सिंहासन बत्तीसी कथा 1 – रत्नमंजरी की कथा
सिंहासन बत्तीसी कथा 1 एक सुंदर गुड़िया अचानक तेज़ प्रकाश से घिरी और कुछ ही क्षणों में वह एक दिव्य और तेजस्वी स्त्री में बदल गई। उसके चेहरे पर अद्भुत चमक थी। वह मधुर पर दृढ़ स्वर में बोली,“राजा भोज, मैं रत्नमंजरी हूँ। हम इसलिए हँसे क्योंकि आप उस महान राजा जैसे नहीं हैं, जो […]
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