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क्रिस्टल-परी-की-भूलभुलैया---Crystal-Fairy’s-Maze

क्रिस्टल परी की भूलभुलैया – Crystal Fairy’s Maze

क्रिस्टल परी की भूलभुलैया हरे पहाड़ों के बीच एक शांत और चमकदार जंगल था जिसे लोग क्रिस्टल वन कहते थे। इस जंगल की खासियत थी कि यहाँ हर पत्ती, हर बेल और हर पत्थर में हल्की कांच जैसी चमक रहती थी। धूप जैसे ही गिरती, पूरा जंगल इंद्रधनुषी रोशनी से जगमगा उठता था। कहा जाता […]

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सपनों-का-बाज़ार-–-The-Dream-Market

सपनों का बाज़ार – The Dream Market

सपनों का बाज़ार रात के शांत आसमान में छिपा एक अनोखा स्थान था जिसे बच्चे सपनों का बाज़ार कहते थे। यह बाज़ार सिर्फ उन्हीं बच्चों को दिखाई देता था जिनका दिल साफ हो और जिनके मन में जादू पर यकीन हो। वहां रंग-बिरंगे सपने काँच की छोटी बोतलों में चमकते रहते थे, और हर बोतल […]

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गुलिवर की यात्राएँ

गुलिवर की यात्राएँ – एक अद्भुत सफर

(Jonathan Swift की अमर कृति पर आधारित हिंदी कहानी) परिचय बहुत समय पहले इंग्लैंड में लेमुएल गुलिवर नाम का एक युवक रहता था। उसने चिकित्सा (दवा) की पढ़ाई की थी, लेकिन उसे डॉक्टरी पेशे में ज्यादा सफलता नहीं मिली। गुलिवर को समुद्र की सैर और नई-नई जगहों को देखने का बहुत शौक था। वह बार-बार समुद्री यात्राओं […]

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चालाक-नेवला-और-धूर्त-बिल्ली-(Clever-Mongoose-and-the-Cunning-Cat)

चालाक नेवला और धूर्त बिल्ली – Clever Mongoose and the Cunning Cat

चालाक नेवला और धूर्त बिल्ली  गाँव के किनारे बने एक छोटे से घर में एक दादी रहती थी, जो हर सुबह आँगन में ताज़ी रोटियाँ सेंकती थी. घर के आसपास पेड़ों की छाया थी, और दादी की रोटियों की खुशबू दूर तक फैल जाती थी. उसी घर के पास एक चालाक नेवला रहता था, जिसे […]

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बोलने-वाली-झील-की-परी-The-Fairy-of-the-Whispering-Lake

बोलने वाली झील की परी – The Fairy of the Whispering Lake

बोलने वाली झील की परी हरे-भरे जंगलों के बीच एक शांत और चौड़ी झील थी जिसे लोग फुसफुसाती झील कहते थे क्योंकि वहाँ की हवा और पानी किसी से भी बातें कर लेते थे। पानी इतना साफ था कि उसमें आसमान, पेड़ और इंसान की भावनाएँ तक दिख जाती थीं। रात में झील हल्की नीली […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 5 – लीलावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 5 पांचवीं गुड़िया लीलावती की कहानी इस प्रकार है कि अगले दिन प्रातःकाल राजा भोज फिर से उस अद्वितीय सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, किंतु जैसे ही वे पास पहुँचे, सिंहासन से पांचवीं गुड़िया निकलकर उनके समक्ष आ खड़ी हुई और मधुर स्वर में बोली कि मेरा नाम लीलावती है […]

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रंगनाथ का दक्षिण मुख - Sharanagati

रंगनाथ का दक्षिण मुख – Sharanagati

रंगनाथ का दक्षिण मुख विभीषण रावण के छोटे भाई थे। रावण लंका का राजा था जिसे युद्ध में भगवान राम ने पराजित किया था। रावण के बाद, भगवान राम ने विभीषण को लंका का राजा नियुक्त किया। हालाँकि, विभीषण सदैव भगवान के सान्निध्य में रहना चाहते थे। इसलिए वे भगवान और सीता देवी के साथ […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 13 – कीर्तिमती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 13 तेरहवीं गुड़िया कीर्तिमती की कथा में वर्णित प्रसंग उस समय प्रारम्भ होता है जब तेरहवें दिन राजा भोज सिंहासन पर बैठने का प्रयास करते हैं तो एक नई गुड़िया उनके सामने प्रकट होती है और कहती है कि उसका नाम कीर्तिमती है और वह पहले उन्हें राजा विक्रमादित्य की उदारता की […]

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गौरैया-और-बड़े-बड़े-दाने---Sparrow-and-the-Big-Grains

गौरैया और बड़े-बड़े दाने – Sparrow and the Big Grains

गौरैया और बड़े-बड़े दाने गाँव के एक शांत कोने में एक पुराना सा खेत था जहाँ सुबह की हल्की धूप मिट्टी पर चमकती थी और चारों ओर हल्की हवा बहती रहती थी। उसी खेत के किनारे एक पेड़ था जिसमें एक छोटी गौरैया रहती थी। वह नन्ही थी, चंचल थी और हर दिन सूरज निकलते […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 18 – तारामति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 अगली सुबह राजा भोज फिर से सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, परंतु जैसे ही वह पवित्र आसन के निकट पहुँचे, अठारहवीं गुड़िया तारामती उनके सामने प्रकट हो गई। उसने गंभीर स्वर में कहा कि यह सिंहासन अत्यंत पवित्र है और इस पर वही बैठ सकता है जिसने अपने जीवन […]

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