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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: मेहनत और भाग्य की परीक्षा भाग इक्कीस

विक्रम और बेताल: मेहनत और भाग्य की परीक्षा रात गहरी होती जा रही थी। श्मशान की चिता से उठती मंद लपटें आसमान में अजीब-सी रौशनी फैला रही थीं। पूरा वातावरण भय, मरघट और रहस्य से भरा हुआ था। लेकिन राजा विक्रम एक बार फिर बेताल को पकड़ने के लिए निर्भीकता से आगे बढ़ रहे थे। […]

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विक्रम और बेताल: झूठी शान का अंत भाग सत्रह

विक्रम और बेताल: झूठी शान का अंत रात का अंधेरा गहरा था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था, और पेड़ों की सूखी शाखाएँ हवा में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर गूंजती फुसफुसाहटें और हवा में उड़ते पत्तों की सरसराहट वातावरण को और भी भयानक बना रही थी। […]

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काँच-का-जंगल-_-The-Glass-Forest

काँच का जंगल | The Glass Forest

काँच का जंगल एक शांत गाँव की सीमा से थोड़ी दूर एक रहस्यमय जंगल था जिसे लोग काँच का जंगल कहते थे। कोई भी वहाँ आसानी से नहीं जाता था क्योंकि कहा जाता था कि उस जंगल में हर पेड़, हर पत्ता, हर फूल, यहाँ तक कि मिट्टी भी चमचमाते काँच की बनी हुई थी। […]

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दत्तात्रेय-का-भोजन-और-चमत्कार---Feeding-Dattatreya-Bestows-Miracles

दत्तात्रेय का भोजन और चमत्कार – Feeding Dattatreya Bestows Miracles

दत्तात्रेय का भोजन और चमत्कार एक गरीब ब्राह्मण दंपत्ति थे – राजा शर्मा और उनकी पत्नी सुमती। उनके अनेक संतानें हुईं, परंतु केवल दो ही जीवित बच पाईं: एक अंधा पुत्र और दूसरा लंगड़ा पुत्र। उनके परिवार की परंपरा थी कि दोपहर में ब्राह्मण अतिथियों को भोजन कराए बिना स्वयं भोजन नहीं करते। एक दिन, […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ भाग ग्यारह

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ  रात हमेशा की तरह शांत नहीं थी, बल्कि भय और रहस्य से भरी हवा श्मशान भूमि में घूम रही थी। राजा विक्रम अपने कंधे पर बेताल को उठाए पुराने पीपल के पेड़ से वापस तांत्रिक की ओर बढ़ रहे थे। चिता की बुझती राख हवा में उड़ […]

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अग्निदेव का वरदान | The Blessing of Agni Dev

अग्निदेव का वरदान | The Blessing of Agni Dev

अग्निदेव का वरदान  बहुत समय पहले की बात है। उत्तरी पर्वतों से घिरे एक शांत और समृद्ध राज्य का नाम था अग्निकाश। यह राज्य कृषि, संस्कृति और देवपूजा के लिए प्रसिद्ध था। लोग प्रकृति की पूजा करते और विशेष रूप से अग्निदेव का आभार मानते, क्योंकि उनका विश्वास था कि अग्निदेव ही राज्य में उष्मा, […]

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सोने का मृत्यु स्वरूप - Death Redefined

खज़ाने की आख़िरी कीमत – The Price of Greed

सोने का मृत्यु स्वरूप एक दिन एक सन्यासी गाँव की सड़क पर दौड़ रहा था। वह पूरी रफ्तार से भाग रहा था। लगता था मानो कोई उसका पीछा कर रहा हो। दौड़ते हुए वह हाँफ रहा था और उसका चेहरा भय से सफेद पड़ गया था। तीन गाँव के युवक – विजय, राजा और अरुण […]

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विक्रम और बेताल: राजधर्म का न्याय भाग चौबीस

विक्रम और बेताल: राजधर्म का न्याय रात का सन्नाटा अपने चरम पर था। घने जंगल की पगडंडी पर राजा विक्रम सिंह एक बार फिर उस प्रेत—बेताल—को अपने कंधे पर उठाए श्मशान की ओर बढ़ रहे थे। पेड़ों की सरसराहट, दूर कहीं झिंगुरों की आवाज़ और हल्की ठंडी हवा उस यात्रा को और भी रहस्यमय बना […]

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जादुई-मोरपंख-–-The-Magical-Peacock-Feather

जादुई मोरपंख – The Magical Peacock Feather

जादुई मोरपंख एक छोटे से कस्बे में ईशान नाम का एक खुशमिजाज बच्चा रहता था जो हमेशा कुछ नया सीखने और समझने की कोशिश करता था। उसे प्रकृति से बहुत लगाव था और वह अक्सर पास के जंगल में घूमने जाता था, जहाँ उसे पक्षियों की आवाजें, ताज़ी हवा की महक और सूरज की हल्की […]

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The Softly Speaking Waves of the River

नदी की धीमी बोलती लहरें – The Softly Speaking Waves of the River

नदी की धीमी बोलती लहरें शांतपुर नाम के छोटे, सुंदर और हरे-भरे कस्बे में एक दस साल का लड़का रहता था, जिसका नाम था पार्थ। पार्थ को हमेशा से प्रकृति के करीब रहना अच्छा लगता था। दूसरे बच्चे मोबाइल में गेम खेलते या टीवी देखते रहते, लेकिन पार्थ का मन नदी, पेड़, मिट्टी और हवा […]

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