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शेर और चतुर खरगोश: The Clever Rabbit and the Lion

The Clever Rabbit and the Lion

शेर और चतुर खरगोश: The Clever Rabbit and the Lion जंगल के हरे-भरे मैदानों में कई जानवर रहते थे। वहां बड़े-बड़े पेड़, रंग-बिरंगे फूल और चहचहाते पक्षी जंगल को जीवंत बनाते थे। लेकिन इसी जंगल में एक शेर था, जो बहुत ही क्रूर और भूखा था। वह रोज किसी न किसी जानवर का शिकार करता […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस भाग तेईस

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस घोर अंधेरा फैला हुआ था। रात की निस्तब्धता को केवल झींगुरों की आवाजें ही तोड़ रही थीं। राजा विक्रम अपनी दृढ़ चाल के साथ जंगल से होते हुए फिर उसी श्मशान की ओर बढ़ रहे थे। हवा भारी थी, पर उनका संकल्प इससे भी अधिक दृढ़। बेताल हमेशा […]

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श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता - Krishna & Kuchela (Sudama)

श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता – Krishna and Sudama

श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता प्राचीन काल में गुरु सांदीपनी के आश्रम में दो मित्र पढ़ते थे – श्रीकृष्ण और सुदामा। दोनों में गहरी मैत्री थी। समय बीता, श्रीकृष्ण द्वारिकापुरी के समृद्ध राजा बन गए, जबकि ब्राह्मण सुदामा गरीबी में जीवन व्यतीत करने लगे। सुदामा का विवाह हुआ, संतानें हुईं, किंतु दरिद्रता ने उनका पीछा […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 9 – मधुमालती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 9 अगले दिन जब राजा भोज फिर से उस अद्भुत सिंहासन के समीप पहुँचे तो नौवीं पुतली उनके सामने एक सुंदर स्त्री के रूप में प्रकट हुई। उसने मधुर किंतु दृढ़ स्वर में कहा कि उसका नाम मधुमालती है। उसने स्पष्ट किया कि इस सिंहासन पर बैठने के लिए राजा को वही […]

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खरगोश-और-कड़वी-औषधि-–-The-Rabbit-and-the-Bitter-Medicine

खरगोश और कड़वी औषधि – The Rabbit and the Bitter Medicine

खरगोश और कड़वी औषधि  हरीभरी पहाड़ियों के पास बसे एक शांत जंगल में एक छोटा सा खरगोश रहता था, जिसका नाम मीनू था। मीनू बहुत तेज दौड़ता था, पेड़ों के बीच कूदता-फाँदता फिरता था और पूरे जंगल का सबसे चंचल जीव माना जाता था। सुबह होते ही वह अपने बिल से निकलकर इधर-उधर दौड़ लगाता, […]

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चाँद की रानी और काला बादल – Moon Queen and the Dark Cloud

चाँद की रानी और काला बादल रात का आसमान हमेशा से चाँद की नरम रोशनी से भरा रहता था। धरती पर रहने वाले लोग उसी चमक से अपने रास्ते पहचानते, बच्चे उसी के नीचे खेलते और समुद्र उसी हल्की रोशनी में शांत होकर लहरें फैलाता था। चाँद पर एक रानी रहती थी जिसे सब चाँद […]

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विक्रम और बेताल: सच्चा पुरस्कार भाग आठ

विक्रम और बेताल: सच्चा पुरस्कार एक अँधेरी और बरसाती रात थी। चारों ओर अजीब-अजीब आवाज़ें गूँज रही थीं और सियारों की कराहती हुई ध्वनि माहौल को और भयावह बना रही थी। वातावरण कितना भी भयावह क्यों न हो, राजा विक्रमादित्य तनिक भी नहीं डरे। वे पेड़ पर चढ़कर शव को उतार लाए और उसे कंधे […]

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कल्पवृक्ष-की-छाया-में-फँसा-मनुष्य---Escaping-the-Vicious-Cycle

कल्पवृक्ष की छाया में फँसा मनुष्य – Escaping the Vicious Cycle

कल्पवृक्ष की छाया में फँसा मनुष्य मनुष्य चार आधारभूत आवश्यकताओं अथवा समस्याओं – निद्रा, आहार, मैथुन और भय – के चक्र में फँसा हुआ है। यह एक दुष्चक्र है जिसे केवल ईश्वर के प्रति समर्पण और स्मरण के द्वारा ही पार किया जा सकता है। एक बार एक निर्धन व्यक्ति जीविका की तलाश में लंबी […]

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उल्लू-और-सुबह-का-पंछी-_-The-Owl-and-the-Morning-Bird

उल्लू और सुबह का पंछी | The Owl and the Morning Bird

उल्लू और सुबह का पंछी  घना जंगल था जहाँ सुबह की हल्की धूप पेड़ों के पत्तों पर गिरकर एक अलग ही चमक पैदा करती थी। जंगल के सभी पक्षी सुबह-सुबह जागकर उड़ान भरते थे और अपनी मीठी आवाजों से पूरे माहौल को ताज़ा कर देते थे। लेकिन उसी जंगल के एक पुराने पेड़ की खोखी […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 32 – रूपवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 32 बत्तीसवें दिन राजा भोज अपने निर्णय के साथ बत्तीसवीं गुड़िया के सामने पहुँचे। गुड़िया ने उन्हें देखकर कहा कि आज वे सिंहासन पर बैठने के लिए उत्सुक नहीं दिख रहे हैं। उसने अपना परिचय देते हुए कहा, “राजा भोज, मैं रूपवती हूँ, इन सभी गुड़ियाओं की अधिष्ठात्री। आज आपके मन में […]

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