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सिंहासन-बत्तीसी-की-कहानियाँ-(Sinhasan-Battisi-Stories)

सिंहासन बत्तीसी: विक्रमादित्य के अद्भुत किस्सों का आरंभ

सिंघासन बत्तीसी—यानी “बत्तीस कथाओं वाला सिंहासन”—भारतीय लोककथाओं का एक अनमोल खजाना है। यह सिर्फ कहानियों का संग्रह नहीं है, बल्कि एक ऐसी कालजयी कृति है जिसमें इतिहास, कल्पना और नैतिक शिक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कहानी की शुरुआत होती है 11वीं शताब्दी के विद्वान और पराक्रमी सम्राट राजा भोज से। एक दिन […]

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उल्लू-और-चतुर-बिलौटा---Owl-and-the-Clever-Kitten

उल्लू और चतुर बिलौटा – Owl and the Clever Kitten

उल्लू और चतुर बिलौटा जंगल के एक शांत कोने में एक पुराना नीम का पेड़ था जहाँ एक बुद्धिमान उल्लू कई वर्षों से रहता था। उसका घोंसला पेड़ की सबसे ऊँची डाल पर था और वह अपने बच्चों के साथ आराम से रहता था। रात में वह उड़कर भोजन जुटा लाता और दिन में पेड़ […]

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झूठा गडरिया

एक गाँव में एक लापरवाह गडरिया लड़का अपने पिता के साथ रहता था। एक दिन पिता ने उसे समझाया कि अब वह काफी बड़ा हो गया है और भेड़ों की देखभाल का दायित्व संभाल सकता है। इसलिए प्रतिदिन उसे भेड़ों के झुंड को हरे भरे मैदानों में ले जाना और उन्हें चरते हुए पहरा देना […]

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उत्तरकाण्ड की पावन कथा – 9

उत्तरकाण्ड की पावन कथा और सीतात्याग, लवणवध व श्रीराम की अंतर्धान लीला एक दिन जब श्रीराम अपने राज्य का शासन कर रहे थे, तब अनेक महान ऋषियों का एक दल महर्षि अगस्त्य के नेतृत्व में उनसे मिलने के लिए उपस्थित हुआ। अगस्त्य ने प्रासाद के रक्षकों से कहा, “कृपया राम को सूचित करें कि हम ऋषि […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 8 – पुष्पवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 8 सिंहासन बत्तीसी की आठवीं गुड़िया पुष्पवती की कहानी एक अद्भुत प्रसंग है जिसमें पराक्रम, करुणा, धर्म और त्याग का संदेश छिपा हुआ है। आठवें दिन जब राजा भोज सिंहासन के निकट पहुँचे तो आठवीं गुड़िया पुष्पवती प्रकट हुई। उसने राजा भोज से कहा कि उसका नाम पुष्पवती है और वह उन्हें […]

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बारिश और तीन सारथी - Test of Attitude

बारिश और तीन सारथी – Test of Attitude

बारिश और तीन सारथी एक बार की बात है, एक गाँव में मेला लगा हुआ था। मेले में जाने के लिए सड़क पर कई बैलगाड़ियाँ जा रही थीं। ये खुली हुई बैलगाड़ियाँ थीं, जिन्हें बैल खींच रहे थे और उन पर बैठे हुए लोग बैलों को सही दिशा में ले जा रहे थे। अचानक भारी […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 13 – कीर्तिमती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 13 तेरहवीं गुड़िया कीर्तिमती की कथा में वर्णित प्रसंग उस समय प्रारम्भ होता है जब तेरहवें दिन राजा भोज सिंहासन पर बैठने का प्रयास करते हैं तो एक नई गुड़िया उनके सामने प्रकट होती है और कहती है कि उसका नाम कीर्तिमती है और वह पहले उन्हें राजा विक्रमादित्य की उदारता की […]

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बोलने-वाली-झील-की-परी-The-Fairy-of-the-Whispering-Lake

बोलने वाली झील की परी – The Fairy of the Whispering Lake

बोलने वाली झील की परी हरे-भरे जंगलों के बीच एक शांत और चौड़ी झील थी जिसे लोग फुसफुसाती झील कहते थे क्योंकि वहाँ की हवा और पानी किसी से भी बातें कर लेते थे। पानी इतना साफ था कि उसमें आसमान, पेड़ और इंसान की भावनाएँ तक दिख जाती थीं। रात में झील हल्की नीली […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 10 – प्रभावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 10 दसवें दिन जब राजा भोज एक बार फिर सिंहासन के निकट पहुँचे तो दसवीं गुड़िया प्रभावती प्रकट हुई। वह प्रकाश से दमकती हुई बाहर आई और राजा भोज से बोली कि वह उन्हें एक ऐसी कथा सुनाएगी जिसमें राजा विक्रमादित्य का असाधारण पराक्रम और त्याग छिपा है। उसने स्पष्ट कहा कि […]

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लालची-सुअर-और-चतुर-बकरा-_-The-Greedy-Pig-and-the-Clever-Goat

लालची सुअर और चतुर बकरा | The Greedy Pig and the Clever Goat

लालची सुअर और चतुर बकरा एक बड़े से गाँव के बाहर फैला हरा-भरा मैदान था जहाँ कई तरह के जानवर आराम से रहते थे। वहाँ एक सुअर और एक बकरा भी रहते थे। दोनों को खुली हवा, घास और ताज़ी खुशबू वाली जमीन बहुत पसंद थी, लेकिन दोनों की आदतें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थीं। […]

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