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सिंहासन बत्तीसी कथा 14 – सुनैना की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 चौदहवें दिन जब राजा भोज दोबारा सिंहासन के पास पहुँचे, तभी चौदहवीं पुतली सुनैना प्रकट हुई और बोली कि पहले विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और साहस की कथा सुननी होगी, तभी निर्णय लिया जा सकेगा कि भोज सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। इतना कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने कहा […]

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बारिश और तीन सारथी - Test of Attitude

बारिश और तीन सारथी – Test of Attitude

बारिश और तीन सारथी एक बार की बात है, एक गाँव में मेला लगा हुआ था। मेले में जाने के लिए सड़क पर कई बैलगाड़ियाँ जा रही थीं। ये खुली हुई बैलगाड़ियाँ थीं, जिन्हें बैल खींच रहे थे और उन पर बैठे हुए लोग बैलों को सही दिशा में ले जा रहे थे। अचानक भारी […]

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मेहनती-चींटी-और-आलसी-कीड़ा---The-Hardworking-Ant-and-the-Lazy-Worm

मेहनती चींटी और आलसी कीड़ा – The Hardworking Ant and the Lazy Worm

मेहनती चींटी और आलसी कीड़ा हरे-भरे जंगल के किनारे एक छोटा सा मैदान था, जहाँ छोटे-बड़े कई तरह के जीव रहते थे। सुबह होते ही इस मैदान की मिट्टी से हल्की भाप उठती थी, पेड़ों की पत्तियाँ ओस से चमकती थीं और हवा में मिट्टी की ताज़गी घुली रहती थी। इस सुंदर वातावरण में सबसे […]

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जुगनुओं-की-रानी-का-मुकुट-_-The-Crown-of-the-Firefly-Queen

जुगनुओं की रानी का मुकुट | The Crown of the Firefly Queen

जुगनुओं की रानी का मुकुट  घने जंगल के बीच एक खुला मैदान था जहाँ रात होते ही छोटे छोटे जुगनू अपनी चमक से पूरी जगह को रौशन कर देते थे। इस मैदान की रानी थी एक सुंदर जुगनू जिसे सब जुगनुओं की रानी कहते थे। उसके सिर पर चमकदार सोने जैसा मुकुट था जो उसकी […]

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युद्धकाण्ड की पावन कथा – 8

युद्धकाण्ड की पावन कथा और राम की युद्ध घोषणा राम हनुमान की ओर मुड़े और बोले, “हे वायुपुत्र हनुमान, तुम सचमुच महान हो। तुमने एक महान कार्य पूर्ण किया है जो किसी के द्वारा भी संपन्न नहीं किया जा सकता। तुमने विस्तृत समुद्र को पार किया। केवल गरुड़ और वायु ही समुद्र को पार कर […]

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हवा-में-उड़ती-नाव-Flying-Boat

हवा में उड़ती नाव – Flying Boat

हवा में उड़ती नाव एक शांत से गाँव में कई बच्चे रहते थे जो हमेशा नई रोमांचक चीज़ों के सपने देखते थे, लेकिन उनके खेल अक्सर जमीन तक ही सीमित रहते थे। कभी पेड़ों पर चढ़ना, कभी पतंग उड़ाना और कभी नदी किनारे दौड़ लगाना। पर वे आसमान को देखकर हमेशा सोचते कि काश वे […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 5 – लीलावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 5 पांचवीं गुड़िया लीलावती की कहानी इस प्रकार है कि अगले दिन प्रातःकाल राजा भोज फिर से उस अद्वितीय सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, किंतु जैसे ही वे पास पहुँचे, सिंहासन से पांचवीं गुड़िया निकलकर उनके समक्ष आ खड़ी हुई और मधुर स्वर में बोली कि मेरा नाम लीलावती है […]

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धीमी-कछुआ-और-घमंडी-खरगोश---The-Slow-Turtle-and-the-Proud-Hare

धीमा कछुआ और घमंडी खरगोश – The Slow Turtle and the Proud Hare

धीमा कछुआ और घमंडी खरगोश घने पेड़ों से ढकी एक सुंदर सी घाटी थी, जहाँ कई तरह के जानवर रहते थे. वहाँ पास ही एक हरा-भरा मैदान था, जहाँ हर सुबह सूरज की किरणें हल्की गर्मी के साथ उतरती थीं और ठंडी हवा पूरे माहौल को सुखद बना देती थी. इसी मैदान में एक धीमा […]

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दोस्ती का जादू: The Magic of Friendship

दोस्ती का जादू: The Magic of Friendship

सोने से पहले की कहानियाँ: The Magic of Friendship एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में तीन अच्छे दोस्त रहते थे—राजू, रीना, और मोहन। इन तीनों की दोस्ती बहुत गहरी थी। वे हमेशा एक-दूसरे के साथ खेलते, पढ़ाई करते और समय बिताते। गाँव के पास एक घना जंगल था, जहां लोग कम […]

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श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता - Krishna & Kuchela (Sudama)

श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता – Krishna and Sudama

श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता प्राचीन काल में गुरु सांदीपनी के आश्रम में दो मित्र पढ़ते थे – श्रीकृष्ण और सुदामा। दोनों में गहरी मैत्री थी। समय बीता, श्रीकृष्ण द्वारिकापुरी के समृद्ध राजा बन गए, जबकि ब्राह्मण सुदामा गरीबी में जीवन व्यतीत करने लगे। सुदामा का विवाह हुआ, संतानें हुईं, किंतु दरिद्रता ने उनका पीछा […]

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