कि वह जगह हमेशा गर्म और सुखद महसूस होती थी। वहाँ एक पुरानी लकड़ी की बाड़ के सहारे एक लंबी अंगूर की बेल फैली हुई थी। बेल इतनी ऊपर चढ़ चुकी […]

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singhasan-battisi-story-27-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 27 – मलयावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 27 मलयावती, जो राजा विक्रमादित्य के सिंहासन की सत्ताइसवीं गुड़िया थी, राजा भोज के सामने प्रकट होकर स्वयं का परिचय देते हुए बोली, “मेरा नाम मलयावती है। मैं उन बत्तीस अद्भुत गुड़ियों में से एक हूँ जिनमें विक्रमादित्य की अद्भुत स्मृतियाँ और प्रेरणादायक प्रसंग सुरक्षित हैं। हमारे स्वामी अतुलनीय विद्वान, दयालु, धर्मनिष्ठ […]

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विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल भाग छह

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल रात अत्यन्त अँधेरी थी। बीच-बीच में तेज़ बारिश की धाराएँ गिरतीं और फिर अचानक रुक जातीं। हवा के तेज़ झोंके पेड़ों को इस तरह हिलाते मानो वे किसी अदृश्य शक्ति के आगे काँप रहे हों। अजीब-अजीब सी आवाज़ें, दूर कहीं सियारों की करुण चीत्कार, और बीच-बीच में गड़गड़ाहट की […]

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जादुई-जंगल-और-कांच-की-परी---The-Enchanted-Forest-and-the-Glass-Fairy

जादुई जंगल और कांच की परी – The Enchanted Forest and the Glass Fairy

जादुई जंगल और कांच की परी बहुत समय पहले, एक शांत पहाड़ी गाँव में आरिया नाम की एक जिज्ञासु लड़की रहती थी। उसे दुनिया की हर नई चीज़ के बारे में जानने का शौक था। उसके दादा अक्सर उसे पुरानी कथाएँ सुनाते थे, जिनमें जादू, रहस्य और अद्भुत जीवों की कहानियाँ होती थीं। एक दिन […]

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चतुर-गौरैया-और-लालची-कौआ---Clever-Sparrow-and-the-Greedy-Crow (1)

चतुर गौरैया और लालची कौआ – Clever Sparrow and the Greedy Crow

चतुर गौरैया और लालची कौआ हरे पेड़ों और शांत हवा वाले एक छोटे से गाँव के पास एक लंबा-सा बरगद का पेड़ खड़ा था। उसी पेड़ पर रहती थी चतुर गौरैया चिनी, जो मेहनती, शांत स्वभाव वाली और हमेशा दूसरों की मदद करने वाली थी। पेड़ की सबसे ऊपरी डाल पर रहता था कौआ काला, […]

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रंगनाथ का दक्षिण मुख - Sharanagati

रंगनाथ का दक्षिण मुख – Sharanagati

रंगनाथ का दक्षिण मुख विभीषण रावण के छोटे भाई थे। रावण लंका का राजा था जिसे युद्ध में भगवान राम ने पराजित किया था। रावण के बाद, भगवान राम ने विभीषण को लंका का राजा नियुक्त किया। हालाँकि, विभीषण सदैव भगवान के सान्निध्य में रहना चाहते थे। इसलिए वे भगवान और सीता देवी के साथ […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई भाग सोलह

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई रात का समय था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था। हवा की तीखी सीटी जैसी आवाजें कानों में कौंध रही थीं, और सूखे पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर अजीब परछाइयाँ बन रही थीं, मानो […]

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