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गोकर्ण-का-महत्व---Importance-of-Gokarna

गोकर्ण का महत्व – Importance of Gokarna

गोकर्ण का महत्व इक्ष्वाकु वंश में एक धर्मपरायण राजा थे, मित्र सह। वे वेदों द्वारा निर्धारित धर्म और न्याय के सिद्धांतों के अनुसार राज्य चलाते थे। एक दिन वे आखेट के लिए गए और एक राक्षस का वध कर दिया। चूँकि राक्षस अज्ञानी और ऋषि-मुनियों के लिए उपद्रवी होते थे, अतः राजा को उसके वध […]

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ant-and-dove-friendship-hindi-story

चींटी और कबूतर की मित्रता

गर्मी के एक तपते दिन, एक चींटी पानी की तलाश में इधर-उधर घूम रही थी। काफी देर भटकने के बाद उसे एक नदी दिखाई दी। पानी देखकर वह बहुत खुश हुई। वह पानी पीने के लिए एक छोटे पत्थर पर चढ़ी, पर फिसल कर नदी में गिर गई। वह डूबने लगी। उसी समय पास के […]

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छोटी-परी-का-पहला-मिशन-_-The-Little-Fairy’s-First-Mission

छोटी परी का पहला मिशन | The Little Fairy’s First Mission

छोटी परी का पहला मिशन नीली रोशनी वाली एक शांत घाटी में परियों का स्कूल था जहाँ हर छोटी परी को रोशनी, सपनों और हिम्मत की कला सिखाई जाती थी। वहीं रहती थी मीरा नाम की एक छोटी परी। उसके पंख छोटे थे, उसकी चमक हल्की थी और वह बाकी परियों की तरह ताकतवर नहीं […]

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चुप्पी-की-रानी-_-The-Queen-of-Silence

खामोशी की रानी और शोर करने वाले दानव की अनोखी कहानी | The Queen of Silence and the Noisy Giant’s Unusual Tale

खामोशी की रानी और शोर करने वाले दानव की अनोखी कहानी बहुत पहले की बात है, एक ऐसा पहाड़ी राज्य था जहाँ रात होते ही एक अद्भुत जादू होता था। यह जादू था शांति का! जैसे ही सूरज डूबता, पूरा राज्य मुलायम चाँदनी की चादर में सो जाता। इस राज्य की रानी का नाम था […]

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singhasan-battisi-story-15-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 15 – सुंदरवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 15 राजा भोज जब पंद्रहवें दिन पुनः सिंहासन के समीप पहुँचे, तभी पंद्रहवीं गुड़िया सुंदरवती प्रकट हुई और बोली कि हे राजन, मैं सुंदरवती हूँ। इस सिंहासन पर बैठने का प्रयास करने से पहले आपको राजा विक्रमादित्य की उदारता की यह कथा सुननी होगी, और फिर स्वयं विचार करना कि आप इस […]

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अकबर और बीरबल

अकबर-बीरबल की अनोखी कहानियाँ: चतुराई और हास्य का अनूठा संगम

परिचय मुग़ल सम्राट अकबर, जो तीसरे मुग़ल बादशाह थे, के दरबार में कई प्रतिभाशाली और चतुर लोग थे। उनमें से एक थे राजा बीरबल, जो अपनी तेज बुद्धि के कारण सम्राट के विशेष प्रिय थे। राजा बीरबल कविताएँ लिखते थे, और अकबर ने उन्हें “कवि राज” की उपाधि दी थी। अकबर को बीरबल को अपने […]

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सोने-वाली-घंटी-का-रहस्य-—-The-Secret-of-the-Sleep-Bell

सोने वाली घंटी का रहस्य — The Secret of the Sleep Bell

सोने वाली घंटी का रहस्य  धानपुर गाँव में शाम का समय था। सूरज ढलने को था और हवा में मिट्टी की महक तैर रही थी। चरवाहा श्याम अपने झुंड को लेकर खेतों से लौट रहा था। उसके साथ थी उसकी प्यारी गाय धानी, जिसकी गर्दन में बंधी छोटी सी सोने वाली घंटी पूरे गाँव की […]

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गिलहरी-और-खोया-हुआ-अखरोट-का-खज़ाना---The-Squirrel-and-the-Lost-Nut-Treasure

गिलहरी और खोया हुआ अखरोट का खज़ाना – The Squirrel and the Lost Nut Treasure

गिलहरी और खोया हुआ अखरोट का खज़ाना हरे भरे जंगल में एक छोटी, फुर्तीली और चंचल गिलहरी रहती थी, जिसका नाम चिक्की था. चिक्की अपनी चमकीली भूरी पूंछ और तेज़ नज़रों के लिए मशहूर थी. वह हमेशा शाखाओं से शाखाओं पर कूदती रहती, अपने लिए अखरोट, फल, और बीज इकट्ठे करती. लेकिन उसकी सबसे खास […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: द्वारपाल का दण्ड भाग नौ

विक्रम और बेताल: द्वारपाल का दण्ड रात बहुत अंधेरी थी और तेज़ बारिश लगातार हो रही थी। घने बादलों की गड़गड़ाहट, सियारों की करुण चीखें और हवा की तीखी सनसनाहट वातावरण को और भी भयावह बना रही थीं। लेकिन राजा विक्रमादित्य इन सबके बीच निर्भय होकर प्राचीन वृक्ष पर चढ़े, शव को उतारा और कंधे […]

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दानवीर कर्ण का त्याग - Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग – Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग बारिश की झड़ी लगी हुई थी। मूसलाधार वर्षा ने सब कुछ भिगो दिया था। उसी बीच एक ब्राह्मण यज्ञ की सामग्री जुटाने के लिए निकला था। उसे यज्ञ के लिए सूखी लकड़ियों की आवश्यकता थी, किंतु वर्षा के कारण बाहर का समस्त काष्ठ भीगा हुआ था। निराश ब्राह्मण सबसे पहले हस्तिनापुर […]

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