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तेनाली रमन की कहानियाँ और दान से लेकर दरबार में प्रवेश – 21 से 25

रमन का दान – 21 राजा कृष्णदेवराय ने कहा कि हमें अपनी संपदा का एक भाग गरीबों को दान करना चाहिए। ईश्वर की कृपा से तुम्हें घर और संपत्ति प्राप्त है। क्या तुम अपनी संपत्ति का एक भाग गरीबों को दान कर सकते हो? रमन ने उत्तर दिया कि आपकी टिप्पणी बिल्कुल सही है। मैं […]

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फूलों-की-दुखी-परी-Flower-Fairy-Who-Lost-Her-Smile

फूलों की दुखी परी Flower Fairy Who Lost Her Smile

फूलों की दुखी परी फूलों के घाटी नाम की एक शांत और रंगीन जगह थी जहाँ हर तरफ खुशबू फैली रहती थी और छोटे छोटे तितलियाँ हवा में खेलती थीं। इस घाटी की सारी सुंदरता का ख्याल रखती थी फूलों की परी, जिसे सब सिया कहते थे। सिया की एक खास बात थी कि जितनी […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 5 – लीलावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 5 पांचवीं गुड़िया लीलावती की कहानी इस प्रकार है कि अगले दिन प्रातःकाल राजा भोज फिर से उस अद्वितीय सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, किंतु जैसे ही वे पास पहुँचे, सिंहासन से पांचवीं गुड़िया निकलकर उनके समक्ष आ खड़ी हुई और मधुर स्वर में बोली कि मेरा नाम लीलावती है […]

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विक्रम और बेताल: कर्म और परिणाम का सत्य भाग दस

विक्रम और बेताल: कर्म और परिणाम का सत्य रात के सन्नाटे में चाँद बादलों में छिपता-निकलता हुआ भयावह आभा फैला रहा था। श्मशान की ओर जाती पगडंडी पर धीमे-धीमे चलते राजा विक्रमादित्य के कदमों की आहट ही सिर्फ सुनाई दे रही थी। उनके कंधों पर लटका बेताल हवा में लहराता हुआ बीच-बीच में हल्का-सा हँस […]

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मख़मली खरगोश का जादुई सफर

एक नरम और फूला हुआ मख़मली खरगोश एक लड़के के खिलौने के डिब्बे में रहता था। हर दिन लड़का उसे उठाता और खेलता। खरगोश बहुत खुश रहता। लेकिन फिर खिलौने के डिब्बे में नए और चमकदार खिलौने आने लगे। वे खास थे – कुछ बटन दबाने पर चलते, कुछ बहुत ऊँचाई तक कूदते। मख़मली खरगोश […]

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किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा – 6

किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा और राम-सुग्रीव भेंट व हनुमान की कूटनीति ऋष्यमूक पर्वत के शिखर पर सुग्रीव अपने चार मित्रों के साथ बैठा था। उसकी दृष्टि पर्वत के चारों दिशाओं को सतर्कता से छान रही थी। वह अपने बड़े भाई बाली और उसके अनुचरों से अत्यंत भयभीत था। तभी उसने दो तरुण पुरुषों को […]

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मृत्यु-को-जीतने-वाला-बालक---The-Boy-Who-Defeated-Death

मृत्यु को जीतने वाला बालक – The Boy Who Defeated Death

मृत्यु को जीतने वाला बालक साधु मृकण्डु और उनकी पत्नी मरुद्मती का आश्रम शांति से भरा था, पर उनके हृदय में एक टीस थी। आध्यात्मिक ज्ञान और सादगी के सभी सुख होने के बावजूद, एक संतान का सुख उनसे दूर था। वर्षों तक उन्होंने अविचल भक्ति से भगवान शिव की आराधना की और एक पुत्र […]

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सामान्यता-की-वापसी---Normalcy-Restored

सामान्यता की वापसी – Normalcy Restored

सामान्यता की वापसी एक समय की बात है, भगवान शिव गहन ध्यान में बैठे थे। अपनी समाधि के दौरान वे एक साथ कई लोकों का सृजन और संहार कर रहे थे, ताकि मानव मन ईश्वर की खोज करे और उनके प्रति समर्पण की भावना सीखे। परंतु उनकी पत्नी माता पार्वती इस ध्यान के महत्व को […]

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Childhood Love

बचपन का अनमोल रिश्ता – Story Of Childhood Bond

एक छोटे से गाँव में दो प्यारे बच्चे रहते थे — आरव और सिया। दोनों का घर एक ही गली में था, और दोनों की उम्र भी लगभग बराबर थी। हर सुबह आरव अपनी स्लेट और किताबें लेकर स्कूल जाता, और रास्ते में सिया से जरूर मिलता। सिया के बाल दो सुंदर चोटियों में बंधे […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 18 – तारामति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 अगली सुबह राजा भोज फिर से सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, परंतु जैसे ही वह पवित्र आसन के निकट पहुँचे, अठारहवीं गुड़िया तारामती उनके सामने प्रकट हो गई। उसने गंभीर स्वर में कहा कि यह सिंहासन अत्यंत पवित्र है और इस पर वही बैठ सकता है जिसने अपने जीवन […]

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