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सिंहासन-बत्तीसी-की-कहानियाँ-(Sinhasan-Battisi-Stories)

सिंहासन बत्तीसी: विक्रमादित्य के अद्भुत किस्सों का आरंभ

सिंघासन बत्तीसी—यानी “बत्तीस कथाओं वाला सिंहासन”—भारतीय लोककथाओं का एक अनमोल खजाना है। यह सिर्फ कहानियों का संग्रह नहीं है, बल्कि एक ऐसी कालजयी कृति है जिसमें इतिहास, कल्पना और नैतिक शिक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कहानी की शुरुआत होती है 11वीं शताब्दी के विद्वान और पराक्रमी सम्राट राजा भोज से। एक दिन […]

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मेहनती-चींटी-और-आलसी-टिड्डा---The-Hardworking-Ant-and-the-Lazy-Grasshopper

मेहनती चींटी और आलसी टिड्डा – The Hardworking Ant and the Lazy Grasshopper

मेहनती चींटी और आलसी टिड्डा हरे-भरे खेतों और पेड़ों से घिरे एक शांत मैदान में दो छोटे जीव रहते थे। एक थी छोटी पर मेहनती चींटी लीला, जो पूरे साल सर्दियों की तैयारी में लगी रहती थी। दूसरा था आलसी टिड्डा गिन्नू, जिसे बस गाना, कूदना और धूप में मस्ती करना पसंद था। दोनों एक […]

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कोयल-और-कठफोड़वा---The-Cuckoo-and-the-Woodpecker

कोयल और कठफोड़वा – The Cuckoo and the Woodpecker

कोयल और कठफोड़वा  घने जंगल के बीच एक पुराना सा पेड़ खड़ा था जिसकी शाखाओं पर अलग-अलग पक्षियों के घर बसे थे। उसी पेड़ के एक ऊँचे हिस्से में कठफोड़वा का मजबूत और साफ-सुथरा घोंसला था। कठफोड़वा मेहनती था और सुबह से शाम तक अपनी चोंच से पेड़ को ठक-ठक करता रहता था, ताकि कीड़े […]

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kishkindha-kanda-ki-pavan-katha-6

किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा – 6

किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा और राम-सुग्रीव भेंट व हनुमान की कूटनीति ऋष्यमूक पर्वत के शिखर पर सुग्रीव अपने चार मित्रों के साथ बैठा था। उसकी दृष्टि पर्वत के चारों दिशाओं को सतर्कता से छान रही थी। वह अपने बड़े भाई बाली और उसके अनुचरों से अत्यंत भयभीत था। तभी उसने दो तरुण पुरुषों को […]

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Saktuprasta-and-Squirrel-Heaven-Story---सक्तुप्रस्त-और-स्वर्ण-धूसर-गिलहरी-की-कथा

सक्तुप्रस्त और स्वर्ण-धूसर गिलहरी – Saktuprasta and Squirrel of Heaven

सक्तुप्रस्त और स्वर्ण-धूसर गिलहरी एक समय की बात है, एक गिलहरी थी जिसके शरीर का दाहिना भाग स्वर्णिम था और बायाँ भाग धूसर वर्ण का था। जहाँ कहीं भी कोई यज्ञ होता, वह गिलहरी वहाँ जाकर भूमि और जल में लोटने लगती। एक दिन पाण्डवों में ज्येष्ठ, युधिष्ठिर अर्थात धर्मराज, एक महान यज्ञ का अनुष्ठान […]

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the-curse-on-dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ – The Curse on Dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ महान राजा दशरथ, जो श्री राम के पिता थे, एक बार शिकार पर गए। यह घटना श्री राम के जन्म से पहले की है। दशरथ ‘शब्दभेदी बाण’ चलाने में निपुण थे, यानी वह केवल ध्वनि सुनकर ही, बिना प्राणी को देखे, उस दिशा में बाण चला सकते थे और […]

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raman-takes-revenge-on-tatacharya-6

तेनाली रामन की पुरोहित से बदला लेने की योजना और चतुराइयाँ – 6 से 10

ताताचार्य से बदला लेता है रामन – 6 इस प्रकार तेनाली रामन कृष्णदेव राय के दरबारी विदूषक बन गए। उन्होंने अपने परिवार के लिए एक घर बनवाया। उन्होंने अपने पारिवारिक मामलों को लगभग स्थिर कर लिया था। वह ताताचार्य को सबक सिखाने का अवसर ढूंढ रहे थे। अंततः रामन को पुरोहित से बदला लेने का […]

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सोने-वाली-घंटी-का-रहस्य-—-The-Secret-of-the-Sleep-Bell

सोने वाली घंटी का रहस्य — The Secret of the Sleep Bell

सोने वाली घंटी का रहस्य  धानपुर गाँव में शाम का समय था। सूरज ढलने को था और हवा में मिट्टी की महक तैर रही थी। चरवाहा श्याम अपने झुंड को लेकर खेतों से लौट रहा था। उसके साथ थी उसकी प्यारी गाय धानी, जिसकी गर्दन में बंधी छोटी सी सोने वाली घंटी पूरे गाँव की […]

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तीन-छोटे-सूअरों-की-कहानी

तीन छोटे सूअरों की कहानी

एक समय तीन छोटे सूअर भाई रहते थे। उन्होंने अपने-अपने घर बनाने का निश्चय किया। सबसे बड़े सूअर ने घास-फूस से अपना घर बनाया क्योंकि यह सामग्री हल्की और सर्वसुलभ थी। दूसरे सूअर ने लकड़ी का घर बनाया क्योंकि पेड़ से मज़बूत घर तैयार हो सकता था। किंतु सबसे छोटे सूअर ने ईंटें जोड़नी शुरू […]

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बुलबुलों-का-आकाश-Sky-of-Bubbles

बुलबुलों का आकाश – Sky of Bubbles

बुलबुलों का आकाश दूर एक छोटे से गाँव में एक बच्चा रहता था जिसका नाम रोहित था। वह हर शाम अपने घर की छत पर बैठकर आसमान को देखता रहता था। उसे लगता था कि आसमान कभी-कभी बहुत खाली है, जैसे उसमें कुछ मज़ेदार होना चाहिए। एक रात वह हवा में तैरते हल्के नीले चमकदार […]

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