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सिंहासन-बत्तीसी-की-कहानियाँ-(Sinhasan-Battisi-Stories)

सिंहासन बत्तीसी: विक्रमादित्य के अद्भुत किस्सों का आरंभ

सिंघासन बत्तीसी—यानी “बत्तीस कथाओं वाला सिंहासन”—भारतीय लोककथाओं का एक अनमोल खजाना है। यह सिर्फ कहानियों का संग्रह नहीं है, बल्कि एक ऐसी कालजयी कृति है जिसमें इतिहास, कल्पना और नैतिक शिक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कहानी की शुरुआत होती है 11वीं शताब्दी के विद्वान और पराक्रमी सम्राट राजा भोज से। एक दिन […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 9 – मधुमालती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 9 अगले दिन जब राजा भोज फिर से उस अद्भुत सिंहासन के समीप पहुँचे तो नौवीं पुतली उनके सामने एक सुंदर स्त्री के रूप में प्रकट हुई। उसने मधुर किंतु दृढ़ स्वर में कहा कि उसका नाम मधुमालती है। उसने स्पष्ट किया कि इस सिंहासन पर बैठने के लिए राजा को वही […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: चार ब्राह्मणपुत्र और बना हुआ सिंह भाग सात

विक्रम और बेताल: चार ब्राह्मणपुत्र और बना हुआ सिंह एक समय की बात है, किसी गाँव में एक गरीब किन्तु अत्यंत विद्वान ब्राह्मण रहता था। उसके चार पुत्र थे जिन्हें उसने बचपन से ही वेदों, शास्त्रों और पवित्र ज्ञान की शिक्षा दी। पिता और माता दोनों ही चाहते थे कि उनके पुत्र विद्वान बनें, योग्य […]

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विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस भाग तेईस

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस घोर अंधेरा फैला हुआ था। रात की निस्तब्धता को केवल झींगुरों की आवाजें ही तोड़ रही थीं। राजा विक्रम अपनी दृढ़ चाल के साथ जंगल से होते हुए फिर उसी श्मशान की ओर बढ़ रहे थे। हवा भारी थी, पर उनका संकल्प इससे भी अधिक दृढ़। बेताल हमेशा […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 25 – जयलक्ष्मी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 25 पचीसवीं गुड़िया जयलक्ष्मी ने राजा भोज को रोकते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का स्वभाव और उसकी सोच एक-दूसरे से भिन्न होती है। जब तक कोई व्यक्ति यह न समझे कि संसार में अलग-अलग प्रकृतियाँ और विचार वाले लोग रहते हैं, तब तक वह उस सिंहासन पर बैठने योग्य नहीं […]

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गुलिवर की यात्राएँ

गुलिवर की यात्राएँ – एक अद्भुत सफर

(Jonathan Swift की अमर कृति पर आधारित हिंदी कहानी) परिचय बहुत समय पहले इंग्लैंड में लेमुएल गुलिवर नाम का एक युवक रहता था। उसने चिकित्सा (दवा) की पढ़ाई की थी, लेकिन उसे डॉक्टरी पेशे में ज्यादा सफलता नहीं मिली। गुलिवर को समुद्र की सैर और नई-नई जगहों को देखने का बहुत शौक था। वह बार-बार समुद्री यात्राओं […]

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रवि की जिंदगी का बड़ा सबक – Ravi’s Big Life Lesson

रवि की जिंदगी का बड़ा सबक – Ravi’s Big Life Lesson

रवि की जिंदगी का बड़ा सबक  रवि नौ साल का एक साधारण लेकिन जिज्ञासु बच्चा था, जो अक्सर अपनी छोटी-छोटी बातों में भी खुशी ढूँढ लेता था। वह हमेशा दौड़ता-भागता रहता, पेड़ों पर चढ़ता और दोस्तों के साथ खेलता। पर एक बात उसे सबसे ज़्यादा परेशान करती थी—उसे लगता था कि वह गलती नहीं कर […]

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Raman-Fooled-the-Robbers---48

चतुराई और हास्य से सजी तेनाली रामन की कथाएँ – 46 से 50

दुल्हन ने दुल्हे को जूता फेंका – 46 एक बार राजा तेनाली रामन से निजी वार्ता में व्यस्त थे। बातचीत के बीच राजा ने रामन को एक असामान्य चुनौती दी। रामन ने कहा कि एक स्त्री एक वर्ष के भीतर उनके मुख पर चप्पल फेंकेगी। राजा ने यह चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि यदि […]

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singhasan-battisi-story-3-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 3 – चंद्रकला की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 3 सिंहासन बत्तीसी की तीसरी गुड़िया चंद्रकला की यह कहानी न्याय, पराक्रम, साहस और भाग्य के अद्भुत संगम को दर्शाती है। एक दिन सुबह-सुबह राजा भोज सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े ही थे कि तीसरी गुड़िया चंद्रकला अपने स्थान से निकलकर उनके सामने आ खड़ी हुई। उसने कहा कि वे […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 20 – ज्ञानवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 20 बीसवें दिन जब राजा भोज पुनः सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, तभी बीसवीं गुड़िया ज्ञानवती उनके मार्ग में आ गई। उसने अपना परिचय दिया और राजा से कहा कि पहले वह राजा विक्रमादित्य की एक कथा सुने, फिर स्वयं निर्णय करे कि वह इस अद्भुत सिंहासन पर बैठने योग्य […]

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