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रवि की जिंदगी का बड़ा सबक – Ravi’s Big Life Lesson

रवि की जिंदगी का बड़ा सबक – Ravi’s Big Life Lesson

रवि की जिंदगी का बड़ा सबक  रवि नौ साल का एक साधारण लेकिन जिज्ञासु बच्चा था, जो अक्सर अपनी छोटी-छोटी बातों में भी खुशी ढूँढ लेता था। वह हमेशा दौड़ता-भागता रहता, पेड़ों पर चढ़ता और दोस्तों के साथ खेलता। पर एक बात उसे सबसे ज़्यादा परेशान करती थी—उसे लगता था कि वह गलती नहीं कर […]

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झूठा गडरिया

एक गाँव में एक लापरवाह गडरिया लड़का अपने पिता के साथ रहता था। एक दिन पिता ने उसे समझाया कि अब वह काफी बड़ा हो गया है और भेड़ों की देखभाल का दायित्व संभाल सकता है। इसलिए प्रतिदिन उसे भेड़ों के झुंड को हरे भरे मैदानों में ले जाना और उन्हें चरते हुए पहरा देना […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: एक अधूरी प्रतिज्ञा और प्राणों की बाज़ी पर टिका सत्य भाग पाँच

विक्रम और बेताल: एक अधूरी प्रतिज्ञा और प्राणों की बाज़ी पर टिका सत्य रात अत्यंत भयावह थी। कभी हल्की, कभी तेज़ वर्षा रुक-रुक कर हो रही थी। तेज़ हवाएँ पेड़ों को झकझोर रही थीं। वातावरण में अजीब सी घुटन और अनजान आवाज़ें गूंज रही थीं। बिजली की चमक के साथ आसपास की परछाइयाँ विकराल चेहरों […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 15 – सुंदरवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 15 राजा भोज जब पंद्रहवें दिन पुनः सिंहासन के समीप पहुँचे, तभी पंद्रहवीं गुड़िया सुंदरवती प्रकट हुई और बोली कि हे राजन, मैं सुंदरवती हूँ। इस सिंहासन पर बैठने का प्रयास करने से पहले आपको राजा विक्रमादित्य की उदारता की यह कथा सुननी होगी, और फिर स्वयं विचार करना कि आप इस […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 14 – सुनैना की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 चौदहवें दिन जब राजा भोज दोबारा सिंहासन के पास पहुँचे, तभी चौदहवीं पुतली सुनैना प्रकट हुई और बोली कि पहले विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और साहस की कथा सुननी होगी, तभी निर्णय लिया जा सकेगा कि भोज सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। इतना कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने कहा […]

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अग्निदेव का वरदान | The Blessing of Agni Dev

अग्निदेव का वरदान | The Blessing of Agni Dev

अग्निदेव का वरदान  बहुत समय पहले की बात है। उत्तरी पर्वतों से घिरे एक शांत और समृद्ध राज्य का नाम था अग्निकाश। यह राज्य कृषि, संस्कृति और देवपूजा के लिए प्रसिद्ध था। लोग प्रकृति की पूजा करते और विशेष रूप से अग्निदेव का आभार मानते, क्योंकि उनका विश्वास था कि अग्निदेव ही राज्य में उष्मा, […]

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खतरे की सही पहचान - Signs of Danger

खतरे की सही पहचान – Signs of Danger

खतरे की सही पहचान एक समय की बात है। एक विशाल वृक्ष की शाखा पर बने घोंसले में चार छोटी-छोटी चिड़ियाँ अपनी माँ के साथ रहती थीं। चूजे अभी नन्हे थे और स्वयं उड़ नहीं सकते थे। माँ चिड़िया हर शाम उनके लिए दाने लाती और उन्हें खिलाती। पूरा दिन चूजे बस यही आस लगाए, […]

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डरपोक-बादल-और-चमकीली-रात-The-Timid-Cloud-and-the-Shining-Night

डरपोक बादल और चमकीली रात – The Timid Cloud and the Shining Night

डरपोक बादल और चमकीली रात रात का आसमान शांत था, ठंडी हवा पेड़ों की पत्तियों को हल्के से हिला रही थी। आसमान में छोटे-छोटे तारे चमक रहे थे, लेकिन उस रात कुछ अलग होने वाला था। आसमान के एक कोने में बादल मीठू धीरे-धीरे तैर रहा था। मीठू बाकी बादलों की तरह खुशमिजाज नहीं था। […]

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बंदर-और-मगरमच्छ-की-चालाकी-–-The-Monkey-and-the-Crocodile

बंदर और मगरमच्छ की चालाकी – The Monkey and the Crocodile

बंदर और मगरमच्छ की चालाकी  गहरे और शांत बहते नदी के किनारे एक पुराना जामुन का पेड़ था। उसकी डालियाँ दूर तक फैली थीं और हर मौसम में उस पर रसीले, गहरे रंग के जामुन खूब लगते थे। पेड़ के ऊपर रहता था एक चुस्त बंदर। उसे पेड़, नदी और आसपास का पूरा इलाका अच्छी […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 16 – सत्यवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 16  सोलहवें दिन फिर से राजा भोज सिंहासन पर बैठने चले, तभी सिंहासन की सोलहवीं गुड़िया प्रकट हुई और उसने उन्हें रोका। गुड़िया ने कहा कि वह उन्हें राजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाएगी, जो उनकी अनुपम उदारता को दर्शाती है। यदि राजा भोज उस उदारता की बराबरी कर सकें, तभी वे […]

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