हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

आत्मीय संबंधों का अदृश्य सूत्र - Supra natural connections

आत्मीय संबंधों का अदृश्य सूत्र – Supra natural connections

आत्मीय संबंधों का अदृश्य सूत्र सन 1970 की बात है। मद्रास (अब चेन्नई) के तिरुपल्लीकनी इलाके में डॉक्टर रामास्वामी नाम के एक चिकित्सक रहते थे। लगभग 45 वर्ष की आयु के डॉक्टर रामास्वामी अपने निवास के पहले कमरे में ही निजी प्रैक्टिस करते थे और पूरे इलाके में एक कुशल चिकित्सक के रूप में प्रसिद्ध […]

Continue Reading
लोमड़ी-और-अंगूर-की-बेल-–-The-Fox-and-the-Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल – The Fox and the Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल  घने जंगल के बीचोंबीच एक शांत खुली जगह थी, जहाँ सूरज की रोशनी इतनी सुंदर तरीके से गिरती थी कि वह जगह हमेशा गर्म और सुखद महसूस होती थी। वहाँ एक पुरानी लकड़ी की बाड़ के सहारे एक लंबी अंगूर की बेल फैली हुई थी। बेल इतनी ऊपर चढ़ चुकी […]

Continue Reading
तीन मछलियों की कहानी - Story of Three Fish

तीन मछलियों की कहानी – Three Fish

तीन मछलियों की कहानी एक समय की बात है, एक नदी थी। उस नदी में तीन मछलियाँ रहती थीं। पहली मछली का नाम था “भविष्यदृष्टा”। भविष्यदृष्टा हमेशा भविष्य के लिए योजनाएँ बनाती रहती थी। वह हमेशा सोचती रहती थी कि आने वाले तीन महीनों, छह महीनों, बारह महीनों, चौबीस महीनों, पाँच सालों में नदी का […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: राजधर्म का न्याय भाग चौबीस

विक्रम और बेताल: राजधर्म का न्याय रात का सन्नाटा अपने चरम पर था। घने जंगल की पगडंडी पर राजा विक्रम सिंह एक बार फिर उस प्रेत—बेताल—को अपने कंधे पर उठाए श्मशान की ओर बढ़ रहे थे। पेड़ों की सरसराहट, दूर कहीं झिंगुरों की आवाज़ और हल्की ठंडी हवा उस यात्रा को और भी रहस्यमय बना […]

Continue Reading
लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल - Persistence and Attention to Detail

लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल – Persistence and Attention to Detail

लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल कर्नाटक के एक प्रतिष्ठित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में केशव नाम का एक छात्र यांत्रिक इंजीनियरिंग पढ़ रहा था। केशव एक मेधावी छात्र था। वह आठ सेमेस्टर के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के छठे सेमेस्टर में पढ़ रहा था। पिछले पांचों सेमेस्टर में केशव ने डिस्टिंक्शन के साथ उत्तीर्णता प्राप्त की थी। […]

Continue Reading
तीन-छोटे-सूअरों-की-कहानी

तीन छोटे सूअरों की कहानी

एक समय तीन छोटे सूअर भाई रहते थे। उन्होंने अपने-अपने घर बनाने का निश्चय किया। सबसे बड़े सूअर ने घास-फूस से अपना घर बनाया क्योंकि यह सामग्री हल्की और सर्वसुलभ थी। दूसरे सूअर ने लकड़ी का घर बनाया क्योंकि पेड़ से मज़बूत घर तैयार हो सकता था। किंतु सबसे छोटे सूअर ने ईंटें जोड़नी शुरू […]

Continue Reading
नन्ही-तितली-परी---Tiny-Butterfly-Fairy

नन्ही तितली परी – Tiny Butterfly Fairy

नन्ही तितली परी नीले पहाड़ों के पीछे एक शांत और रंगों से भरी घाटी थी, जिसे लोग रूपनगर कहते थे। यहाँ हर सुबह सूरज की किरणें ऐसे गिरती थीं जैसे सोने की हल्की बारिश हो रही हो। इस घाटी में फूल सिर्फ फूल नहीं थे, वे हवा के साथ गुनगुनाते थे। पत्तों में हल्की चमक […]

Continue Reading
नीले-बादल-का-अनोखा-सफर---The-Magical-Journey-of-the-Blue-Cloud

नीले बादल का अनोखा सफर – The Magical Journey of the Blue Cloud

नीले बादल का अनोखा सफर नीला एक छोटा सा बादल था जो बाकी बादलों से थोड़ा अलग था क्योंकि उसका रंग हल्का आसमानी नहीं बल्कि बिल्कुल साफ नीला था जैसे किसी ने रंग भर दिया हो। बाकी बादल उसे देखकर हमेशा हंसते थे और कहते थे कि वह बहुत अजीब है, लेकिन नीला कभी बुरा […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: सत्य प्रेम और छलावा भाग उन्नीस

विक्रम और बेताल: सत्य प्रेम और छलावा  रात अपने गहरे सन्नाटे के साथ पूरी तरह जंगल पर फैल चुकी थी। पेड़ों की शाखाओं के बीच चाँद की हल्की रोशनी ऐसे उतर रही थी जैसे आसमान से किसी ने टूटे मोतियों को धीरे धीरे धरती पर बिखेर दिया हो। राजा विक्रम, अपने दृढ़ कदमों के साथ, […]

Continue Reading
जादुई-टेबल-गधा-और-लाठी-–-The-Magical-Table-Donkey-and-Stick (1)

जादुई टेबल, गधा और लाठी – The Magical Table, Donkey and Stick

जादुई टेबल, गधा और लाठी यह कहानी तीन भाइयों की है। बहुत समय पहले उत्तर भारत के एक छोटे से गाँव सनपुरा में तीन भाई रहते थे—हरिदास, मोहनदास और सबसे छोटा गोपीनाथ। तीनों स्वभाव से भले, मेहनती और एक-दूसरे से गहरा प्रेम करने वाले थे। बचपन से ही उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझता रहा […]

Continue Reading