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मृत्यु-को-जीतने-वाला-बालक---The-Boy-Who-Defeated-Death

मृत्यु को जीतने वाला बालक – The Boy Who Defeated Death

मृत्यु को जीतने वाला बालक साधु मृकण्डु और उनकी पत्नी मरुद्मती का आश्रम शांति से भरा था, पर उनके हृदय में एक टीस थी। आध्यात्मिक ज्ञान और सादगी के सभी सुख होने के बावजूद, एक संतान का सुख उनसे दूर था। वर्षों तक उन्होंने अविचल भक्ति से भगवान शिव की आराधना की और एक पुत्र […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: राजधर्म का न्याय भाग चौबीस

विक्रम और बेताल: राजधर्म का न्याय रात का सन्नाटा अपने चरम पर था। घने जंगल की पगडंडी पर राजा विक्रम सिंह एक बार फिर उस प्रेत—बेताल—को अपने कंधे पर उठाए श्मशान की ओर बढ़ रहे थे। पेड़ों की सरसराहट, दूर कहीं झिंगुरों की आवाज़ और हल्की ठंडी हवा उस यात्रा को और भी रहस्यमय बना […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 4 – कम कांडला की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 4 अगले दिन सुबह राजा भोज फिर से उसी दिव्य सिंहासन पर बैठने पहुँचे। जैसे ही उन्होंने आसन पर बैठने का प्रयास किया, सिंहासन से चौथी गुड़िया निकलकर उनके सामने खड़ी हो गई। उसने कहा मेरा नाम कम कांडला है। पहले मेरी कहानी सुनो और उसके बाद तय करो कि क्या तुम […]

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झूठा गडरिया

एक गाँव में एक लापरवाह गडरिया लड़का अपने पिता के साथ रहता था। एक दिन पिता ने उसे समझाया कि अब वह काफी बड़ा हो गया है और भेड़ों की देखभाल का दायित्व संभाल सकता है। इसलिए प्रतिदिन उसे भेड़ों के झुंड को हरे भरे मैदानों में ले जाना और उन्हें चरते हुए पहरा देना […]

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मेंढक और चूहे की दोस्ती

एक समय की बात है, एक चूहा और एक मेंढक गहरे मित्र थे। हर सुबह मेंढक तालाब से निकलकर पेड़ के छेद में रहने वाले चूहे से मिलने आता। वह उसके साथ समय बिताकर वापस अपने घर चला जाता। एक दिन मेंढक ने सोचा कि वह हमेशा चूहे से मिलने खुद ही क्यों आए? चूहा […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 8 – पुष्पवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 8 सिंहासन बत्तीसी की आठवीं गुड़िया पुष्पवती की कहानी एक अद्भुत प्रसंग है जिसमें पराक्रम, करुणा, धर्म और त्याग का संदेश छिपा हुआ है। आठवें दिन जब राजा भोज सिंहासन के निकट पहुँचे तो आठवीं गुड़िया पुष्पवती प्रकट हुई। उसने राजा भोज से कहा कि उसका नाम पुष्पवती है और वह उन्हें […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 3 – चंद्रकला की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 3 सिंहासन बत्तीसी की तीसरी गुड़िया चंद्रकला की यह कहानी न्याय, पराक्रम, साहस और भाग्य के अद्भुत संगम को दर्शाती है। एक दिन सुबह-सुबह राजा भोज सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े ही थे कि तीसरी गुड़िया चंद्रकला अपने स्थान से निकलकर उनके सामने आ खड़ी हुई। उसने कहा कि वे […]

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क्या बनोगे तुम – आलू, अंडा या चायपत्ती?

यह कहानी समझाती है कि कठिनाई का सामना अलग-अलग लोग कैसे करते हैं। एक गाँव में आशा नाम की लड़की अपने माता-पिता के साथ रहती थी। एक दिन उसके पिता ने उसे एक साधारण कार्य सौंपा। उन्होंने उबलते पानी से भरे तीन बर्तन लिए। एक बर्तन में उन्होंने एक अंडा रखा, दूसरे में एक आलू […]

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सपनों-का-पुल-_-The-Bridge-of-Dreams

सपनों का पुल: रोशनी, दोस्ती और भरोसे की जादुई यात्रा | The Bridge of Dreams: A Magical Journey of Light, Friendship, and Faith

 रोशनी, दोस्ती और भरोसे की जादुई यात्रा एक शांत पहाड़ी कस्बे में दो घनिष्ठ दोस्त रहते थे। दोनों का नाम अलग था, लेकिन उनके दिल एक जैसे थे। एक था साहसी और जोश से भरा हुआ, दूसरा था शांत और सोचने में माहिर। दिन भर दोनों साथ खेलते, बातें करते और नए नए ख्यालों में […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 29 – मानवती की कथा

इस कथा के अनुसार, उनत्तीसवें दिन जब राजा भोज शक्तिशाली और गौरवशाली सिंहासन पर बैठने का प्रयास कर रहे थे, तभी उनत्तीसवीं गुड़िया मानवती ने उन्हें रोकते हुए कहा कि वे तभी इस अद्भुत सिंहासन पर बैठने योग्य होंगे, जब उनमें राजा विक्रमादित्य जैसे महान गुणों का समावेश हो। उन्होंने अपने परिचय के बाद राजा […]

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