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सबका भला होता है - Everything Happens for Good

सबका भला होता है – Everything Happens for Good

सबका भला होता है एक समय की बात है, एक राजा रहता था जिसे शिकार का बड़ा शौक था। वह अक्सर अपने मंत्री के साथ शिकार पर जाया करता था। एक ऐसे ही शिकार के दौरान, उसका एक भयंकर शेर से सामना हुआ और उसने अपने बाएं हाथ की छोटी उंगली गंवा दी। खून बहता […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 25 – जयलक्ष्मी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 25 पचीसवीं गुड़िया जयलक्ष्मी ने राजा भोज को रोकते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का स्वभाव और उसकी सोच एक-दूसरे से भिन्न होती है। जब तक कोई व्यक्ति यह न समझे कि संसार में अलग-अलग प्रकृतियाँ और विचार वाले लोग रहते हैं, तब तक वह उस सिंहासन पर बैठने योग्य नहीं […]

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छोटी परी का पहला मिशन | The Little Fairy’s First Mission

छोटी परी का पहला मिशन नीली रोशनी वाली एक शांत घाटी में परियों का स्कूल था जहाँ हर छोटी परी को रोशनी, सपनों और हिम्मत की कला सिखाई जाती थी। वहीं रहती थी मीरा नाम की एक छोटी परी। उसके पंख छोटे थे, उसकी चमक हल्की थी और वह बाकी परियों की तरह ताकतवर नहीं […]

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दत्तात्रेय-का-भोजन-और-चमत्कार---Feeding-Dattatreya-Bestows-Miracles

दत्तात्रेय का भोजन और चमत्कार – Feeding Dattatreya Bestows Miracles

दत्तात्रेय का भोजन और चमत्कार एक गरीब ब्राह्मण दंपत्ति थे – राजा शर्मा और उनकी पत्नी सुमती। उनके अनेक संतानें हुईं, परंतु केवल दो ही जीवित बच पाईं: एक अंधा पुत्र और दूसरा लंगड़ा पुत्र। उनके परिवार की परंपरा थी कि दोपहर में ब्राह्मण अतिथियों को भोजन कराए बिना स्वयं भोजन नहीं करते। एक दिन, […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 12 – पद्मावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 12 मौका बारहवें दिन का था। जब राजा भोज सिंहासन की ओर बढ़ रहे थे, तब बारहवीं गुड़िया प्रकट हुई। “हे राजा भोज, मेरा नाम पद्मावती है। क्या यह सत्य है कि आप राजा विक्रमादित्य जैसे सहिष्णु, वीर, उदार और परोपकारी हैं? पहले आप उनकी एक कथा सुनिए, फिर तय कीजिए कि […]

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पार्वती-की-अखंड-भक्ति-परीक्षा---Parvati-Devi’s-Redoubled-Devotion

पार्वती की अखंड भक्ति परीक्षा – Parvati Devi’s Redoubled Devotion

पार्वती की अखंड भक्ति परीक्षा पार्वती देवी ने अपने पूर्व जन्म में भगवान शिव की आराधना कर उनकी अर्धांगिनी बनने का वरदान पाया था। वह राजा दक्ष की पुत्री थीं। एक बार जब दक्ष ने एक महान यज्ञ का आयोजन किया, तो भगवान शिव और पार्वती को आमंत्रित किया गया। भगवान शिव जानते थे कि […]

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How-the-Squirrel-got-its-Stripes---गिलहरी-की-पीठ-पर-धारियाँ-कैसे-आईं

गिलहरी की पीठ पर धारियाँ कैसे आईं – How the Squirrel got its Stripes

गिलहरी की पीठ पर धारियाँ कैसे आईं एक समय की बात है, हनुमान लंका से लौटे थे। उन्होंने वहाँ माता सीता को दुखी अवस्था में देखा था और उसी का समाचार प्रभु श्रीराम को दिया। यह सुनते ही श्रीराम ने विलम्ब न करते हुए रावण की नगरी लंका जाने की तैयारी की और रामेश्वरम से […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई भाग सोलह

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई रात का समय था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था। हवा की तीखी सीटी जैसी आवाजें कानों में कौंध रही थीं, और सूखे पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर अजीब परछाइयाँ बन रही थीं, मानो […]

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इच्छाओं-का-झरना---The-Wishing-Waterfall

इच्छाओं का झरना – The Wishing Waterfall

इच्छाओं का झरना पर्वतों के बीच बसा एक छोटा सा गाँव था जिसका नाम था सूरजपुरा, यहाँ लोग मेहनती थे लेकिन प्रकृति की एक कमी उन्हें हमेशा परेशान करती थी। गाँव में पानी बहुत कम था, कुएँ सूखे पड़े थे और बारिश भी कब की बंद हो जाती थी। लोग हर रोज कई कोस दूर […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 3 – चंद्रकला की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 3 सिंहासन बत्तीसी की तीसरी गुड़िया चंद्रकला की यह कहानी न्याय, पराक्रम, साहस और भाग्य के अद्भुत संगम को दर्शाती है। एक दिन सुबह-सुबह राजा भोज सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े ही थे कि तीसरी गुड़िया चंद्रकला अपने स्थान से निकलकर उनके सामने आ खड़ी हुई। उसने कहा कि वे […]

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