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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: एक अधूरी प्रतिज्ञा और प्राणों की बाज़ी पर टिका सत्य भाग पाँच

विक्रम और बेताल: एक अधूरी प्रतिज्ञा और प्राणों की बाज़ी पर टिका सत्य रात अत्यंत भयावह थी। कभी हल्की, कभी तेज़ वर्षा रुक-रुक कर हो रही थी। तेज़ हवाएँ पेड़ों को झकझोर रही थीं। वातावरण में अजीब सी घुटन और अनजान आवाज़ें गूंज रही थीं। बिजली की चमक के साथ आसपास की परछाइयाँ विकराल चेहरों […]

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बोलने-वाली-झील-की-परी-The-Fairy-of-the-Whispering-Lake

बोलने वाली झील की परी – The Fairy of the Whispering Lake

बोलने वाली झील की परी हरे-भरे जंगलों के बीच एक शांत और चौड़ी झील थी जिसे लोग फुसफुसाती झील कहते थे क्योंकि वहाँ की हवा और पानी किसी से भी बातें कर लेते थे। पानी इतना साफ था कि उसमें आसमान, पेड़ और इंसान की भावनाएँ तक दिख जाती थीं। रात में झील हल्की नीली […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: चार ब्राह्मणपुत्र और बना हुआ सिंह भाग सात

विक्रम और बेताल: चार ब्राह्मणपुत्र और बना हुआ सिंह एक समय की बात है, किसी गाँव में एक गरीब किन्तु अत्यंत विद्वान ब्राह्मण रहता था। उसके चार पुत्र थे जिन्हें उसने बचपन से ही वेदों, शास्त्रों और पवित्र ज्ञान की शिक्षा दी। पिता और माता दोनों ही चाहते थे कि उनके पुत्र विद्वान बनें, योग्य […]

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सुनहरी-हवा-की-रानी-Golden-Queen-of-the-Wind

सुनहरी हवा की रानी – Golden Queen of the Wind

सुनहरी हवा की रानी  एक शांत सा गाँव था जहाँ हर सुबह सूरज की रोशनी और हल्की हवा बच्चों को खेलने का बुलावा देती थी। गाँव वाले इस हवा को अपना दोस्त मानते थे क्योंकि यह खेतों में खड़ी फसलों को झुलाती थी, पेड़ों को नाचने पर मजबूर करती थी और गर्मी में ठंडी राहत […]

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परी और सोने का स्पर्श

एक छोटे से शहर में एक बहुत लालची आदमी रहता था। वह पहले से ही बहुत धनी था, लेकिन उसे सोने और कीमती चीज़ों का कभी संतोष नहीं होता था। उसे हमेशा और अधिक धन की चाह रहती थी। हालाँकि, इन सबके बीच वह अपनी छोटी बेटी से बहुत प्रेम करता था। उसकी बेटी ही […]

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कुत्ता-और-अपनी-परछाई-–-Dog-and-His-Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई – Dog and His Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई  एक हरी-भरी घाटी में एक छोटा सा गाँव बसा था, जिसके किनारे एक शांत नदी बहती थी और नदी पर एक मजबूत लकड़ी का पुल बना था। इस गाँव में एक कुत्ता रहता था, जिसका स्वभाव थोड़ा लालची था लेकिन दिल से वह बुरा नहीं था। उसे अपनी मेहनत से मिली […]

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तेनालीराम : अद्भुत बुद्धि और विनोद का प्रतीक – 1 से 5

 तेनाली रामन का असाधारण जीवन और राजदरबार में प्रवेश – 1 तेनालीराम की कथा दक्षिण भारत के प्रख्यात विजयनगर साम्राज्य के उस स्वर्णकाल से जुड़ी है, जब यह राज्य अपनी समृद्धि, शक्ति, वैभव और सांस्कृतिक उन्नति के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध था। उस युग में राजा कृष्णदेवराय न केवल वीर और दूरदर्शी शासक थे, बल्कि […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: इंसानियत की असली पहचान भाग बीस

विक्रम और बेताल: इंसानियत की असली पहचान अंधेरी रात का वह समय था जब श्मशान की आग बुझ चुकी थी और हवा में बस धुएँ की हल्की सी गंध तैर रही थी। राजा विक्रम अपनी तलवार संभाले हुए उसी पेड़ की ओर बढ़ रहे थे जहाँ बेताल उल्टा लटका रहता था। हर कहानी के साथ […]

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दानवीर कर्ण का त्याग - Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग – Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग बारिश की झड़ी लगी हुई थी। मूसलाधार वर्षा ने सब कुछ भिगो दिया था। उसी बीच एक ब्राह्मण यज्ञ की सामग्री जुटाने के लिए निकला था। उसे यज्ञ के लिए सूखी लकड़ियों की आवश्यकता थी, किंतु वर्षा के कारण बाहर का समस्त काष्ठ भीगा हुआ था। निराश ब्राह्मण सबसे पहले हस्तिनापुर […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम भाग चौदह

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम  रात गहरी हो चुकी थी। आसमान बादलों से ढका था और हवा में ठंडक ऐसी थी कि जंगल की पत्तियाँ एक दूसरे से टकरा कर अजीब सी फुसफुसाहट पैदा कर रही थीं। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य अपने वचन को निभाने के लिए श्मशान की ओर बढ़ते पड़ते थे और […]

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