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दोस्ती का जादू: The Magic of Friendship

दोस्ती का जादू: The Magic of Friendship

सोने से पहले की कहानियाँ: The Magic of Friendship एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में तीन अच्छे दोस्त रहते थे—राजू, रीना, और मोहन। इन तीनों की दोस्ती बहुत गहरी थी। वे हमेशा एक-दूसरे के साथ खेलते, पढ़ाई करते और समय बिताते। गाँव के पास एक घना जंगल था, जहां लोग कम […]

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मृत्यु-को-जीतने-वाला-बालक---The-Boy-Who-Defeated-Death

मृत्यु को जीतने वाला बालक – The Boy Who Defeated Death

मृत्यु को जीतने वाला बालक साधु मृकण्डु और उनकी पत्नी मरुद्मती का आश्रम शांति से भरा था, पर उनके हृदय में एक टीस थी। आध्यात्मिक ज्ञान और सादगी के सभी सुख होने के बावजूद, एक संतान का सुख उनसे दूर था। वर्षों तक उन्होंने अविचल भक्ति से भगवान शिव की आराधना की और एक पुत्र […]

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तेनाली रमन की चतुराई के किस्से – 26 से 30

इनाम की साझेदारी – 26 कुचिपुड़ी मंडली विजयनगर से लौट आई। रमन ने ही मंडली को समेटा था। राजा ने रमन को बुलाकर पूछताछ की। रमन अडिग रहा। ‘मैंने झूठ बोलने वालों को पीटा है।’ ‘वह कृष्ण की कहानियाँ सुना रहा था, है ना?’ राजा ने पूछा। ‘यदि ऐसा है तो मैंने पाप किया है। […]

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Childhood Love

बचपन का अनमोल रिश्ता – Story Of Childhood Bond

एक छोटे से गाँव में दो प्यारे बच्चे रहते थे — आरव और सिया। दोनों का घर एक ही गली में था, और दोनों की उम्र भी लगभग बराबर थी। हर सुबह आरव अपनी स्लेट और किताबें लेकर स्कूल जाता, और रास्ते में सिया से जरूर मिलता। सिया के बाल दो सुंदर चोटियों में बंधे […]

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Raman-Fooled-the-Robbers---48

चतुराई और हास्य से सजी तेनाली रामन की कथाएँ – 46 से 50

दुल्हन ने दुल्हे को जूता फेंका – 46 एक बार राजा तेनाली रामन से निजी वार्ता में व्यस्त थे। बातचीत के बीच राजा ने रामन को एक असामान्य चुनौती दी। रामन ने कहा कि एक स्त्री एक वर्ष के भीतर उनके मुख पर चप्पल फेंकेगी। राजा ने यह चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि यदि […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: कर्म और परिणाम का सत्य भाग दस

विक्रम और बेताल: कर्म और परिणाम का सत्य रात के सन्नाटे में चाँद बादलों में छिपता-निकलता हुआ भयावह आभा फैला रहा था। श्मशान की ओर जाती पगडंडी पर धीमे-धीमे चलते राजा विक्रमादित्य के कदमों की आहट ही सिर्फ सुनाई दे रही थी। उनके कंधों पर लटका बेताल हवा में लहराता हुआ बीच-बीच में हल्का-सा हँस […]

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सितारा-बुनने-वाली-परी-Star-Weaving-Fairy

सितारा बुनने वाली परी – Star-Weaving Fairy

सितारा बुनने वाली परी रात का आसमान जितना शांत दिखता था, उसके पीछे उतनी ही हलचल चलती थी। बादलों के ऊपर, जहाँ हवा भी फुसफुसाकर चलती थी, एक छोटी सी चांदी जैसी झोपड़ी थी। इस झोपड़ी में रहती थी एक परी जिसे सब सितारा बुनने वाली परी कहते थे। उसके हाथों में एक हल्की चमक […]

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Kirata-Arjuneeyam---किरातार्जुनीयम्

किरातार्जुनीयम् – Kirata Arjuneeyam

किरातार्जुनीयम् पांडव वीर अर्जुन अद्वितीय धनुर्धर थे, किन्तु उनमें भक्ति या श्रद्धा का नितांत अभाव माना जाता था। अपनी असीम शक्ति और कौशल के मद में वे ईश्वर की भक्ति को अनावश्यक समझते थे। इसी अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान शिव ने ‘किरातार्जुनीयम्’ की लीला रची—एक ऐसा युद्ध जहाँ अर्जुन का प्रतिद्वंद्वी स्वयं महादेव […]

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राजा-योगी-की-परीक्षा---King-Janaka

राजा योगी की परीक्षा – King Janaka

राजा योगी की परीक्षा राजा जनक दूर-दूर तक एक “राजा योगी” के रूप में विख्यात थे। इसका अर्थ था कि वे एक साथ ही एक सम्राट और एक संत थे। उनके पास भौतिक सम्पदा का अकूत भंडार था, किंतु वे स्वयं को उनका स्वामी नहीं मानते थे और न ही उनकी उपस्थिति इन साधनों पर […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम भाग चौदह

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम  रात गहरी हो चुकी थी। आसमान बादलों से ढका था और हवा में ठंडक ऐसी थी कि जंगल की पत्तियाँ एक दूसरे से टकरा कर अजीब सी फुसफुसाहट पैदा कर रही थीं। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य अपने वचन को निभाने के लिए श्मशान की ओर बढ़ते पड़ते थे और […]

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