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वचन के धनी कर्ण - Karna – A Man of his Word

वचन के धनी कर्ण – Karna A Man of his Word

वचन के धनी कर्ण महाभारत का युद्ध प्रारंभ होने से पहले, पांडवों की माता कुंती देवी कर्ण से मिलने गईं। कर्ण कुंती देवी का ज्येष्ठ पुत्र था, परंतु विवशतावश उन्होंने उसे त्याग दिया था। अब कर्ण एक पराक्रमी योद्धा बन चुका था और पांडवों के विरुद्ध युद्ध में था। वह कौरव सेना के अग्रणी दुर्योधन […]

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सोने का मृत्यु स्वरूप - Death Redefined

खज़ाने की आख़िरी कीमत – The Price of Greed

सोने का मृत्यु स्वरूप एक दिन एक सन्यासी गाँव की सड़क पर दौड़ रहा था। वह पूरी रफ्तार से भाग रहा था। लगता था मानो कोई उसका पीछा कर रहा हो। दौड़ते हुए वह हाँफ रहा था और उसका चेहरा भय से सफेद पड़ गया था। तीन गाँव के युवक – विजय, राजा और अरुण […]

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The Girl Who Woke the Sleeping Forest

जंगल की नींद खोलने वाली लड़की – The Girl Who Woke the Sleeping Forest

जंगल की नींद खोलने वाली लड़की गाँव के पास फैला हुआ एक बड़ा, खूबसूरत जंगल था। सुबह की हवा वहाँ हमेशा ताज़ा लगती थी, पत्तियाँ हल्की आवाज़ में सरसराती थीं और छोटे-छोटे जानवर इधर-उधर दौड़ते रहते थे। इस जंगल को गाँव वाले “जीता जागता जंगल” कहते थे, क्योंकि यहाँ की हर चीज़ में जैसे ज़िंदगी […]

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कोयल-और-कठफोड़वा---The-Cuckoo-and-the-Woodpecker

कोयल और कठफोड़वा – The Cuckoo and the Woodpecker

कोयल और कठफोड़वा  घने जंगल के बीच एक पुराना सा पेड़ खड़ा था जिसकी शाखाओं पर अलग-अलग पक्षियों के घर बसे थे। उसी पेड़ के एक ऊँचे हिस्से में कठफोड़वा का मजबूत और साफ-सुथरा घोंसला था। कठफोड़वा मेहनती था और सुबह से शाम तक अपनी चोंच से पेड़ को ठक-ठक करता रहता था, ताकि कीड़े […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 26 – विश्वासवती की कथा

छब्बीसवें दिन जब राजा भोज पुनः सिंहासन पर बैठने आए, तो छब्बीसवीं गुड़िया मृगनयनी उनके सामने प्रकट हुई। उसने कहा कि राजा विक्रमादित्य केवल एक महान शासक ही नहीं थे, बल्कि अद्वितीय तपस्वी और दयालु व्यक्ति भी थे। उसने राजा भोज से आग्रह किया कि वह उसकी कथा सुनें और स्वयं तय करें कि क्या […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 24 – करुणावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 24 चौबीसवें दिन जब राजा भोज सिंहासन के समीप पहुँचे तो चौबीसवीं पुतली करुणावती प्रकट हुई और बोली कि वे पहले राजा विक्रमादित्य की कथा सुनें और फिर निर्णय लें कि वे इस अद्भुत सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। यह कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने बताया कि विक्रमादित्य अपनी […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: वचन की ताकत भाग बाईस

विक्रम और बेताल: वचन की ताकत घना जंगल अंधेरे में डूबा हुआ था। पेड़ों की परछाइयाँ हिलती हुई प्रतीत होती थीं और हवा में एक अनजाना भय तैर रहा था। राजा विक्रम अपने मजबूत कदमों के साथ श्मशान की ओर बढ़ रहे थे, जहाँ बेताल फिर से उसी पेड़ से उलटा लटका हुआ था। जैसे […]

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परियों-की-रसोई-Fairy-Kitchen

परियों की रसोई – Fairy Kitchen

परियों की रसोई जंगल के उस कोने में एक पुरानी लकड़ी की झोपड़ी थी जिसे हर कोई सिर्फ एक साधारण घर समझता था, लेकिन असल में वह झोपड़ी एक जादुई रसोई थी जिसे परियाँ चलाती थीं और इस रसोई का एक नियम था कि यहाँ से खाना सिर्फ उन्हें मिलता था जो किसी की मदद […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ भाग ग्यारह

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ  रात हमेशा की तरह शांत नहीं थी, बल्कि भय और रहस्य से भरी हवा श्मशान भूमि में घूम रही थी। राजा विक्रम अपने कंधे पर बेताल को उठाए पुराने पीपल के पेड़ से वापस तांत्रिक की ओर बढ़ रहे थे। चिता की बुझती राख हवा में उड़ […]

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बच्चों के लिए हिंदी कहानियाँ

भूतों की 5 मनमोहक कहानियाँ | बच्चों के लिए हिंदी कहानियाँ

1. गोलू और पेड़ का दोस्त (Golu aur Ped ka Dost) गोलू अपने घर के आँगन में बड़े से आम के पेड़ के नीचे बैठकर किताब पढ़ना बहुत पसंद करता था। उसे लगता था मानो पेड़ उसका साथी हो। एक दिन, जब वह किताब पढ़ रहा था, तभी हवा का एक झोंका आया और एक […]

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