हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

life-of-sage-valmiki-and-the-divine-origin-of-the-ramayana

महर्षि वाल्मीकि का जीवन और रामकथा की दिव्य उत्पत्ति – 2

महर्षि वाल्मीकि का जीवन अत्यंत अद्भुत और प्रेरणादायक है। एक समय वह एक साधारण शिकारी थे जो अपने जीवन में असंख्य पाप और अपराध करते थे। जानवरों का शिकार करना उनका रोज़ का काम था। उसी दौरान एक दिन उन्हें मार्ग में कुछ तपस्वी ऋषि मिले। शिकारी ने सोचा कि वह उन्हें लूटकर अपने परिवार […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम भाग चौदह

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम  रात गहरी हो चुकी थी। आसमान बादलों से ढका था और हवा में ठंडक ऐसी थी कि जंगल की पत्तियाँ एक दूसरे से टकरा कर अजीब सी फुसफुसाहट पैदा कर रही थीं। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य अपने वचन को निभाने के लिए श्मशान की ओर बढ़ते पड़ते थे और […]

Continue Reading
लोमड़ी-और-अंगूर-की-बेल-–-The-Fox-and-the-Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल – The Fox and the Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल  घने जंगल के बीचोंबीच एक शांत खुली जगह थी, जहाँ सूरज की रोशनी इतनी सुंदर तरीके से गिरती थी कि वह जगह हमेशा गर्म और सुखद महसूस होती थी। वहाँ एक पुरानी लकड़ी की बाड़ के सहारे एक लंबी अंगूर की बेल फैली हुई थी। बेल इतनी ऊपर चढ़ चुकी […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल भाग छह

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल रात अत्यन्त अँधेरी थी। बीच-बीच में तेज़ बारिश की धाराएँ गिरतीं और फिर अचानक रुक जातीं। हवा के तेज़ झोंके पेड़ों को इस तरह हिलाते मानो वे किसी अदृश्य शक्ति के आगे काँप रहे हों। अजीब-अजीब सी आवाज़ें, दूर कहीं सियारों की करुण चीत्कार, और बीच-बीच में गड़गड़ाहट की […]

Continue Reading
Bharavi,-the-Humbled-Poet---भरवि,-दंभहीन-कवि

भरवि, दंभहीन कवि – Bharavi, the Humbled Poet

भरवि, दंभहीन कवि एक बार की बात है, एक महान कवि भरवि रहते थे। वे अत्यंत विद्वान, वेद-पुराणों के ज्ञाता और काव्य में निपुण थे। उनकी प्रशंसा राजा करते, सहचर विद्वान करते, माता करतीं और पत्नी भी करती थीं। किंतु, उनके स्वयं के पिता ने उन्हें कभी एक बार भी प्रशंसा के दो शब्द नहीं […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा भाग तीन

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा बहुत समय पहले एक प्रतिष्ठित और विद्वान पुरोहित के घर एक कन्या ने जन्म लिया जिसका नाम मंदारवती रखा गया। वह जन्म से ही अत्यंत सुंदर, सुसंस्कृत और सभी के हृदय को मोह लेने वाली थी। जैसे-जैसे वह बड़ी होती गई, उसकी सुंदरता और विनम्रता […]

Continue Reading
क्रिस्टल-परी-की-भूलभुलैया---Crystal-Fairy’s-Maze

क्रिस्टल परी की भूलभुलैया – Crystal Fairy’s Maze

क्रिस्टल परी की भूलभुलैया हरे पहाड़ों के बीच एक शांत और चमकदार जंगल था जिसे लोग क्रिस्टल वन कहते थे। इस जंगल की खासियत थी कि यहाँ हर पत्ती, हर बेल और हर पत्थर में हल्की कांच जैसी चमक रहती थी। धूप जैसे ही गिरती, पूरा जंगल इंद्रधनुषी रोशनी से जगमगा उठता था। कहा जाता […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-7-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 7 – कौमुदी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 7 सातवें दिन, जब राजा भोज ने फिर से सिंहासन की ओर बढ़ने का प्रयास किया, सातवीं गुड़िया सिंहासन से उठकर उनके सामने खड़ी हो गई। उसने विनम्र लेकिन गंभीर स्वर में कहा, “राजन, मेरा नाम कौमुदी है। इस सिंहासन पर बैठने का प्रयास मत कीजिए जब तक आप इसके योग्य नहीं […]

Continue Reading
बादल-का-छोटा-बेटा-Cloud’s-Little-Son

बादल का छोटा बेटा: हिम्मत और भरोसे की उड़ान | The Little Cloud Boy: A Flight of Courage and Faith

बादल का छोटा बेटा: हिम्मत और भरोसे की उड़ान आकाश के बहुत ऊपर जहाँ सूरज की किरणें बादलों को सुनहरा बना देती हैं और हवा हमेशा खुश रहती है, वहाँ एक छोटा सा बादल था जिसका नाम नन्हू था। वह बाकी बादलों की तरह चुपचाप तैरता नहीं था, बल्कि वह बहुत जिज्ञासु था। उसे नई […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-14-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 – सुनैना की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 चौदहवें दिन जब राजा भोज दोबारा सिंहासन के पास पहुँचे, तभी चौदहवीं पुतली सुनैना प्रकट हुई और बोली कि पहले विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और साहस की कथा सुननी होगी, तभी निर्णय लिया जा सकेगा कि भोज सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। इतना कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने कहा […]

Continue Reading