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चिड़िया-और-आँधी-–-The-Bird-and-the-Storm

चिड़िया और आँधी – The Bird and the Storm

चिड़िया और आँधी  एक छोटा सा गाँव था जो पहाड़ियों और खेतों से घिरा हुआ था। उस गाँव के किनारे एक पुराना सा पीपल का पेड़ खड़ा था जो कई बरसों से मौसमों को आते और जाते देखता रहा था। उसी पेड़ की एक ऊँची टहनी पर एक नन्ही चिड़िया रहती थी। वह कोई खास […]

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सुई वाला पेड़

एक जंगल के पास दो भाई रहते थे। बड़ा भाई छोटे के प्रति बहुत निर्दयी था। वह सारा खाना स्वयं खा जाता और छोटे के नए कपड़े भी पहन लेता। एक दिन बड़े भाई ने जंगल से लकड़ियाँ काटकर बेचने का विचार किया। पेड़ काटते-काटते वह एक जादुई पेड़ के पास पहुँचा। पेड़ बोला, “हे […]

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स्वर्ण-परी-और-टूटे-दिल-वाला-राजा---Golden-Fairy-and-the-Broken-Hearted-King

स्वर्ण परी और टूटे दिल वाला राजा – Golden Fairy and the Broken-Hearted King

स्वर्ण परी और टूटे दिल वाला राजा बहुत समय पहले एक दूर बसे राज्य में एक राजा रहता था जिसका दिल हमेशा भारी सा लगता था। उसकी आँखों के नीचे थकान रहती थी, महल कितना भी सुन्दर क्यों न हो, उसे कोई चीज़ खुश नहीं कर पाती थी। उसके सेवक उसे तरह-तरह के त्योहार, खेल […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 14 – सुनैना की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 चौदहवें दिन जब राजा भोज दोबारा सिंहासन के पास पहुँचे, तभी चौदहवीं पुतली सुनैना प्रकट हुई और बोली कि पहले विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और साहस की कथा सुननी होगी, तभी निर्णय लिया जा सकेगा कि भोज सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। इतना कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने कहा […]

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चींटी-और-कबूतर-की-मित्रता

चींटी और कबूतर की मित्रता

एक बार की बात है, एक प्यासी चींटी नदी से पानी पी रही थी। अचानक वह संतुलन खो बैठी और नदी के पानी में गिर गई। चींटी जोर-जोर से चिल्लाने लगी, “बचाओ! बचाओ!” परंतु उसकी पुकार कोई नहीं सुन पाया। पास ही एक पेड़ पर बैठी एक कबूतर ने चींटी को संकट में देखा। उसने […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 1 – रत्नमंजरी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 1 एक सुंदर गुड़िया अचानक तेज़ प्रकाश से घिरी और कुछ ही क्षणों में वह एक दिव्य और तेजस्वी स्त्री में बदल गई। उसके चेहरे पर अद्भुत चमक थी। वह मधुर पर दृढ़ स्वर में बोली,“राजा भोज, मैं रत्नमंजरी हूँ। हम इसलिए हँसे क्योंकि आप उस महान राजा जैसे नहीं हैं, जो […]

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Raman's-Soul-and-the-King's-Fear---11

तेनाली रामन की अपूर्व चतुराई और राजदरबार के किस्से – 11 से 15

रामन की आत्मा और राजा का भय – 11   ब्राह्मण हत्या एक महापाप मानी जाती थी। इस पाप का प्रायश्चित करना आवश्यक था। यह विश्वास प्राचीन काल से चला आ रहा था। तेनाली रामन एक ब्राह्मण थे। राजा ने रामन को मार डाला था। इस क्रूर कृत्य का दुष्प्रभाव समस्त देश पर पड़ेगा। महल […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 4 – कम कांडला की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 4 अगले दिन सुबह राजा भोज फिर से उसी दिव्य सिंहासन पर बैठने पहुँचे। जैसे ही उन्होंने आसन पर बैठने का प्रयास किया, सिंहासन से चौथी गुड़िया निकलकर उनके सामने खड़ी हो गई। उसने कहा मेरा नाम कम कांडला है। पहले मेरी कहानी सुनो और उसके बाद तय करो कि क्या तुम […]

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बंदर-और-मगरमच्छ-की-चालाकी-–-The-Monkey-and-the-Crocodile

बंदर और मगरमच्छ की चालाकी – The Monkey and the Crocodile

बंदर और मगरमच्छ की चालाकी  गहरे और शांत बहते नदी के किनारे एक पुराना जामुन का पेड़ था। उसकी डालियाँ दूर तक फैली थीं और हर मौसम में उस पर रसीले, गहरे रंग के जामुन खूब लगते थे। पेड़ के ऊपर रहता था एक चुस्त बंदर। उसे पेड़, नदी और आसपास का पूरा इलाका अच्छी […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा भाग तीन

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा बहुत समय पहले एक प्रतिष्ठित और विद्वान पुरोहित के घर एक कन्या ने जन्म लिया जिसका नाम मंदारवती रखा गया। वह जन्म से ही अत्यंत सुंदर, सुसंस्कृत और सभी के हृदय को मोह लेने वाली थी। जैसे-जैसे वह बड़ी होती गई, उसकी सुंदरता और विनम्रता […]

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