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जुगनुओं-की-रानी-का-मुकुट-_-The-Crown-of-the-Firefly-Queen

जुगनुओं की रानी का मुकुट | The Crown of the Firefly Queen

जुगनुओं की रानी का मुकुट  घने जंगल के बीच एक खुला मैदान था जहाँ रात होते ही छोटे छोटे जुगनू अपनी चमक से पूरी जगह को रौशन कर देते थे। इस मैदान की रानी थी एक सुंदर जुगनू जिसे सब जुगनुओं की रानी कहते थे। उसके सिर पर चमकदार सोने जैसा मुकुट था जो उसकी […]

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सुनहरी-हवा-की-रानी-Golden-Queen-of-the-Wind

सुनहरी हवा की रानी – Golden Queen of the Wind

सुनहरी हवा की रानी  एक शांत सा गाँव था जहाँ हर सुबह सूरज की रोशनी और हल्की हवा बच्चों को खेलने का बुलावा देती थी। गाँव वाले इस हवा को अपना दोस्त मानते थे क्योंकि यह खेतों में खड़ी फसलों को झुलाती थी, पेड़ों को नाचने पर मजबूर करती थी और गर्मी में ठंडी राहत […]

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नीले-बादल-का-अनोखा-सफर---The-Magical-Journey-of-the-Blue-Cloud

नीले बादल का अनोखा सफर – The Magical Journey of the Blue Cloud

नीले बादल का अनोखा सफर नीला एक छोटा सा बादल था जो बाकी बादलों से थोड़ा अलग था क्योंकि उसका रंग हल्का आसमानी नहीं बल्कि बिल्कुल साफ नीला था जैसे किसी ने रंग भर दिया हो। बाकी बादल उसे देखकर हमेशा हंसते थे और कहते थे कि वह बहुत अजीब है, लेकिन नीला कभी बुरा […]

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तेनाली रामन की पुरोहित से बदला लेने की योजना और चतुराइयाँ – 6 से 10

ताताचार्य से बदला लेता है रामन – 6 इस प्रकार तेनाली रामन कृष्णदेव राय के दरबारी विदूषक बन गए। उन्होंने अपने परिवार के लिए एक घर बनवाया। उन्होंने अपने पारिवारिक मामलों को लगभग स्थिर कर लिया था। वह ताताचार्य को सबक सिखाने का अवसर ढूंढ रहे थे। अंततः रामन को पुरोहित से बदला लेने का […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: बुद्धि बनाम शक्ति भाग तेरह

विक्रम और बेताल: बुद्धि बनाम शक्ति रात का गहरा अँधेरा था, हवा में ठंडक और पेड़ों की शाखाओं से आती अजीब सरसराहट मानो किसी अनहोनी का संकेत हो। राजा विक्रम अपनी तलवार कमर से बाँधे, दृढ़ कदमों से उसी पुराने मार्ग पर चल रहे थे, जहाँ उन्हें फिर से बेताल को लाना था। वे जानते […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 6 – रविभामा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 6 छठे दिन, राजा भोज ने सच में सिंहासन पर बैठने का प्रयास करने का निर्णय लिया। जैसे ही वे सिंहासन की ओर बढ़े, छठी गुड़िया जाग उठी और बोली, “मेरा नाम रविभामा है। मैंने राजा विक्रमादित्य की धैर्य और दयालुता देखी है। मैं आपको राजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाऊंगी। उसके […]

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एकता में ही बल है - Together we stand, Divided we fall

एकता में ही बल है – Together we stand, Divided we fall

एकता में ही बल है एक समय की बात है, एक बूढ़े पिता थे और उनके चार पुत्र थे। चारों पुत्र अब युवावस्था में आ चुके थे। हर कोई बीस के दशक में था और दुनिया को जीतने के लिए तैयार था। वे सभी शिक्षित थे, पर समस्या यह थी कि वे आपस में एक […]

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Bharavi,-the-Humbled-Poet---भरवि,-दंभहीन-कवि

भरवि, दंभहीन कवि – Bharavi, the Humbled Poet

भरवि, दंभहीन कवि एक बार की बात है, एक महान कवि भरवि रहते थे। वे अत्यंत विद्वान, वेद-पुराणों के ज्ञाता और काव्य में निपुण थे। उनकी प्रशंसा राजा करते, सहचर विद्वान करते, माता करतीं और पत्नी भी करती थीं। किंतु, उनके स्वयं के पिता ने उन्हें कभी एक बार भी प्रशंसा के दो शब्द नहीं […]

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धैर्यवान-ऊँट-और-जल्दबाज़-हिरन-–-The-Patient-Camel-and-the-Hasty-Deer

धैर्यवान ऊँट और जल्दबाज़ हिरन – The Patient Camel and the Hasty Deer

धैर्यवान ऊँट और जल्दबाज़ हिरन  रेगिस्तान की गर्म रेत और दूर तक फैले सुनसान मैदानों के बीच एक लंबा रास्ता था जो दो छोटे क़स्बों को जोड़ता था। इस रास्ते से सुबह के वक्त कई जानवर पानी की तलाश में निकलते थे, क्योंकि दोपहर होते ही सूरज की तपिश इतनी तेज़ हो जाती कि चलना […]

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singhasan-battisi-story-29-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 29 – मानवती की कथा

इस कथा के अनुसार, उनत्तीसवें दिन जब राजा भोज शक्तिशाली और गौरवशाली सिंहासन पर बैठने का प्रयास कर रहे थे, तभी उनत्तीसवीं गुड़िया मानवती ने उन्हें रोकते हुए कहा कि वे तभी इस अद्भुत सिंहासन पर बैठने योग्य होंगे, जब उनमें राजा विक्रमादित्य जैसे महान गुणों का समावेश हो। उन्होंने अपने परिचय के बाद राजा […]

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