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सफ़ेद-पक्षियों-का-रहस्य-–-The-White-Birds-Mystery

सफ़ेद पक्षियों का रहस्य – The White Birds Mystery

सफ़ेद पक्षियों का रहस्य  प्राचीन समय की बात है, एक शांत राज्य में एक राजा अपनी दूसरी पत्नी और ग्यारह बच्चों के साथ रहता था। राजा की पहली रानी का देहांत हो चुका था, और उनकी एकमात्र बेटी एलिसा अपने दस बड़े भाइयों के साथ सुख से रहती थी। परन्तु जब राजा ने नई रानी […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 5 – लीलावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 5 पांचवीं गुड़िया लीलावती की कहानी इस प्रकार है कि अगले दिन प्रातःकाल राजा भोज फिर से उस अद्वितीय सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, किंतु जैसे ही वे पास पहुँचे, सिंहासन से पांचवीं गुड़िया निकलकर उनके समक्ष आ खड़ी हुई और मधुर स्वर में बोली कि मेरा नाम लीलावती है […]

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उल्लू-और-सुबह-का-पंछी-_-The-Owl-and-the-Morning-Bird

उल्लू और सुबह का पंछी | The Owl and the Morning Bird

उल्लू और सुबह का पंछी  घना जंगल था जहाँ सुबह की हल्की धूप पेड़ों के पत्तों पर गिरकर एक अलग ही चमक पैदा करती थी। जंगल के सभी पक्षी सुबह-सुबह जागकर उड़ान भरते थे और अपनी मीठी आवाजों से पूरे माहौल को ताज़ा कर देते थे। लेकिन उसी जंगल के एक पुराने पेड़ की खोखी […]

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How-the-Squirrel-got-its-Stripes---गिलहरी-की-पीठ-पर-धारियाँ-कैसे-आईं

गिलहरी की पीठ पर धारियाँ कैसे आईं – How the Squirrel got its Stripes

गिलहरी की पीठ पर धारियाँ कैसे आईं एक समय की बात है, हनुमान लंका से लौटे थे। उन्होंने वहाँ माता सीता को दुखी अवस्था में देखा था और उसी का समाचार प्रभु श्रीराम को दिया। यह सुनते ही श्रीराम ने विलम्ब न करते हुए रावण की नगरी लंका जाने की तैयारी की और रामेश्वरम से […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ भाग ग्यारह

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ  रात हमेशा की तरह शांत नहीं थी, बल्कि भय और रहस्य से भरी हवा श्मशान भूमि में घूम रही थी। राजा विक्रम अपने कंधे पर बेताल को उठाए पुराने पीपल के पेड़ से वापस तांत्रिक की ओर बढ़ रहे थे। चिता की बुझती राख हवा में उड़ […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 14 – सुनैना की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 चौदहवें दिन जब राजा भोज दोबारा सिंहासन के पास पहुँचे, तभी चौदहवीं पुतली सुनैना प्रकट हुई और बोली कि पहले विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और साहस की कथा सुननी होगी, तभी निर्णय लिया जा सकेगा कि भोज सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। इतना कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने कहा […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 11 – त्रिलोचनी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 11 ग्यारहवें दिन, राजा भोज धीरे-धीरे राज्याभिषेक की ओर बढ़े। तभी ग्यारहवीं गुड़िया त्रिलोचनी प्रकट हुई और उन्होंने राजा के सामने राजा विक्रमादित्य की एक अन्य कथा कहनी शुरू की। “राजा भोज, मेरा नाम त्रिलोचनी है। मैंने इस सिंहासन के महान शासक राजा विक्रमादित्य की लंबे समय तक सेवा की है। मैंने […]

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तीन-छोटे-सूअरों-की-कहानी

तीन छोटे सूअरों की कहानी

एक समय तीन छोटे सूअर भाई रहते थे। उन्होंने अपने-अपने घर बनाने का निश्चय किया। सबसे बड़े सूअर ने घास-फूस से अपना घर बनाया क्योंकि यह सामग्री हल्की और सर्वसुलभ थी। दूसरे सूअर ने लकड़ी का घर बनाया क्योंकि पेड़ से मज़बूत घर तैयार हो सकता था। किंतु सबसे छोटे सूअर ने ईंटें जोड़नी शुरू […]

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सबसे अच्छे दोस्तों की सीख – The Lesson of Best Friends

सबसे अच्छे दोस्तों की सीख – The Lesson of Best Friends

सबसे अच्छे दोस्तों की सीख गाँव के एक छोटे से विद्यालय में तीन बच्चे पढ़ते थे — विवान, नील और कबीर। तीनों एक ही कक्षा में थे और पढ़ाई में आगे रहने वाले बच्चों में गिने जाते थे। लेकिन एक आदत ऐसी थी जिसने धीरे-धीरे उनकी दोस्ती को कमज़ोर कर दिया था। वे हर बात […]

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धीमी-कछुआ-और-घमंडी-खरगोश---The-Slow-Turtle-and-the-Proud-Hare

धीमा कछुआ और घमंडी खरगोश – The Slow Turtle and the Proud Hare

धीमा कछुआ और घमंडी खरगोश घने पेड़ों से ढकी एक सुंदर सी घाटी थी, जहाँ कई तरह के जानवर रहते थे. वहाँ पास ही एक हरा-भरा मैदान था, जहाँ हर सुबह सूरज की किरणें हल्की गर्मी के साथ उतरती थीं और ठंडी हवा पूरे माहौल को सुखद बना देती थी. इसी मैदान में एक धीमा […]

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