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महर्षि वाल्मीकि का जीवन और रामकथा की दिव्य उत्पत्ति – 2

महर्षि वाल्मीकि का जीवन अत्यंत अद्भुत और प्रेरणादायक है। एक समय वह एक साधारण शिकारी थे जो अपने जीवन में असंख्य पाप और अपराध करते थे। जानवरों का शिकार करना उनका रोज़ का काम था। उसी दौरान एक दिन उन्हें मार्ग में कुछ तपस्वी ऋषि मिले। शिकारी ने सोचा कि वह उन्हें लूटकर अपने परिवार […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा भाग तीन

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा बहुत समय पहले एक प्रतिष्ठित और विद्वान पुरोहित के घर एक कन्या ने जन्म लिया जिसका नाम मंदारवती रखा गया। वह जन्म से ही अत्यंत सुंदर, सुसंस्कृत और सभी के हृदय को मोह लेने वाली थी। जैसे-जैसे वह बड़ी होती गई, उसकी सुंदरता और विनम्रता […]

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चींटी और कबूतर की मित्रता

गर्मी के एक तपते दिन, एक चींटी पानी की तलाश में इधर-उधर घूम रही थी। काफी देर भटकने के बाद उसे एक नदी दिखाई दी। पानी देखकर वह बहुत खुश हुई। वह पानी पीने के लिए एक छोटे पत्थर पर चढ़ी, पर फिसल कर नदी में गिर गई। वह डूबने लगी। उसी समय पास के […]

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चालाक कौआ और लोमड़ी | (The Clever Crow and the Fox)

चालाक कौआ और लोमड़ी | (The Clever Crow and the Fox)

चालाक कौआ और लोमड़ी गर्मियों का मौसम था। सूरज आसमान में आग उगल रहा था। पेड़ों की छाँव में भी गर्म हवा चल रही थी। जंगल में हर तरफ सन्नाटा था। छोटे-बड़े जानवर सब अपने बिलों और घरों में दुबके हुए थे। ऐसे में एक कौआ आसमान में उड़ता हुआ बहुत प्यासा हो गया। उसकी […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 16 – सत्यवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 16  सोलहवें दिन फिर से राजा भोज सिंहासन पर बैठने चले, तभी सिंहासन की सोलहवीं गुड़िया प्रकट हुई और उसने उन्हें रोका। गुड़िया ने कहा कि वह उन्हें राजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाएगी, जो उनकी अनुपम उदारता को दर्शाती है। यदि राजा भोज उस उदारता की बराबरी कर सकें, तभी वे […]

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तीन-छोटे-सूअरों-की-कहानी

तीन छोटे सूअरों की कहानी

एक समय तीन छोटे सूअर भाई रहते थे। उन्होंने अपने-अपने घर बनाने का निश्चय किया। सबसे बड़े सूअर ने घास-फूस से अपना घर बनाया क्योंकि यह सामग्री हल्की और सर्वसुलभ थी। दूसरे सूअर ने लकड़ी का घर बनाया क्योंकि पेड़ से मज़बूत घर तैयार हो सकता था। किंतु सबसे छोटे सूअर ने ईंटें जोड़नी शुरू […]

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विक्रम और बेताल: प्रेम बनाम अधिकार भाग बारह

विक्रम और बेताल: प्रेम बनाम अधिकार  रात का गहरा सन्नाटा श्मशान की हवा में फैल चुका था, टिमटिमाती चिताओं से उठती हल्की राख और पेड़ों से गिरती सूखी पत्तियाँ उस माहौल की भयावहता को और बढ़ा रही थीं। राजा विक्रम अपने कंधे पर बेताल को उठाए बिना किसी डर या घबराहट के तांत्रिक की दिशा […]

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लालची-सुअर-और-चतुर-बकरा-_-The-Greedy-Pig-and-the-Clever-Goat

लालची सुअर और चतुर बकरा | The Greedy Pig and the Clever Goat

लालची सुअर और चतुर बकरा एक बड़े से गाँव के बाहर फैला हरा-भरा मैदान था जहाँ कई तरह के जानवर आराम से रहते थे। वहाँ एक सुअर और एक बकरा भी रहते थे। दोनों को खुली हवा, घास और ताज़ी खुशबू वाली जमीन बहुत पसंद थी, लेकिन दोनों की आदतें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थीं। […]

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भेड़िया-और-सच्चा-कुत्ता-–-The-Wolf-and-the-Loyal-Dog

भेड़िया और वफादार कुत्ता – The Wolf and the Loyal Dog

भेड़िया और वफादार कुत्ता एक बड़ा सा गाँव था, जहाँ चारों तरफ हरियाली फैलती थी और दूर तक गेहूँ के खेत चमकते थे। गाँव के लोग मेहनती थे और रात को खेतों की रखवाली करना सबसे कठिन कामों में गिना जाता था। कई बार जंगली जानवर खेत में घुसने की कोशिश करते, इसलिए गाँव वाले […]

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श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ – The Curse on Dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ महान राजा दशरथ, जो श्री राम के पिता थे, एक बार शिकार पर गए। यह घटना श्री राम के जन्म से पहले की है। दशरथ ‘शब्दभेदी बाण’ चलाने में निपुण थे, यानी वह केवल ध्वनि सुनकर ही, बिना प्राणी को देखे, उस दिशा में बाण चला सकते थे और […]

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