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चींटी-और-कबूतर-की-मित्रता

चींटी और कबूतर की मित्रता

एक बार की बात है, एक प्यासी चींटी नदी से पानी पी रही थी। अचानक वह संतुलन खो बैठी और नदी के पानी में गिर गई। चींटी जोर-जोर से चिल्लाने लगी, “बचाओ! बचाओ!” परंतु उसकी पुकार कोई नहीं सुन पाया। पास ही एक पेड़ पर बैठी एक कबूतर ने चींटी को संकट में देखा। उसने […]

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Another-Spy-Killed---43

बुद्धि और विनोद से भरपूर तेनाली रामन की कहानियाँ – 41 से 45

देवदासी का प्रेम – 41 राजा कृष्णदेवराय का एक देवदासी नर्तकी कृष्णावेनी से प्रेमसंबंध था। राजा को पूर्ण विश्वास था कि वह किसी अन्य पुरुष से संबंध नहीं रखती। राजा उससे विवाह करना चाहता था। किंतु उसे जनता के विरोध का भय था क्योंकि अधिकांश लोग देवदासी कन्याओं को पसंद नहीं करते थे। हमेशा की […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: राजधर्म का न्याय भाग चौबीस

विक्रम और बेताल: राजधर्म का न्याय रात का सन्नाटा अपने चरम पर था। घने जंगल की पगडंडी पर राजा विक्रम सिंह एक बार फिर उस प्रेत—बेताल—को अपने कंधे पर उठाए श्मशान की ओर बढ़ रहे थे। पेड़ों की सरसराहट, दूर कहीं झिंगुरों की आवाज़ और हल्की ठंडी हवा उस यात्रा को और भी रहस्यमय बना […]

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उड़ती-हुई-किताब-–-The-Flying-Book

उड़ती हुई किताब – The Flying Book

उड़ती हुई किताब  एक शांत दोपहर थी जब नील अपने कमरे में बैठा था। बारिश अभी-अभी थमी थी और खिड़की के पास रखी पुरानी लकड़ी की मेज पर एक बड़ी, धूल भरी किताब पड़ी थी। यह किताब नील को अटारी में मिली थी और उस पर किसी भी तरह का नाम या लेखक नहीं लिखा […]

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युद्धकाण्ड की पावन कथा – 8

युद्धकाण्ड की पावन कथा और राम की युद्ध घोषणा राम हनुमान की ओर मुड़े और बोले, “हे वायुपुत्र हनुमान, तुम सचमुच महान हो। तुमने एक महान कार्य पूर्ण किया है जो किसी के द्वारा भी संपन्न नहीं किया जा सकता। तुमने विस्तृत समुद्र को पार किया। केवल गरुड़ और वायु ही समुद्र को पार कर […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 30 – जया लक्ष्मी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 30 तीसवें दिन जब राजा भोज फिर से सिंहासन पर बैठने आए, तो तीसवीं गुड़िया ने उन्हें रोका और अपना परिचय देते हुए कहानी सुनाने लगी। उसने कहा कि वह जया लक्ष्मी है, विक्रमादित्य के सिंहासन की तीसवीं गुड़िया। वह बोली कि हर दिन राजा भोज सिंहासन पर बैठने का प्रयास करते […]

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अबिरामी की असीम कृपा - True Devotion to Abirami

अबिरामी की असीम कृपा – True Devotion to Abirami

अबिरामी की असीम कृपा तमिलनाडु में एक बार अबिरामी देवी के एक महान भक्त रहते थे। उनका नाम सुब्रह्मण्यम था। वे देवी के प्रति इतने अनन्य भक्त थे कि हर किसी को उनके बारे में बताते और उनकी महिमा का प्रचार करते। वे अबिरामी मंदिर के पास लोगों के समूह जमा करते, देवी की कथाएँ […]

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लोमड़ी-और-तीन-बकरियाँ---The-Fox-and-the-Three-Goats

लोमड़ी और तीन बकरियाँ – The Fox and the Three Goats

लोमड़ी और तीन बकरियाँ घने जंगल के पास एक खुला मैदान था जहाँ हर दिन तीन बकरियाँ घास खाने आया करती थीं। उनका नाम रुही, गुड़िया और बुलबुल था। तीनों अलग-अलग स्वभाव की थीं, लेकिन उनका इलाका एक ही था। वे आपस में बातें जरूर करती थीं, पर ज्यादातर समय अपनी-अपनी जगह घास खाती रहती […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 6 – रविभामा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 6 छठे दिन, राजा भोज ने सच में सिंहासन पर बैठने का प्रयास करने का निर्णय लिया। जैसे ही वे सिंहासन की ओर बढ़े, छठी गुड़िया जाग उठी और बोली, “मेरा नाम रविभामा है। मैंने राजा विक्रमादित्य की धैर्य और दयालुता देखी है। मैं आपको राजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाऊंगी। उसके […]

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जादुई-बांसुरी-की-रात-Magical-Night-of-the-Enchanted-Flute

जादुई बांसुरी की रात – Magical Night of the Enchanted Flute

जादुई बांसुरी की रात पहाड़ियों के पास बसे एक शांत से गाँव में लखन नाम का एक छोटा चरवाहा रहता था। वह भोर होते ही अपनी भेड़ों को लेकर चराई पर निकल जाता और शाम ढलते ही घर लौट आता। लखन की सबसे खास बात उसका साफ दिल था। वह किसी को दुखी नहीं देख […]

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