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दो-दोस्तों-और-सच-बोलने-की-ताकत---Two-Friends-and-the-Power-of-Truth

दो दोस्त और सच बोलने की ताकत – Two Friends and the Power of Truth

दो दोस्त और सच बोलने की ताकत एक शांत और खूबसूरत गाँव था जिसका नाम था कमलपुर। इस गाँव में हर कोई एक-दूसरे को जानता था और सभी मिलजुल कर रहते थे। इसी गाँव में दो सबसे अच्छे दोस्त रहते थे। पहला था आरव, जो सीधा-सादा, ईमानदार और हमेशा सच बोलने वाला बच्चा था। दूसरा […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: वचन की ताकत भाग बाईस

विक्रम और बेताल: वचन की ताकत घना जंगल अंधेरे में डूबा हुआ था। पेड़ों की परछाइयाँ हिलती हुई प्रतीत होती थीं और हवा में एक अनजाना भय तैर रहा था। राजा विक्रम अपने मजबूत कदमों के साथ श्मशान की ओर बढ़ रहे थे, जहाँ बेताल फिर से उसी पेड़ से उलटा लटका हुआ था। जैसे […]

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जंगल-का-नींद-वाला-पेड़-The-Sleepy-Tree-of-the-Forest

जंगल का नींद वाला पेड़ – The Sleepy Tree of the Forest

जंगल का नींद वाला पेड़ घने और शांत जंगल के बीचोंबीच एक छोटा सा खरगोश रहता था जिसका नाम टुनटुन था। टुनटुन बाकी खरगोशों से थोड़ा अलग था। उसके कान लंबे थे, पर उससे भी लंबी उसकी जिज्ञासा थी। वह हर दिन कुछ नया ढूंढने निकल पड़ता था। एक सुबह वह पेड़ों के पीछे छुपकर […]

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लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल - Persistence and Attention to Detail

लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल – Persistence and Attention to Detail

लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल कर्नाटक के एक प्रतिष्ठित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में केशव नाम का एक छात्र यांत्रिक इंजीनियरिंग पढ़ रहा था। केशव एक मेधावी छात्र था। वह आठ सेमेस्टर के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के छठे सेमेस्टर में पढ़ रहा था। पिछले पांचों सेमेस्टर में केशव ने डिस्टिंक्शन के साथ उत्तीर्णता प्राप्त की थी। […]

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आसमान छूने की चाहत

आसमान छूने की चाहत

हवा का तेज़ झोंका आया। पोस्टमैन मुश्किल से शर्मा जी के घर के दरवाज़े तक पहुँचा। जब दरवाज़ा खुला, तो श्रीमती शर्मा ने “नमस्ते भैया” कहा, लेकिन “धन्यवाद” कहने से पहले ही हवा ने पोस्टमैन के हाथ से चिट्ठियाँ छीन लीं और वे घर के अंदर उड़ गईं। दरवाज़ा ज़ोर से भड़ाम हो गया। श्रीमती […]

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raman-takes-revenge-on-tatacharya-6

तेनाली रामन की पुरोहित से बदला लेने की योजना और चतुराइयाँ – 6 से 10

ताताचार्य से बदला लेता है रामन – 6 इस प्रकार तेनाली रामन कृष्णदेव राय के दरबारी विदूषक बन गए। उन्होंने अपने परिवार के लिए एक घर बनवाया। उन्होंने अपने पारिवारिक मामलों को लगभग स्थिर कर लिया था। वह ताताचार्य को सबक सिखाने का अवसर ढूंढ रहे थे। अंततः रामन को पुरोहित से बदला लेने का […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 21 – चंद्रज्योति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 21 अगली सुबह जब राजा भोज पुनः उस दिव्य सिंहासन पर बैठने का प्रयत्न करने लगे, तो उसी क्षण उनके सामने इक्कीसवीं पुतली चंद्रज्योति प्रकट हुई। वह चमकती हुई रौशनी की तरह उनके सम्मुख अवतरित हुई और मनोहर स्वर में बोली कि वह विक्रमादित्य के पवित्र और शक्तिमान सिंहासन की इक्कीसवीं पुतली […]

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Raman-Fooled-the-Robbers---48

चतुराई और हास्य से सजी तेनाली रामन की कथाएँ – 46 से 50

दुल्हन ने दुल्हे को जूता फेंका – 46 एक बार राजा तेनाली रामन से निजी वार्ता में व्यस्त थे। बातचीत के बीच राजा ने रामन को एक असामान्य चुनौती दी। रामन ने कहा कि एक स्त्री एक वर्ष के भीतर उनके मुख पर चप्पल फेंकेगी। राजा ने यह चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि यदि […]

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झूठा गडरिया

एक गाँव में एक लापरवाह गडरिया लड़का अपने पिता के साथ रहता था। एक दिन पिता ने उसे समझाया कि अब वह काफी बड़ा हो गया है और भेड़ों की देखभाल का दायित्व संभाल सकता है। इसलिए प्रतिदिन उसे भेड़ों के झुंड को हरे भरे मैदानों में ले जाना और उन्हें चरते हुए पहरा देना […]

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युद्धकाण्ड की पावन कथा – 8

युद्धकाण्ड की पावन कथा और राम की युद्ध घोषणा राम हनुमान की ओर मुड़े और बोले, “हे वायुपुत्र हनुमान, तुम सचमुच महान हो। तुमने एक महान कार्य पूर्ण किया है जो किसी के द्वारा भी संपन्न नहीं किया जा सकता। तुमने विस्तृत समुद्र को पार किया। केवल गरुड़ और वायु ही समुद्र को पार कर […]

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