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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: तीन विशिष्ट ब्राह्मण पुत्रों की अद्भुत कथा भाग दो

विक्रम और बेताल: तीन विशिष्ट ब्राह्मण पुत्रों की अद्भुत कथा बहुत समय पहले एक समृद्ध और प्रतिष्ठित ब्राह्मण रहता था जिसका नाम विष्णुस्वामिन था। वह विद्वान, धार्मिक और बड़े-बड़े यज्ञों का कर्ता था। उसके घर में हर समय सीखने और पूजा का वातावरण रहता था। एक दिन उसने निर्णय लिया कि वह एक विशाल और […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अंतिम रहस्य का खुलासा भाग पच्चीस

विक्रम और बेताल: अंतिम रहस्य का खुलासा विक्रम और बेताल की अंतिम यात्रा अपने पच्चीसवें प्रयास पर पहुँच चुकी थी। इस बार जंगल की हवा भारी थी, जैसे कोई अनदेखा रहस्य चारों ओर पसरा हो। विक्रम शव को कंधे पर लिए आगे बढ़ रहे थे, और बेताल असामान्य रूप से शांत था। कुछ दूरी चलने […]

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Raman-Fooled-the-Robbers---48

चतुराई और हास्य से सजी तेनाली रामन की कथाएँ – 46 से 50

दुल्हन ने दुल्हे को जूता फेंका – 46 एक बार राजा तेनाली रामन से निजी वार्ता में व्यस्त थे। बातचीत के बीच राजा ने रामन को एक असामान्य चुनौती दी। रामन ने कहा कि एक स्त्री एक वर्ष के भीतर उनके मुख पर चप्पल फेंकेगी। राजा ने यह चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि यदि […]

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धीमी-कछुआ-और-घमंडी-खरगोश---The-Slow-Turtle-and-the-Proud-Hare

धीमा कछुआ और घमंडी खरगोश – The Slow Turtle and the Proud Hare

धीमा कछुआ और घमंडी खरगोश घने पेड़ों से ढकी एक सुंदर सी घाटी थी, जहाँ कई तरह के जानवर रहते थे. वहाँ पास ही एक हरा-भरा मैदान था, जहाँ हर सुबह सूरज की किरणें हल्की गर्मी के साथ उतरती थीं और ठंडी हवा पूरे माहौल को सुखद बना देती थी. इसी मैदान में एक धीमा […]

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How-the-Squirrel-got-its-Stripes---गिलहरी-की-पीठ-पर-धारियाँ-कैसे-आईं

गिलहरी की पीठ पर धारियाँ कैसे आईं – How the Squirrel got its Stripes

गिलहरी की पीठ पर धारियाँ कैसे आईं एक समय की बात है, हनुमान लंका से लौटे थे। उन्होंने वहाँ माता सीता को दुखी अवस्था में देखा था और उसी का समाचार प्रभु श्रीराम को दिया। यह सुनते ही श्रीराम ने विलम्ब न करते हुए रावण की नगरी लंका जाने की तैयारी की और रामेश्वरम से […]

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चतुर हिरन और शिकारी - Clever Deer and the Hunter

चतुर हिरन और शिकारी – Clever Deer and the Hunter

चतुर हिरन और शिकारी घने जंगल की हलचल में एक हिरन रहता था, जिसे सब उसकी तेज़ नज़र और समझदारी के लिए जानते थे। वह हमेशा सतर्क रहता था, चारों तरफ़ की आवाज़ें सुनता था और हर छोटी हरकत पर ध्यान देता था। जंगल के कई जानवर उसकी सतर्कता की वजह से अक्सर किसी मुश्किल […]

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सोने-वाली-घंटी-का-रहस्य-—-The-Secret-of-the-Sleep-Bell

सोने वाली घंटी का रहस्य — The Secret of the Sleep Bell

सोने वाली घंटी का रहस्य  धानपुर गाँव में शाम का समय था। सूरज ढलने को था और हवा में मिट्टी की महक तैर रही थी। चरवाहा श्याम अपने झुंड को लेकर खेतों से लौट रहा था। उसके साथ थी उसकी प्यारी गाय धानी, जिसकी गर्दन में बंधी छोटी सी सोने वाली घंटी पूरे गाँव की […]

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जादुई तितली – The Magical Butterfly

जादुई तितली – The Magical Butterfly

जादुई तितली – The Magical Butterfly बहुत समय पहले, एक छोटे से गाँव में नीले आकाश और हरे-भरे खेतों के बीच एक प्यारा सा बच्चा रहता था। उसका नाम अर्जुन था। अर्जुन की उम्र केवल आठ साल की थी, लेकिन उसकी जिज्ञासा और साहस किसी बड़े आदमी से कम नहीं था। उसे प्रकृति, जानवरों और […]

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चिड़िया-और-आँधी-–-The-Bird-and-the-Storm

चिड़िया और आँधी – The Bird and the Storm

चिड़िया और आँधी  एक छोटा सा गाँव था जो पहाड़ियों और खेतों से घिरा हुआ था। उस गाँव के किनारे एक पुराना सा पीपल का पेड़ खड़ा था जो कई बरसों से मौसमों को आते और जाते देखता रहा था। उसी पेड़ की एक ऊँची टहनी पर एक नन्ही चिड़िया रहती थी। वह कोई खास […]

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वचन के धनी कर्ण - Karna – A Man of his Word

वचन के धनी कर्ण – Karna A Man of his Word

वचन के धनी कर्ण महाभारत का युद्ध प्रारंभ होने से पहले, पांडवों की माता कुंती देवी कर्ण से मिलने गईं। कर्ण कुंती देवी का ज्येष्ठ पुत्र था, परंतु विवशतावश उन्होंने उसे त्याग दिया था। अब कर्ण एक पराक्रमी योद्धा बन चुका था और पांडवों के विरुद्ध युद्ध में था। वह कौरव सेना के अग्रणी दुर्योधन […]

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