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लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल - Persistence and Attention to Detail

लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल – Persistence and Attention to Detail

लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल कर्नाटक के एक प्रतिष्ठित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में केशव नाम का एक छात्र यांत्रिक इंजीनियरिंग पढ़ रहा था। केशव एक मेधावी छात्र था। वह आठ सेमेस्टर के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के छठे सेमेस्टर में पढ़ रहा था। पिछले पांचों सेमेस्टर में केशव ने डिस्टिंक्शन के साथ उत्तीर्णता प्राप्त की थी। […]

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गुलाबों-का-महल---The-Palace-of-Roses

गुलाबों का महल – The Palace of Roses

गुलाबों का महल एक शांत और सुंदर राज्य के किनारे एक घना जंगल था, जिसे लोग बहुत कम जानते थे। उसी जंगल के बीचोंबीच एक पुराना महल छिपा हुआ था, जिसे दूर से देखने पर लगता था जैसे वह धुंध और रहस्य में लिपटा बैठा हो। कहते थे कि वहाँ कोई रहता नहीं, फिर भी […]

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रहस्यमयी घंटी की सीख - The Lesson From the Mysterious Bell

रहस्यमयी घंटी की सीख – The Lesson From the Mysterious Bell

रहस्यमयी घंटी की सीख गाँव हरियापुर चारों तरफ फैली हरियाली, मिट्टी की पगडंडियों और शांत वातावरण वाला एक खूबसूरत गाँव था। यहाँ रहने वाले लोग सीधी, सच्ची और मेहनती जीवनशैली में विश्वास रखते थे। इसी गाँव में मीरा नाम की एक समझदार और दयालु लड़की रहती थी, जो केवल पढ़ाई में ही नहीं बल्कि अच्छे […]

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शहरी-चूहा-और-ग्रामीण-चूहा

शहरी चूहा और ग्रामीण चूहा

एक समय की बात है, एक शहरी चूहा और एक ग्रामीण चूहा रहते थे। एक दिन ग्रामीण चूहे ने शहरी चूहे को अपने घर आमंत्रित किया। ग्रामीण चूहे ने जब भोजन परोसा तो शहरी चूहा निराश हो गया। उसने कहा, “बस इतना ही? यह तो कुछ मक्का और अनाज के दाने मात्र हैं। यदि तुम […]

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singhasan-battisi-story-11-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 11 – त्रिलोचनी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 11 ग्यारहवें दिन, राजा भोज धीरे-धीरे राज्याभिषेक की ओर बढ़े। तभी ग्यारहवीं गुड़िया त्रिलोचनी प्रकट हुई और उन्होंने राजा के सामने राजा विक्रमादित्य की एक अन्य कथा कहनी शुरू की। “राजा भोज, मेरा नाम त्रिलोचनी है। मैंने इस सिंहासन के महान शासक राजा विक्रमादित्य की लंबे समय तक सेवा की है। मैंने […]

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तेनाली रामन की पुरोहित से बदला लेने की योजना और चतुराइयाँ – 6 से 10

ताताचार्य से बदला लेता है रामन – 6 इस प्रकार तेनाली रामन कृष्णदेव राय के दरबारी विदूषक बन गए। उन्होंने अपने परिवार के लिए एक घर बनवाया। उन्होंने अपने पारिवारिक मामलों को लगभग स्थिर कर लिया था। वह ताताचार्य को सबक सिखाने का अवसर ढूंढ रहे थे। अंततः रामन को पुरोहित से बदला लेने का […]

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खरगोश-और-कड़वी-औषधि-–-The-Rabbit-and-the-Bitter-Medicine

खरगोश और कड़वी औषधि – The Rabbit and the Bitter Medicine

खरगोश और कड़वी औषधि  हरीभरी पहाड़ियों के पास बसे एक शांत जंगल में एक छोटा सा खरगोश रहता था, जिसका नाम मीनू था। मीनू बहुत तेज दौड़ता था, पेड़ों के बीच कूदता-फाँदता फिरता था और पूरे जंगल का सबसे चंचल जीव माना जाता था। सुबह होते ही वह अपने बिल से निकलकर इधर-उधर दौड़ लगाता, […]

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Raman-Fooled-the-Robbers---48

चतुराई और हास्य से सजी तेनाली रामन की कथाएँ – 46 से 50

दुल्हन ने दुल्हे को जूता फेंका – 46 एक बार राजा तेनाली रामन से निजी वार्ता में व्यस्त थे। बातचीत के बीच राजा ने रामन को एक असामान्य चुनौती दी। रामन ने कहा कि एक स्त्री एक वर्ष के भीतर उनके मुख पर चप्पल फेंकेगी। राजा ने यह चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि यदि […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: कर्म और परिणाम का सत्य भाग दस

विक्रम और बेताल: कर्म और परिणाम का सत्य रात के सन्नाटे में चाँद बादलों में छिपता-निकलता हुआ भयावह आभा फैला रहा था। श्मशान की ओर जाती पगडंडी पर धीमे-धीमे चलते राजा विक्रमादित्य के कदमों की आहट ही सिर्फ सुनाई दे रही थी। उनके कंधों पर लटका बेताल हवा में लहराता हुआ बीच-बीच में हल्का-सा हँस […]

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परियों-की-रसोई-Fairy-Kitchen

परियों की रसोई – Fairy Kitchen

परियों की रसोई जंगल के उस कोने में एक पुरानी लकड़ी की झोपड़ी थी जिसे हर कोई सिर्फ एक साधारण घर समझता था, लेकिन असल में वह झोपड़ी एक जादुई रसोई थी जिसे परियाँ चलाती थीं और इस रसोई का एक नियम था कि यहाँ से खाना सिर्फ उन्हें मिलता था जो किसी की मदद […]

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