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देववृक्ष का रहस्य – The Secret of the Divine Tree

देववृक्ष का रहस्य – The Secret of the Divine Tree

देववृक्ष का रहस्य  प्राचीन समय की बात है, जब देवता, मनुष्य और असुर सभी पृथ्वी पर अपने-अपने कार्यों में लगे रहते थे। हिमालय की ऊँची-ऊँची चोटियों के बीच एक पवित्र आश्रम था जहाँ महान ऋषि वत्स तपस्या करते थे। आश्रम के चारों ओर शांति और प्रकृति की सुंदरता फैली हुई थी। वहाँ का सबसे अनोखा […]

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खतरे की सही पहचान - Signs of Danger

खतरे की सही पहचान – Signs of Danger

खतरे की सही पहचान एक समय की बात है। एक विशाल वृक्ष की शाखा पर बने घोंसले में चार छोटी-छोटी चिड़ियाँ अपनी माँ के साथ रहती थीं। चूजे अभी नन्हे थे और स्वयं उड़ नहीं सकते थे। माँ चिड़िया हर शाम उनके लिए दाने लाती और उन्हें खिलाती। पूरा दिन चूजे बस यही आस लगाए, […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 22 – अनुरोधवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 22 जब राजा भोज सिंहासन पर बैठने हेतु अग्रसर हुए, तो बाईसवीं गुड़िया उनके सामने आई और विनम्र स्वर में बोली कि वह उन्हें राजा विक्रमादित्य के एक विशिष्ट गुण का प्रसंग सुनाएगी। उसने अपना परिचय देते हुए कहा कि उसका नाम अनुरोधवती है और वह जानना चाहती है कि क्या राजा […]

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Saktuprasta-and-Squirrel-Heaven-Story---सक्तुप्रस्त-और-स्वर्ण-धूसर-गिलहरी-की-कथा

सक्तुप्रस्त और स्वर्ण-धूसर गिलहरी – Saktuprasta and Squirrel of Heaven

सक्तुप्रस्त और स्वर्ण-धूसर गिलहरी एक समय की बात है, एक गिलहरी थी जिसके शरीर का दाहिना भाग स्वर्णिम था और बायाँ भाग धूसर वर्ण का था। जहाँ कहीं भी कोई यज्ञ होता, वह गिलहरी वहाँ जाकर भूमि और जल में लोटने लगती। एक दिन पाण्डवों में ज्येष्ठ, युधिष्ठिर अर्थात धर्मराज, एक महान यज्ञ का अनुष्ठान […]

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शेर-और-छींकता-हुआ-हाथी---Lion-and-The-Sneezing-Elephant

शेर और छींकता हुआ हाथी – Lion and The Sneezing Elephant

शेर और छींकता हुआ हाथी जंगल के बीचोंबीच एक शांत और हरा-भरा इलाका था जहाँ तरह-तरह के जानवर रहते थे। वहाँ का राजा था शेर भीम, जिसे सभी जानवर बहुत मान देते थे। शेर भीम न सिर्फ ताकतवर था बल्कि बहुत समझदार भी था। उसी जंगल में एक बड़ा और प्यारा हाथी गजानन भी रहता […]

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युद्धकाण्ड की पावन कथा – 8

युद्धकाण्ड की पावन कथा और राम की युद्ध घोषणा राम हनुमान की ओर मुड़े और बोले, “हे वायुपुत्र हनुमान, तुम सचमुच महान हो। तुमने एक महान कार्य पूर्ण किया है जो किसी के द्वारा भी संपन्न नहीं किया जा सकता। तुमने विस्तृत समुद्र को पार किया। केवल गरुड़ और वायु ही समुद्र को पार कर […]

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रात-का-नीला-घोड़ा---The-Blue-Horse-of-Night

रात का नीला घोड़ा – The Blue Horse of Night

रात का नीला घोड़ा रात का समय था और पूरा जंगल हल्की नीली रोशनी से भरा हुआ था क्योंकि परी नीलिमा अपनी रात की तैयारी कर रही थी। नीलिमा एक छोटी लेकिन बहादुर, दयालु और बेहद प्यारी परी थी, जो हर रात आसमान में उड़कर तारों की देखभाल करती थी। उसका सबसे खास साथी था […]

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अरण्यकाण्ड की पावन कथा – 5

अरण्यकाण्ड की पावन कथा और दण्डक वन में श्रीराम का आगमन भरत वन में आए, राम से मिले, उनसे बातें कीं, उन्हें अयोध्या लौट चलने का अनुरोध किया, अपने प्रयास में सफल न हो सके तथा राम की पादुकाएँ लेकर अयोध्या लौट गए। तीनों माताएँ वहाँ आईं, वन में राम के जीवन को देखा, आँसू […]

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भालू-और-मधुमक्खियाँ-_-The-Bear-and-the-Bees

भालू और मधुमक्खियाँ | The Bear and the Bees

भालू और मधुमक्खियाँ घने जंगल के बीचोंबीच एक लंबा और मजबूत पेड़ खड़ा था। उसकी ऊपरी शाखा पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लटका था, जिसमें सैकड़ों मधुमक्खियाँ रहती थीं। जंगल के सभी जानवर जानते थे कि मधुमक्खियाँ मेहनती होती हैं। वे सुबह से शाम तक फूलों से रस लाकर उसे शहद में बदलती हैं और […]

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कुत्ता-और-अपनी-परछाई-–-Dog-and-His-Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई – Dog and His Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई  एक हरी-भरी घाटी में एक छोटा सा गाँव बसा था, जिसके किनारे एक शांत नदी बहती थी और नदी पर एक मजबूत लकड़ी का पुल बना था। इस गाँव में एक कुत्ता रहता था, जिसका स्वभाव थोड़ा लालची था लेकिन दिल से वह बुरा नहीं था। उसे अपनी मेहनत से मिली […]

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