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भेड़िया-और-मेमने-का-बहाना---Wolf-and-the-Lamb’s-Excuse

भेड़िया और मेमने का बहाना – Wolf and the Lamb’s Excuse

भेड़िया और मेमने का बहाना एक शांत पहाड़ी इलाके में एक साफ बहती छोटी नदी थी जिसके किनारे हर सुबह नरम धूप चमकती थी और घास पर ओस मोती जैसी टिमटिमाती थी। उसी नदी के पास एक चरवाहे का टोल चलता था लेकिन कभी-कभी कुछ मेमने अकेले चरने चले जाते थे क्योंकि वहाँ का वातावरण […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई भाग सोलह

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई रात का समय था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था। हवा की तीखी सीटी जैसी आवाजें कानों में कौंध रही थीं, और सूखे पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर अजीब परछाइयाँ बन रही थीं, मानो […]

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चांडाल-का-जीवन-और-उद्धार---Chandalas-Life

चांडाल का जीवन और उद्धार – Chandalas Life

चांडाल का जीवन और उद्धार एक दिन की बात है, एक चांडाल श्री गुरु नरसिंह सरस्वती के निवास स्थान से गुज़र रहा था। उसने गुरुदेव को देखा और उनके प्रति अपने हृदय में एक गहरी जिज्ञासा जागी। वह गुरु के चरणों में आकर बैठ गया और विनम्रतापूर्वक पूछने लगा, “हे गुरुदेव, मैं इस जन्म में […]

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चाँद की रानी और काला बादल – Moon Queen and the Dark Cloud

चाँद की रानी और काला बादल रात का आसमान हमेशा से चाँद की नरम रोशनी से भरा रहता था। धरती पर रहने वाले लोग उसी चमक से अपने रास्ते पहचानते, बच्चे उसी के नीचे खेलते और समुद्र उसी हल्की रोशनी में शांत होकर लहरें फैलाता था। चाँद पर एक रानी रहती थी जिसे सब चाँद […]

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कोयल-और-कठफोड़वा---The-Cuckoo-and-the-Woodpecker

कोयल और कठफोड़वा – The Cuckoo and the Woodpecker

कोयल और कठफोड़वा  घने जंगल के बीच एक पुराना सा पेड़ खड़ा था जिसकी शाखाओं पर अलग-अलग पक्षियों के घर बसे थे। उसी पेड़ के एक ऊँचे हिस्से में कठफोड़वा का मजबूत और साफ-सुथरा घोंसला था। कठफोड़वा मेहनती था और सुबह से शाम तक अपनी चोंच से पेड़ को ठक-ठक करता रहता था, ताकि कीड़े […]

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जंगल-का-नींद-वाला-पेड़-The-Sleepy-Tree-of-the-Forest

जंगल का नींद वाला पेड़ – The Sleepy Tree of the Forest

जंगल का नींद वाला पेड़ घने और शांत जंगल के बीचोंबीच एक छोटा सा खरगोश रहता था जिसका नाम टुनटुन था। टुनटुन बाकी खरगोशों से थोड़ा अलग था। उसके कान लंबे थे, पर उससे भी लंबी उसकी जिज्ञासा थी। वह हर दिन कुछ नया ढूंढने निकल पड़ता था। एक सुबह वह पेड़ों के पीछे छुपकर […]

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आसमान छूने की चाहत

आसमान छूने की चाहत

हवा का तेज़ झोंका आया। पोस्टमैन मुश्किल से शर्मा जी के घर के दरवाज़े तक पहुँचा। जब दरवाज़ा खुला, तो श्रीमती शर्मा ने “नमस्ते भैया” कहा, लेकिन “धन्यवाद” कहने से पहले ही हवा ने पोस्टमैन के हाथ से चिट्ठियाँ छीन लीं और वे घर के अंदर उड़ गईं। दरवाज़ा ज़ोर से भड़ाम हो गया। श्रीमती […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 5 – लीलावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 5 पांचवीं गुड़िया लीलावती की कहानी इस प्रकार है कि अगले दिन प्रातःकाल राजा भोज फिर से उस अद्वितीय सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, किंतु जैसे ही वे पास पहुँचे, सिंहासन से पांचवीं गुड़िया निकलकर उनके समक्ष आ खड़ी हुई और मधुर स्वर में बोली कि मेरा नाम लीलावती है […]

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क्या बनोगे तुम – आलू, अंडा या चायपत्ती?

यह कहानी समझाती है कि कठिनाई का सामना अलग-अलग लोग कैसे करते हैं। एक गाँव में आशा नाम की लड़की अपने माता-पिता के साथ रहती थी। एक दिन उसके पिता ने उसे एक साधारण कार्य सौंपा। उन्होंने उबलते पानी से भरे तीन बर्तन लिए। एक बर्तन में उन्होंने एक अंडा रखा, दूसरे में एक आलू […]

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नीले-जंगल-की-रक्षक-परी-The-Guardian-Fairy-of-the-Blue-Forest

नीले जंगल की रक्षक परी – The Guardian Fairy of the Blue Forest

नीले जंगल की रक्षक परी नीले जंगल के बीचोंबीच हरियाली से भरा एक सुंदर इलाका था जहाँ ऊँचे पेड़, चमकती झीलें और हल्की नीली धुंध हमेशा रहती थी। इस पूरे जंगल की रक्षा एक दयालु परी करती थी, जिसे सब नीली रक्षक कहकर बुलाते थे। उसके पंख हल्के नीले रंग के थे और उनमें से […]

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