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सिंहासन बत्तीसी कथा 28 – वैदेही की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 28 राजा भोज जब अट्ठाईसवें दिन पुनः सिंहासन पर बैठने हेतु आगे बढ़े, तभी अट्ठाईसवीं गुड़िया वैदेही उनके सामने प्रकट हुई। उसने स्वयं का परिचय देते हुए कहा, “राजा भोज, मेरा नाम वैदेही है। मैं इस सिंहासन की अट्ठाईसवीं गुड़िया हूँ। क्या आपको कभी देवेंद्र इंद्र ने अपने सिंहासन पर बैठने के […]

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धैर्यवान-ऊँट-और-जल्दबाज़-हिरन-–-The-Patient-Camel-and-the-Hasty-Deer

धैर्यवान ऊँट और जल्दबाज़ हिरन – The Patient Camel and the Hasty Deer

धैर्यवान ऊँट और जल्दबाज़ हिरन  रेगिस्तान की गर्म रेत और दूर तक फैले सुनसान मैदानों के बीच एक लंबा रास्ता था जो दो छोटे क़स्बों को जोड़ता था। इस रास्ते से सुबह के वक्त कई जानवर पानी की तलाश में निकलते थे, क्योंकि दोपहर होते ही सूरज की तपिश इतनी तेज़ हो जाती कि चलना […]

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सुनहरी-हवा-की-रानी-Golden-Queen-of-the-Wind

सुनहरी हवा की रानी – Golden Queen of the Wind

सुनहरी हवा की रानी  एक शांत सा गाँव था जहाँ हर सुबह सूरज की रोशनी और हल्की हवा बच्चों को खेलने का बुलावा देती थी। गाँव वाले इस हवा को अपना दोस्त मानते थे क्योंकि यह खेतों में खड़ी फसलों को झुलाती थी, पेड़ों को नाचने पर मजबूर करती थी और गर्मी में ठंडी राहत […]

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The Girl Who Woke the Sleeping Forest

जंगल की नींद खोलने वाली लड़की – The Girl Who Woke the Sleeping Forest

जंगल की नींद खोलने वाली लड़की गाँव के पास फैला हुआ एक बड़ा, खूबसूरत जंगल था। सुबह की हवा वहाँ हमेशा ताज़ा लगती थी, पत्तियाँ हल्की आवाज़ में सरसराती थीं और छोटे-छोटे जानवर इधर-उधर दौड़ते रहते थे। इस जंगल को गाँव वाले “जीता जागता जंगल” कहते थे, क्योंकि यहाँ की हर चीज़ में जैसे ज़िंदगी […]

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चतुर-गौरैया-और-लालची-कौआ---Clever-Sparrow-and-the-Greedy-Crow (1)

चतुर गौरैया और लालची कौआ – Clever Sparrow and the Greedy Crow

चतुर गौरैया और लालची कौआ हरे पेड़ों और शांत हवा वाले एक छोटे से गाँव के पास एक लंबा-सा बरगद का पेड़ खड़ा था। उसी पेड़ पर रहती थी चतुर गौरैया चिनी, जो मेहनती, शांत स्वभाव वाली और हमेशा दूसरों की मदद करने वाली थी। पेड़ की सबसे ऊपरी डाल पर रहता था कौआ काला, […]

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समय-की-परी-Time-Fairy

समय की परी – Time Fairy

समय की परी एक शांत दोपहर थी। स्कूल से लौटकर शिवम अपनी मेज पर टिके हुए घड़ी की टिक-टिक देख रहा था। उसे लगता था कि समय कभी तेजी से दौड़ता है, कभी बहुत धीरे सरकता है। रविवार को खेलते समय समय पंख लगाकर उड़ जाता था, लेकिन जैसे ही सोमवार आता, वही समय उसे […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 27 – मलयावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 27 मलयावती, जो राजा विक्रमादित्य के सिंहासन की सत्ताइसवीं गुड़िया थी, राजा भोज के सामने प्रकट होकर स्वयं का परिचय देते हुए बोली, “मेरा नाम मलयावती है। मैं उन बत्तीस अद्भुत गुड़ियों में से एक हूँ जिनमें विक्रमादित्य की अद्भुत स्मृतियाँ और प्रेरणादायक प्रसंग सुरक्षित हैं। हमारे स्वामी अतुलनीय विद्वान, दयालु, धर्मनिष्ठ […]

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राम-नाम-का-मोक्षदायी-प्रभाव---King-of-Kasi

राम नाम का मोक्षदायी प्रभाव – King of Kashi

राम नाम का मोक्षदायी प्रभाव काशी या वाराणसी भारत की एक महान पुण्य स्थली है, जहाँ पवित्र गंगा नदी में स्नान कर मनुष्य अपने पापों को धोता है। अपने पूर्व जन्मों के कुछ पापों के प्रभाव से मुक्ति पाने के लिए काशी के राजा भगवान नारायण की आराधना कर रहे थे। तब महर्षि नारद प्रकट […]

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गोकर्ण-का-शिवलिंग---Gokarna-Shiva-Linga

गोकर्ण का शिवलिंग – Gokarna Shiva Linga

गोकर्ण का शिवलिंग एक दिन लंका के समुद्र तट पर रावण टहल रहा था। उसने देखा कि उसकी माता ने समुद्र के किनारे की मिट्टी से अपने हाथों से एक शिवलिंग बनाया था। वह उस लिंग की पूजा कर रही थीं, और उनकी पूजा के बाद लहरें उस लिंग को बहा ले जाती थीं। यह […]

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पितृ-वचन-का-पालन---Lord-Rama’s-Word (1)

पितृ-वचन का पालन – Lord Rama’s Word

 पितृ-वचन का पालन प्रभु राम एक सुंदर युवक के रूप में बड़े हुए और अल्पायु में ही ऋषि विश्वामित्र के साथ राक्षसों खर और दूषण का वध करने चले गए, जो ऋषि की तपस्या में विघ्न डाल रहे थे। कुछ समय बाद, ऋषि राम को राजा जनक के दरबार में ले गए, जहाँ भगवान शिव […]

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