हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

बोलता-हुआ-पेड़-The-Talking-Tree

बोलता हुआ पेड़ – The Talking Tree

बोलता हुआ पेड़ हरी पहाड़ियों और साफ नीले आसमान के बीच बसा एक शांत गाँव था, जहाँ लोग मेहनती थे और बच्चों की हँसी हर तरफ गूँजती थी। इस गाँव के बीच एक छोटा जंगल था, जिसे लोग कम ही पार करते थे। जंगल में एक बहुत पुराना पेड़ था, जिसका तना चौड़ा और पत्ते […]

Continue Reading
शिव ने बालक का दूध पिया - Tiru Gnana Sambandar of Sirkali

शिव ने बालक का दूध पिया – Tiru Gnana Sambandar of Sirkali

शिव ने बालक का दूध पिया तमिलनाडु के सिरकाली में गुरु ज्ञान संबंदर की कहानी अद्भुत है। उनके पिता प्रतिदिन शिव मंदिर जाते और भगवान को नैवेद्य के रूप में दूध अर्पित करते। भगवान को अर्पित करने के बाद पिता उस दूध को वापस घर लाते और छोटे बालक ज्ञान संबंदर को पिलाते। एक दिन, […]

Continue Reading
Bharavi,-the-Humbled-Poet---भरवि,-दंभहीन-कवि

भरवि, दंभहीन कवि – Bharavi, the Humbled Poet

भरवि, दंभहीन कवि एक बार की बात है, एक महान कवि भरवि रहते थे। वे अत्यंत विद्वान, वेद-पुराणों के ज्ञाता और काव्य में निपुण थे। उनकी प्रशंसा राजा करते, सहचर विद्वान करते, माता करतीं और पत्नी भी करती थीं। किंतु, उनके स्वयं के पिता ने उन्हें कभी एक बार भी प्रशंसा के दो शब्द नहीं […]

Continue Reading
the-curse-on-dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ – The Curse on Dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ महान राजा दशरथ, जो श्री राम के पिता थे, एक बार शिकार पर गए। यह घटना श्री राम के जन्म से पहले की है। दशरथ ‘शब्दभेदी बाण’ चलाने में निपुण थे, यानी वह केवल ध्वनि सुनकर ही, बिना प्राणी को देखे, उस दिशा में बाण चला सकते थे और […]

Continue Reading
गुरुभक्त एकलव्य का त्याग - Ekalavya's Sacrifice

गुरुभक्त एकलव्य का त्याग – Ekalavya’s Sacrifice

गुरुभक्त एकलव्य का त्याग महाभारत के समय जब पांडव और कौरव द्रोणाचार्य से विद्या प्राप्त कर रहे थे, तब एक विलक्षण छात्र एकलव्य नामक निषाद कुमार भी धनुर्विद्या सीखने की अभिलाषा रखता था। द्रोणाचार्य हस्तिनापुर से दूर अपने आश्रम में राजकुमारों को शिक्षा देते थे। एकलव्य वहाँ चुपचाप छिपकर पूरी प्रक्रिया देखा करता था। उसने […]

Continue Reading
शहरी-चूहा-और-ग्रामीण-चूहा

शहरी चूहा और ग्रामीण चूहा

एक समय की बात है, एक शहरी चूहा और एक ग्रामीण चूहा रहते थे। एक दिन ग्रामीण चूहे ने शहरी चूहे को अपने घर आमंत्रित किया। ग्रामीण चूहे ने जब भोजन परोसा तो शहरी चूहा निराश हो गया। उसने कहा, “बस इतना ही? यह तो कुछ मक्का और अनाज के दाने मात्र हैं। यदि तुम […]

Continue Reading
life-of-sage-valmiki-and-the-divine-origin-of-the-ramayana

महर्षि वाल्मीकि का जीवन और रामकथा की दिव्य उत्पत्ति – 2

महर्षि वाल्मीकि का जीवन अत्यंत अद्भुत और प्रेरणादायक है। एक समय वह एक साधारण शिकारी थे जो अपने जीवन में असंख्य पाप और अपराध करते थे। जानवरों का शिकार करना उनका रोज़ का काम था। उसी दौरान एक दिन उन्हें मार्ग में कुछ तपस्वी ऋषि मिले। शिकारी ने सोचा कि वह उन्हें लूटकर अपने परिवार […]

Continue Reading
कछुआ-और-दो-लोभी-मछलियाँ---The-Turtle-and-the-Two-Greedy-Fish

कछुआ और दो लोभी मछलियाँ – The Turtle and the Two Greedy Fish

कछुआ और दो लोभी मछलियाँ एक शांत तालाब में एक बूढ़ा कछुआ रहता था। तालाब बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उसमें इतने पेड़ पौधे और ठंडी मिट्टी थी कि हर दिन नया और ताज़ा लगता था। उसी तालाब में दो मछलियाँ भी रहती थीं। दोनों तेज, चमकीली और हमेशा घूमने भागने वाली थीं। पर उनकी […]

Continue Reading
असली-मित्र-की-पहचान

असली मित्र की पहचान

एक घने जंगल में एक हाथी रहता था। वह बहुत अकेलापन महसूस करता था और उसकी इच्छा थी कि उसके कुछ सच्चे मित्र हों। एक दिन, उसने मित्रता की तलाश में जंगल के विभिन्न कोनों में भ्रमण शुरू किया। सबसे पहले उसकी नज़र एक पेड़ की डाल पर बैठे बंदर पर पड़ी। हाथी ने विनम्रता […]

Continue Reading
मेहनती-चींटी-और-आलसी-टिड्डा---The-Hardworking-Ant-and-the-Lazy-Grasshopper

मेहनती चींटी और आलसी टिड्डा – The Hardworking Ant and the Lazy Grasshopper

मेहनती चींटी और आलसी टिड्डा हरे-भरे खेतों और पेड़ों से घिरे एक शांत मैदान में दो छोटे जीव रहते थे। एक थी छोटी पर मेहनती चींटी लीला, जो पूरे साल सर्दियों की तैयारी में लगी रहती थी। दूसरा था आलसी टिड्डा गिन्नू, जिसे बस गाना, कूदना और धूप में मस्ती करना पसंद था। दोनों एक […]

Continue Reading