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सुन्दरकाण्ड की पावन कथा – 7

सुन्दरकाण्ड की पावन कथा और हनुमान का महासंकल्प व समुद्र-लांगन लीला उस पर्वत से छलांग लगाने का निश्चय किया। वह एक जंगली बैल के समान दिखते हुए अपने शरीर को अत्यधिक विशाल करने लगे। वह एक बड़े पर्वत के समान प्रतीत होने लगे। उनके चरणों तले विशाल पर्वत कांपने लगा। सर्प और वन्य प्राणी अपने […]

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गिलहरी-और-खोया-हुआ-अखरोट-का-खज़ाना---The-Squirrel-and-the-Lost-Nut-Treasure

गिलहरी और खोया हुआ अखरोट का खज़ाना – The Squirrel and the Lost Nut Treasure

गिलहरी और खोया हुआ अखरोट का खज़ाना हरे भरे जंगल में एक छोटी, फुर्तीली और चंचल गिलहरी रहती थी, जिसका नाम चिक्की था. चिक्की अपनी चमकीली भूरी पूंछ और तेज़ नज़रों के लिए मशहूर थी. वह हमेशा शाखाओं से शाखाओं पर कूदती रहती, अपने लिए अखरोट, फल, और बीज इकट्ठे करती. लेकिन उसकी सबसे खास […]

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15 सर्वश्रेष्ठ पंचतंत्र की नैतिक कहानियाँ हिंदी में

पंचतंत्र की 15 श्रेष्ठ नैतिक कहानियाँ हिंदी में – बच्चों के लिए शिक्षाप्रद कथाएँ

1. मूर्ख साधु एक गाँव में देव शर्मा नाम का एक बहुत ही प्रतिष्ठित और ज्ञानी साधु रहता था। सारा गाँव उसका बहुत आदर करता था। लोग अपनी मन्नतें पूरी होने पर या धर्म के नाम पर उसे तरह-तरह के कीमती उपहार दिया करते थे। साधु इन उपहारों को बेचकर बहुत सारा धन एकत्र कर […]

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सुनहरी-हवा-का-रहस्य---The-Secret-of-the-Golden-Breeze

सुनहरी हवा का रहस्य – The Secret of the Golden Breeze

सुनहरी हवा का रहस्य रात का समय था, गाँव की गलियों में हल्की ठंडक थी और पेड़ों के बीच से गुजरती सुनहरी हवा चमकती लकीरों की तरह आसमान में फैल रही थी। गाँव की बच्ची ध्वनि अक्सर इस हवा को महसूस करती थी। जब बाकी सब बच्चे सो जाते, तब वह अपनी खिड़की पर बैठकर […]

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भालू-और-मधुमक्खियाँ-_-The-Bear-and-the-Bees

भालू और मधुमक्खियाँ | The Bear and the Bees

भालू और मधुमक्खियाँ घने जंगल के बीचोंबीच एक लंबा और मजबूत पेड़ खड़ा था। उसकी ऊपरी शाखा पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लटका था, जिसमें सैकड़ों मधुमक्खियाँ रहती थीं। जंगल के सभी जानवर जानते थे कि मधुमक्खियाँ मेहनती होती हैं। वे सुबह से शाम तक फूलों से रस लाकर उसे शहद में बदलती हैं और […]

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गोकर्ण-का-शिवलिंग---Gokarna-Shiva-Linga

गोकर्ण का शिवलिंग – Gokarna Shiva Linga

गोकर्ण का शिवलिंग एक दिन लंका के समुद्र तट पर रावण टहल रहा था। उसने देखा कि उसकी माता ने समुद्र के किनारे की मिट्टी से अपने हाथों से एक शिवलिंग बनाया था। वह उस लिंग की पूजा कर रही थीं, और उनकी पूजा के बाद लहरें उस लिंग को बहा ले जाती थीं। यह […]

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कुत्ता-और-अपनी-परछाई-–-Dog-and-His-Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई – Dog and His Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई  एक हरी-भरी घाटी में एक छोटा सा गाँव बसा था, जिसके किनारे एक शांत नदी बहती थी और नदी पर एक मजबूत लकड़ी का पुल बना था। इस गाँव में एक कुत्ता रहता था, जिसका स्वभाव थोड़ा लालची था लेकिन दिल से वह बुरा नहीं था। उसे अपनी मेहनत से मिली […]

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धीमी-कछुआ-और-घमंडी-खरगोश---The-Slow-Turtle-and-the-Proud-Hare

धीमा कछुआ और घमंडी खरगोश – The Slow Turtle and the Proud Hare

धीमा कछुआ और घमंडी खरगोश घने पेड़ों से ढकी एक सुंदर सी घाटी थी, जहाँ कई तरह के जानवर रहते थे. वहाँ पास ही एक हरा-भरा मैदान था, जहाँ हर सुबह सूरज की किरणें हल्की गर्मी के साथ उतरती थीं और ठंडी हवा पूरे माहौल को सुखद बना देती थी. इसी मैदान में एक धीमा […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: चार ब्राह्मणपुत्र और बना हुआ सिंह भाग सात

विक्रम और बेताल: चार ब्राह्मणपुत्र और बना हुआ सिंह एक समय की बात है, किसी गाँव में एक गरीब किन्तु अत्यंत विद्वान ब्राह्मण रहता था। उसके चार पुत्र थे जिन्हें उसने बचपन से ही वेदों, शास्त्रों और पवित्र ज्ञान की शिक्षा दी। पिता और माता दोनों ही चाहते थे कि उनके पुत्र विद्वान बनें, योग्य […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम भाग चौदह

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम  रात गहरी हो चुकी थी। आसमान बादलों से ढका था और हवा में ठंडक ऐसी थी कि जंगल की पत्तियाँ एक दूसरे से टकरा कर अजीब सी फुसफुसाहट पैदा कर रही थीं। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य अपने वचन को निभाने के लिए श्मशान की ओर बढ़ते पड़ते थे और […]

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