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मछुआरा-और-दैत्य-–-The-Fisherman-and-the-Giant-Tale

मछुआरा और दैत्य – The Fisherman and the Giant Tale

मछुआरा और दैत्य समुद्र किनारे बसे एक छोटे से गाँव में एक गरीब मछुआरा रहता था जिसका नाम फ़रीद था। उसकी ज़िंदगी हर दिन एक ही संघर्ष से भरी होती थी। सुबह से शाम तक वह समुद्र में जाल डालता, लेकिन बदले में सिर्फ कुछ साधारण मछलियाँ मिलतीं, जिनसे परिवार का गुज़ारा मुश्किल से चलता […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 22 – अनुरोधवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 22 जब राजा भोज सिंहासन पर बैठने हेतु अग्रसर हुए, तो बाईसवीं गुड़िया उनके सामने आई और विनम्र स्वर में बोली कि वह उन्हें राजा विक्रमादित्य के एक विशिष्ट गुण का प्रसंग सुनाएगी। उसने अपना परिचय देते हुए कहा कि उसका नाम अनुरोधवती है और वह जानना चाहती है कि क्या राजा […]

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आलसी गधे की चालाकी - Dealing with the Lazy Donkey

आलसी गधे की चालाकी – Dealing with the Lazy Donkey

आलसी गधे की चालाकी एक बार की बात है, एक नमक व्यापारी था। नमक बेचने के लिए उसे कपड़े के बोरे भरने पड़ते, गधे पर लादने पड़ते, फिर गधे के साथ एक नदी पार करके दूसरे किनारे के बाजार में जाकर नमक बेचना पड़ता। एक दिन व्यापारी बाजार पहुँचने में देर से निकला। जल्दबाजी में […]

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गिलहरी-और-खोया-हुआ-अखरोट-का-खज़ाना---The-Squirrel-and-the-Lost-Nut-Treasure

गिलहरी और खोया हुआ अखरोट का खज़ाना – The Squirrel and the Lost Nut Treasure

गिलहरी और खोया हुआ अखरोट का खज़ाना हरे भरे जंगल में एक छोटी, फुर्तीली और चंचल गिलहरी रहती थी, जिसका नाम चिक्की था. चिक्की अपनी चमकीली भूरी पूंछ और तेज़ नज़रों के लिए मशहूर थी. वह हमेशा शाखाओं से शाखाओं पर कूदती रहती, अपने लिए अखरोट, फल, और बीज इकट्ठे करती. लेकिन उसकी सबसे खास […]

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श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता - Krishna & Kuchela (Sudama)

श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता – Krishna and Sudama

श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता प्राचीन काल में गुरु सांदीपनी के आश्रम में दो मित्र पढ़ते थे – श्रीकृष्ण और सुदामा। दोनों में गहरी मैत्री थी। समय बीता, श्रीकृष्ण द्वारिकापुरी के समृद्ध राजा बन गए, जबकि ब्राह्मण सुदामा गरीबी में जीवन व्यतीत करने लगे। सुदामा का विवाह हुआ, संतानें हुईं, किंतु दरिद्रता ने उनका पीछा […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा भाग तीन

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा बहुत समय पहले एक प्रतिष्ठित और विद्वान पुरोहित के घर एक कन्या ने जन्म लिया जिसका नाम मंदारवती रखा गया। वह जन्म से ही अत्यंत सुंदर, सुसंस्कृत और सभी के हृदय को मोह लेने वाली थी। जैसे-जैसे वह बड़ी होती गई, उसकी सुंदरता और विनम्रता […]

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मोर और कौवों की सभा – Peacock and the Crows’ Meeting

मोर और कौवों की सभा एक बड़े और शांत से जंगल के बीचोंबीच एक पुराना सा बरगद का पेड़ था, जिसकी फैली हुई शाखाओं पर हर तरह के पक्षी बैठते थे। उसी पेड़ के नीचे रोज सुबह एक छोटी सी सभा लगती थी। इस सभा में जंगल के कई पक्षी आते थे, पर सबसे ज्यादा […]

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दूधवाली और उसकी मटकी

एक ग्वालिन थी जिसका नाम पारो था। एक दिन उसने अपनी गाय का दूध निकाला और दो बाल्टी भरकर ताजा दूध लेकर बाजार चल दी। उसने दोनों बाल्टियों को एक डंडे पर लटकाया और बेचने के लिए रवाना हुई। बाजार जाते हुए उसके मन में धन के ख्याल आने लगे। वह सोचने लगी कि दूध […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 32 – रूपवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 32 बत्तीसवें दिन राजा भोज अपने निर्णय के साथ बत्तीसवीं गुड़िया के सामने पहुँचे। गुड़िया ने उन्हें देखकर कहा कि आज वे सिंहासन पर बैठने के लिए उत्सुक नहीं दिख रहे हैं। उसने अपना परिचय देते हुए कहा, “राजा भोज, मैं रूपवती हूँ, इन सभी गुड़ियाओं की अधिष्ठात्री। आज आपके मन में […]

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राजा-योगी-की-परीक्षा---King-Janaka

राजा योगी की परीक्षा – King Janaka

राजा योगी की परीक्षा राजा जनक दूर-दूर तक एक “राजा योगी” के रूप में विख्यात थे। इसका अर्थ था कि वे एक साथ ही एक सम्राट और एक संत थे। उनके पास भौतिक सम्पदा का अकूत भंडार था, किंतु वे स्वयं को उनका स्वामी नहीं मानते थे और न ही उनकी उपस्थिति इन साधनों पर […]

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