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Raman's-Soul-and-the-King's-Fear---11

तेनाली रामन की अपूर्व चतुराई और राजदरबार के किस्से – 11 से 15

रामन की आत्मा और राजा का भय – 11   ब्राह्मण हत्या एक महापाप मानी जाती थी। इस पाप का प्रायश्चित करना आवश्यक था। यह विश्वास प्राचीन काल से चला आ रहा था। तेनाली रामन एक ब्राह्मण थे। राजा ने रामन को मार डाला था। इस क्रूर कृत्य का दुष्प्रभाव समस्त देश पर पड़ेगा। महल […]

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वचन के धनी कर्ण - Karna – A Man of his Word

वचन के धनी कर्ण – Karna A Man of his Word

वचन के धनी कर्ण महाभारत का युद्ध प्रारंभ होने से पहले, पांडवों की माता कुंती देवी कर्ण से मिलने गईं। कर्ण कुंती देवी का ज्येष्ठ पुत्र था, परंतु विवशतावश उन्होंने उसे त्याग दिया था। अब कर्ण एक पराक्रमी योद्धा बन चुका था और पांडवों के विरुद्ध युद्ध में था। वह कौरव सेना के अग्रणी दुर्योधन […]

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चिड़िया-और-आँधी-–-The-Bird-and-the-Storm

चिड़िया और आँधी – The Bird and the Storm

चिड़िया और आँधी  एक छोटा सा गाँव था जो पहाड़ियों और खेतों से घिरा हुआ था। उस गाँव के किनारे एक पुराना सा पीपल का पेड़ खड़ा था जो कई बरसों से मौसमों को आते और जाते देखता रहा था। उसी पेड़ की एक ऊँची टहनी पर एक नन्ही चिड़िया रहती थी। वह कोई खास […]

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इच्छाओं-का-झरना---The-Wishing-Waterfall

इच्छाओं का झरना – The Wishing Waterfall

इच्छाओं का झरना पर्वतों के बीच बसा एक छोटा सा गाँव था जिसका नाम था सूरजपुरा, यहाँ लोग मेहनती थे लेकिन प्रकृति की एक कमी उन्हें हमेशा परेशान करती थी। गाँव में पानी बहुत कम था, कुएँ सूखे पड़े थे और बारिश भी कब की बंद हो जाती थी। लोग हर रोज कई कोस दूर […]

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श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ – The Curse on Dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ महान राजा दशरथ, जो श्री राम के पिता थे, एक बार शिकार पर गए। यह घटना श्री राम के जन्म से पहले की है। दशरथ ‘शब्दभेदी बाण’ चलाने में निपुण थे, यानी वह केवल ध्वनि सुनकर ही, बिना प्राणी को देखे, उस दिशा में बाण चला सकते थे और […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 1 – रत्नमंजरी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 1 एक सुंदर गुड़िया अचानक तेज़ प्रकाश से घिरी और कुछ ही क्षणों में वह एक दिव्य और तेजस्वी स्त्री में बदल गई। उसके चेहरे पर अद्भुत चमक थी। वह मधुर पर दृढ़ स्वर में बोली,“राजा भोज, मैं रत्नमंजरी हूँ। हम इसलिए हँसे क्योंकि आप उस महान राजा जैसे नहीं हैं, जो […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 20 – ज्ञानवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 20 बीसवें दिन जब राजा भोज पुनः सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, तभी बीसवीं गुड़िया ज्ञानवती उनके मार्ग में आ गई। उसने अपना परिचय दिया और राजा से कहा कि पहले वह राजा विक्रमादित्य की एक कथा सुने, फिर स्वयं निर्णय करे कि वह इस अद्भुत सिंहासन पर बैठने योग्य […]

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The Softly Speaking Waves of the River

नदी की धीमी बोलती लहरें – The Softly Speaking Waves of the River

नदी की धीमी बोलती लहरें शांतपुर नाम के छोटे, सुंदर और हरे-भरे कस्बे में एक दस साल का लड़का रहता था, जिसका नाम था पार्थ। पार्थ को हमेशा से प्रकृति के करीब रहना अच्छा लगता था। दूसरे बच्चे मोबाइल में गेम खेलते या टीवी देखते रहते, लेकिन पार्थ का मन नदी, पेड़, मिट्टी और हवा […]

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singhasan-battisi-story-15-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 15 – सुंदरवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 15 राजा भोज जब पंद्रहवें दिन पुनः सिंहासन के समीप पहुँचे, तभी पंद्रहवीं गुड़िया सुंदरवती प्रकट हुई और बोली कि हे राजन, मैं सुंदरवती हूँ। इस सिंहासन पर बैठने का प्रयास करने से पहले आपको राजा विक्रमादित्य की उदारता की यह कथा सुननी होगी, और फिर स्वयं विचार करना कि आप इस […]

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लालची-सुअर-और-चतुर-बकरा-_-The-Greedy-Pig-and-the-Clever-Goat

लालची सुअर और चतुर बकरा | The Greedy Pig and the Clever Goat

लालची सुअर और चतुर बकरा एक बड़े से गाँव के बाहर फैला हरा-भरा मैदान था जहाँ कई तरह के जानवर आराम से रहते थे। वहाँ एक सुअर और एक बकरा भी रहते थे। दोनों को खुली हवा, घास और ताज़ी खुशबू वाली जमीन बहुत पसंद थी, लेकिन दोनों की आदतें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थीं। […]

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