सिंहासन बत्तीसी कथा 2 – चित्रलेखा की कथा
सिंहासन बत्तीसी कथा 2 दिन के दूसरे पहर में राजा भोज एक बार फिर उस दिव्य सिंहासन पर बैठने चले। जैसे ही वे सिंहासन पर बैठने वाले थे, उसी क्षण दूसरी गुड़िया वहाँ से बाहर आ गई। गुड़िया बोली, “ठहरिए महाराज। मेरा नाम चित्रलेखा है। इस सिंहासन पर बैठने से पहले राजा विक्रमादित्य की यह […]
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