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सिंहासन बत्तीसी कथा 27 – मलयावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 27 मलयावती, जो राजा विक्रमादित्य के सिंहासन की सत्ताइसवीं गुड़िया थी, राजा भोज के सामने प्रकट होकर स्वयं का परिचय देते हुए बोली, “मेरा नाम मलयावती है। मैं उन बत्तीस अद्भुत गुड़ियों में से एक हूँ जिनमें विक्रमादित्य की अद्भुत स्मृतियाँ और प्रेरणादायक प्रसंग सुरक्षित हैं। हमारे स्वामी अतुलनीय विद्वान, दयालु, धर्मनिष्ठ […]

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हवा-में-उड़ती-नाव-Flying-Boat

हवा में उड़ती नाव – Flying Boat

हवा में उड़ती नाव एक शांत से गाँव में कई बच्चे रहते थे जो हमेशा नई रोमांचक चीज़ों के सपने देखते थे, लेकिन उनके खेल अक्सर जमीन तक ही सीमित रहते थे। कभी पेड़ों पर चढ़ना, कभी पतंग उड़ाना और कभी नदी किनारे दौड़ लगाना। पर वे आसमान को देखकर हमेशा सोचते कि काश वे […]

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The Prince and His Servants

राजकुमार और उसके असाधारण सेवक – The Prince and His Servants

राजकुमार और उसके असाधारण सेवक  एक समय की बात है, राजकुमार वीरेंद्र एक छोटे से राज्य का गरीब लेकिन दिल का धनी राजकुमार था। वह हमेशा से सपना देखता था कि उसे सच्चा प्रेम मिले, कोई ऐसा जो उसे उसके दिल की अच्छाई के लिए चाहे, न कि उसकी दौलत के लिए। एक दिन पड़ोस […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 3 – चंद्रकला की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 3 सिंहासन बत्तीसी की तीसरी गुड़िया चंद्रकला की यह कहानी न्याय, पराक्रम, साहस और भाग्य के अद्भुत संगम को दर्शाती है। एक दिन सुबह-सुबह राजा भोज सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े ही थे कि तीसरी गुड़िया चंद्रकला अपने स्थान से निकलकर उनके सामने आ खड़ी हुई। उसने कहा कि वे […]

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दो बिल्लियाँ और चालाक बंदर

  एक समय की बात है, दो बिल्लियाँ गहरी मित्र थीं। एक दिन संयोग से उन्हें रास्ते में एक रोटी का टुकड़ा मिल गया। दोनों में उसे बाँटने की बात हुई। परंतु जब उन्होंने रोटी के दो टुकड़े किए, तो एक टुकड़ा दूसरे से बड़ा निकला। दोनों अपने-अपने हिस्से के लिए बड़ा टुकड़ा चाहती थीं। […]

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हाथी और चूहों का हुजूम – The Elephant and the Mice

हाथी और चूहों का हुजूम  जंगल के बीचोंबीच एक पुराना रास्ता था जिसे हर दिन कई जानवर इस्तेमाल करते थे। उसी रास्ते के पास एक सूखा तालाब था, जिसके किनारों पर चूहों का एक बड़ा झुंड रहता था। यह जगह उनके लिए सुरक्षित थी क्योंकि आसपास घास थी, पेड़ों के खोखले तनों में उनके बिल […]

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अरण्यकाण्ड की पावन कथा – 5

अरण्यकाण्ड की पावन कथा और दण्डक वन में श्रीराम का आगमन भरत वन में आए, राम से मिले, उनसे बातें कीं, उन्हें अयोध्या लौट चलने का अनुरोध किया, अपने प्रयास में सफल न हो सके तथा राम की पादुकाएँ लेकर अयोध्या लौट गए। तीनों माताएँ वहाँ आईं, वन में राम के जीवन को देखा, आँसू […]

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चाँद की रोशनी वाली छोटी परी – Moonlight Fairy

चाँद की रोशनी वाली छोटी परी सिया हर रात अपनी खिड़की के पास बैठकर आसमान को देखती थी। उसके कमरे की दीवारों पर हल्की सफेदी सी चमक फैल जाती थी और लगता था जैसे कहीं दूर चाँद की किरणें उसके लिए कोई छोटा सा रास्ता बना रही हों। सिया को यह चमक बहुत पसंद थी […]

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तीन-छोटे-सूअरों-की-कहानी

तीन छोटे सूअरों की कहानी

एक समय तीन छोटे सूअर भाई रहते थे। उन्होंने अपने-अपने घर बनाने का निश्चय किया। सबसे बड़े सूअर ने घास-फूस से अपना घर बनाया क्योंकि यह सामग्री हल्की और सर्वसुलभ थी। दूसरे सूअर ने लकड़ी का घर बनाया क्योंकि पेड़ से मज़बूत घर तैयार हो सकता था। किंतु सबसे छोटे सूअर ने ईंटें जोड़नी शुरू […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: क्षमा की महानता भाग अठारह

विक्रम और बेताल: क्षमा की महानता  रात का अंधेरा गहरा था। श्मशान भूमि में हल्की धुंध घिरी हुई थी, और हवा की सरसराहट में सूखे पत्तों की भँभोर जैसी आवाज गूँज रही थी। पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकरा रही थीं, मानो किसी अदृश्य शक्ति के साथ संघर्ष कर रही हों। उस अंधकार और रहस्यमय […]

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