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नीले-जंगल-की-रक्षक-परी-The-Guardian-Fairy-of-the-Blue-Forest

नीले जंगल की रक्षक परी – The Guardian Fairy of the Blue Forest

नीले जंगल की रक्षक परी नीले जंगल के बीचोंबीच हरियाली से भरा एक सुंदर इलाका था जहाँ ऊँचे पेड़, चमकती झीलें और हल्की नीली धुंध हमेशा रहती थी। इस पूरे जंगल की रक्षा एक दयालु परी करती थी, जिसे सब नीली रक्षक कहकर बुलाते थे। उसके पंख हल्के नीले रंग के थे और उनमें से […]

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फूलों-की-दुखी-परी-Flower-Fairy-Who-Lost-Her-Smile

फूलों की दुखी परी Flower Fairy Who Lost Her Smile

फूलों की दुखी परी फूलों के घाटी नाम की एक शांत और रंगीन जगह थी जहाँ हर तरफ खुशबू फैली रहती थी और छोटे छोटे तितलियाँ हवा में खेलती थीं। इस घाटी की सारी सुंदरता का ख्याल रखती थी फूलों की परी, जिसे सब सिया कहते थे। सिया की एक खास बात थी कि जितनी […]

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लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल - Persistence and Attention to Detail

लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल – Persistence and Attention to Detail

लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल कर्नाटक के एक प्रतिष्ठित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में केशव नाम का एक छात्र यांत्रिक इंजीनियरिंग पढ़ रहा था। केशव एक मेधावी छात्र था। वह आठ सेमेस्टर के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के छठे सेमेस्टर में पढ़ रहा था। पिछले पांचों सेमेस्टर में केशव ने डिस्टिंक्शन के साथ उत्तीर्णता प्राप्त की थी। […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: सत्य प्रेम और छलावा भाग उन्नीस

विक्रम और बेताल: सत्य प्रेम और छलावा  रात अपने गहरे सन्नाटे के साथ पूरी तरह जंगल पर फैल चुकी थी। पेड़ों की शाखाओं के बीच चाँद की हल्की रोशनी ऐसे उतर रही थी जैसे आसमान से किसी ने टूटे मोतियों को धीरे धीरे धरती पर बिखेर दिया हो। राजा विक्रम, अपने दृढ़ कदमों के साथ, […]

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मुर्गा-और-सूरज-का-भ्रम-_-The-Rooster-and-the-Illusion-of-the-Sun

मुर्गा और सूरज का भ्रम | The Rooster and the Illusion of the Sun

मुर्गा और सूरज का भ्रम शांत गाँव के किनारे फैली हरी जमीन पर एक लंबा सा बाड़ा बना था जहाँ कई तरह के पक्षी रहते थे और उनमें से सबसे शोर मचाने वाला था एक लाल कलगी वाला मुर्गा जिसका नाम सब प्यार से मुन्ना मुर्गा बुलाते थे क्योंकि उसकी बाँग इतनी तेज होती थी […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: वचन की ताकत भाग बाईस

विक्रम और बेताल: वचन की ताकत घना जंगल अंधेरे में डूबा हुआ था। पेड़ों की परछाइयाँ हिलती हुई प्रतीत होती थीं और हवा में एक अनजाना भय तैर रहा था। राजा विक्रम अपने मजबूत कदमों के साथ श्मशान की ओर बढ़ रहे थे, जहाँ बेताल फिर से उसी पेड़ से उलटा लटका हुआ था। जैसे […]

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दो-बिल्लियाँ-और-चालाक-बंदर

दो बिल्लियाँ और चालाक बंदर

  एक समय की बात है, दो बिल्लियाँ गहरी मित्र थीं। एक दिन संयोग से उन्हें रास्ते में एक रोटी का टुकड़ा मिल गया। दोनों में उसे बाँटने की बात हुई। परंतु जब उन्होंने रोटी के दो टुकड़े किए, तो एक टुकड़ा दूसरे से बड़ा निकला। दोनों अपने-अपने हिस्से के लिए बड़ा टुकड़ा चाहती थीं। […]

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सपनों-का-पुल-_-The-Bridge-of-Dreams

सपनों का पुल: रोशनी, दोस्ती और भरोसे की जादुई यात्रा | The Bridge of Dreams: A Magical Journey of Light, Friendship, and Faith

 रोशनी, दोस्ती और भरोसे की जादुई यात्रा एक शांत पहाड़ी कस्बे में दो घनिष्ठ दोस्त रहते थे। दोनों का नाम अलग था, लेकिन उनके दिल एक जैसे थे। एक था साहसी और जोश से भरा हुआ, दूसरा था शांत और सोचने में माहिर। दिन भर दोनों साथ खेलते, बातें करते और नए नए ख्यालों में […]

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sundara-kanda-ki-pavan-katha-7

सुन्दरकाण्ड की पावन कथा – 7

सुन्दरकाण्ड की पावन कथा और हनुमान का महासंकल्प व समुद्र-लांगन लीला उस पर्वत से छलांग लगाने का निश्चय किया। वह एक जंगली बैल के समान दिखते हुए अपने शरीर को अत्यधिक विशाल करने लगे। वह एक बड़े पर्वत के समान प्रतीत होने लगे। उनके चरणों तले विशाल पर्वत कांपने लगा। सर्प और वन्य प्राणी अपने […]

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श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ – The Curse on Dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ महान राजा दशरथ, जो श्री राम के पिता थे, एक बार शिकार पर गए। यह घटना श्री राम के जन्म से पहले की है। दशरथ ‘शब्दभेदी बाण’ चलाने में निपुण थे, यानी वह केवल ध्वनि सुनकर ही, बिना प्राणी को देखे, उस दिशा में बाण चला सकते थे और […]

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