हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

ant-and-dove-friendship-hindi-story

चींटी और कबूतर की मित्रता

गर्मी के एक तपते दिन, एक चींटी पानी की तलाश में इधर-उधर घूम रही थी। काफी देर भटकने के बाद उसे एक नदी दिखाई दी। पानी देखकर वह बहुत खुश हुई। वह पानी पीने के लिए एक छोटे पत्थर पर चढ़ी, पर फिसल कर नदी में गिर गई। वह डूबने लगी। उसी समय पास के […]

Continue Reading
Kirata-Arjuneeyam---किरातार्जुनीयम्

किरातार्जुनीयम् – Kirata Arjuneeyam

किरातार्जुनीयम् पांडव वीर अर्जुन अद्वितीय धनुर्धर थे, किन्तु उनमें भक्ति या श्रद्धा का नितांत अभाव माना जाता था। अपनी असीम शक्ति और कौशल के मद में वे ईश्वर की भक्ति को अनावश्यक समझते थे। इसी अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान शिव ने ‘किरातार्जुनीयम्’ की लीला रची—एक ऐसा युद्ध जहाँ अर्जुन का प्रतिद्वंद्वी स्वयं महादेव […]

Continue Reading
आलसी गधे की चालाकी - Dealing with the Lazy Donkey

आलसी गधे की चालाकी – Dealing with the Lazy Donkey

आलसी गधे की चालाकी एक बार की बात है, एक नमक व्यापारी था। नमक बेचने के लिए उसे कपड़े के बोरे भरने पड़ते, गधे पर लादने पड़ते, फिर गधे के साथ एक नदी पार करके दूसरे किनारे के बाजार में जाकर नमक बेचना पड़ता। एक दिन व्यापारी बाजार पहुँचने में देर से निकला। जल्दबाजी में […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस भाग तेईस

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस घोर अंधेरा फैला हुआ था। रात की निस्तब्धता को केवल झींगुरों की आवाजें ही तोड़ रही थीं। राजा विक्रम अपनी दृढ़ चाल के साथ जंगल से होते हुए फिर उसी श्मशान की ओर बढ़ रहे थे। हवा भारी थी, पर उनका संकल्प इससे भी अधिक दृढ़। बेताल हमेशा […]

Continue Reading
भेड़िया-और-मेमने-का-बहाना---Wolf-and-the-Lamb’s-Excuse

भेड़िया और मेमने का बहाना – Wolf and the Lamb’s Excuse

भेड़िया और मेमने का बहाना एक शांत पहाड़ी इलाके में एक साफ बहती छोटी नदी थी जिसके किनारे हर सुबह नरम धूप चमकती थी और घास पर ओस मोती जैसी टिमटिमाती थी। उसी नदी के पास एक चरवाहे का टोल चलता था लेकिन कभी-कभी कुछ मेमने अकेले चरने चले जाते थे क्योंकि वहाँ का वातावरण […]

Continue Reading
The-Vanishing-Shadow

छाया ने दिया रहस्यमय संदेश | The Shadow Gave a Mysterious Message

जो देखता था सबको पर खुद को नहीं देख पाया पूरे इलाके में वह अपने पैनी नजर के लिए मशहूर था। उसकी आँखें दूसरों की छोटी-से-छोटी गलती पकड़ लेती थीं। अखबार में छपा टाइपो, सड़क पर गिरा कागज, बाजार में दुकानदार की गिनती में चूक—कुछ भी उसकी नजर से बच नहीं पाता। लेकिन उसकी यह […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई भाग सोलह

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई रात का समय था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था। हवा की तीखी सीटी जैसी आवाजें कानों में कौंध रही थीं, और सूखे पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर अजीब परछाइयाँ बन रही थीं, मानो […]

Continue Reading
ईमानदार शिष्य - The Persistent Student

ईमानदार शिष्य – The Persistent Student

ईमानदार शिष्य श्री गुरु नरसिंह सरस्वती प्रायः एक किसान शिष्य के खेत के पास से गुज़रते थे। शिष्य गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा रखता था। जब भी गुरुजी उधर से निकलते, वह श्रद्धा से सिर झुकाकर उनके चरणों में गिर पड़ता। यह दृश्य नित्य का हो गया था। एक दिन गुरुजी ने उसकी इस अटूट […]

Continue Reading
The Lion and the Mouse

शेर और चूहे की कहानी

एक जंगल में, एक शेर आराम से सो रहा था। तभी एक छोटा चूहा उसके ऊपर मस्ती करने लगा और इधर-उधर दौड़ने लगा। इससे शेर की नींद टूट गई और वह बहुत गुस्सा हो गया। वह चूहे को पकड़ने ही वाला था और उसे खा जाने वाला था। तभी डरा हुआ चूहा बोला और उसने […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-13-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 13 – कीर्तिमती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 13 तेरहवीं गुड़िया कीर्तिमती की कथा में वर्णित प्रसंग उस समय प्रारम्भ होता है जब तेरहवें दिन राजा भोज सिंहासन पर बैठने का प्रयास करते हैं तो एक नई गुड़िया उनके सामने प्रकट होती है और कहती है कि उसका नाम कीर्तिमती है और वह पहले उन्हें राजा विक्रमादित्य की उदारता की […]

Continue Reading