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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: असली योद्धा कौन? भाग पंद्रह

विक्रम और बेताल: असली योद्धा कौन? अंधेरी रात, घने पेड़ों की कतारें और हवा में फैलती मिट्टी की गंध। राजा विक्रमादित्य अपनी तलवार कमर पर बांधे हुए उसी दृढ़ कदमों से आगे बढ़ रहे थे जिन पर पूरा राज्य गर्व करता था। बेताल उनके कंधे पर उल्टा लटका था, पर उसकी आँखों में वही पुरानी […]

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विक्रम और बेताल: क्षमा की महानता भाग अठारह

विक्रम और बेताल: क्षमा की महानता  रात का अंधेरा गहरा था। श्मशान भूमि में हल्की धुंध घिरी हुई थी, और हवा की सरसराहट में सूखे पत्तों की भँभोर जैसी आवाज गूँज रही थी। पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकरा रही थीं, मानो किसी अदृश्य शक्ति के साथ संघर्ष कर रही हों। उस अंधकार और रहस्यमय […]

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विक्रम और बेताल: वचन की ताकत भाग बाईस

विक्रम और बेताल: वचन की ताकत घना जंगल अंधेरे में डूबा हुआ था। पेड़ों की परछाइयाँ हिलती हुई प्रतीत होती थीं और हवा में एक अनजाना भय तैर रहा था। राजा विक्रम अपने मजबूत कदमों के साथ श्मशान की ओर बढ़ रहे थे, जहाँ बेताल फिर से उसी पेड़ से उलटा लटका हुआ था। जैसे […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 14 – सुनैना की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 चौदहवें दिन जब राजा भोज दोबारा सिंहासन के पास पहुँचे, तभी चौदहवीं पुतली सुनैना प्रकट हुई और बोली कि पहले विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और साहस की कथा सुननी होगी, तभी निर्णय लिया जा सकेगा कि भोज सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। इतना कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने कहा […]

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विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ भाग ग्यारह

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ  रात हमेशा की तरह शांत नहीं थी, बल्कि भय और रहस्य से भरी हवा श्मशान भूमि में घूम रही थी। राजा विक्रम अपने कंधे पर बेताल को उठाए पुराने पीपल के पेड़ से वापस तांत्रिक की ओर बढ़ रहे थे। चिता की बुझती राख हवा में उड़ […]

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परी और सोने का स्पर्श

एक छोटे से शहर में एक बहुत लालची आदमी रहता था। वह पहले से ही बहुत धनी था, लेकिन उसे सोने और कीमती चीज़ों का कभी संतोष नहीं होता था। उसे हमेशा और अधिक धन की चाह रहती थी। हालाँकि, इन सबके बीच वह अपनी छोटी बेटी से बहुत प्रेम करता था। उसकी बेटी ही […]

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बोलता-हुआ-पेड़-The-Talking-Tree

बोलता हुआ पेड़ – The Talking Tree

बोलता हुआ पेड़ हरी पहाड़ियों और साफ नीले आसमान के बीच बसा एक शांत गाँव था, जहाँ लोग मेहनती थे और बच्चों की हँसी हर तरफ गूँजती थी। इस गाँव के बीच एक छोटा जंगल था, जिसे लोग कम ही पार करते थे। जंगल में एक बहुत पुराना पेड़ था, जिसका तना चौड़ा और पत्ते […]

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चाँदी-की-मछली-और-अँधेरा-समुद्र-Silver-Fish-and-the-Dark-Sea

चाँदी की मछली और अँधेरा समुद्र – Silver Fish and the Dark Sea

चाँदी की मछली और अँधेरा समुद्र समुद्र की गहराइयों में एक ऐसी मछली रहती थी जिसकी चमक देखकर पूरा समुद्र उजाला हो जाता था। उसका नाम चाँदी था क्योंकि उसका पूरा शरीर रात में हल्की चाँदी जैसी चमक देता था। जब भी समुद्र का पानी शांत होता और चाँद ऊपर से रोशनी भेजता, तब पानी […]

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शेर-और-छींकता-हुआ-हाथी---Lion-and-The-Sneezing-Elephant

शेर और छींकता हुआ हाथी – Lion and The Sneezing Elephant

शेर और छींकता हुआ हाथी जंगल के बीचोंबीच एक शांत और हरा-भरा इलाका था जहाँ तरह-तरह के जानवर रहते थे। वहाँ का राजा था शेर भीम, जिसे सभी जानवर बहुत मान देते थे। शेर भीम न सिर्फ ताकतवर था बल्कि बहुत समझदार भी था। उसी जंगल में एक बड़ा और प्यारा हाथी गजानन भी रहता […]

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अबिरामी देवी की असीम भक्ति - True Devotion to Abirami

अबिरामी देवी की असीम भक्ति – True Devotion to Abirami

अबिरामी देवी की असीम भक्ति तमिलनाडु की पवित्र भूमि पर एक बार सुब्रह्मण्यम नामक एक महान भक्त रहते थे। उनकी आराध्य थीं माँ अबिरामी। उनकी भक्ति इतनी गहन और निश्छल थी कि वे हर किसी को देवी की महिमा के बारे में बताने लगते। वे अबिरामी मंदिर के पास लोगों का समूह जमा करते, देवी […]

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