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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम भाग चौदह

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम  रात गहरी हो चुकी थी। आसमान बादलों से ढका था और हवा में ठंडक ऐसी थी कि जंगल की पत्तियाँ एक दूसरे से टकरा कर अजीब सी फुसफुसाहट पैदा कर रही थीं। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य अपने वचन को निभाने के लिए श्मशान की ओर बढ़ते पड़ते थे और […]

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वचन के धनी कर्ण - Karna – A Man of his Word

वचन के धनी कर्ण – Karna A Man of his Word

वचन के धनी कर्ण महाभारत का युद्ध प्रारंभ होने से पहले, पांडवों की माता कुंती देवी कर्ण से मिलने गईं। कर्ण कुंती देवी का ज्येष्ठ पुत्र था, परंतु विवशतावश उन्होंने उसे त्याग दिया था। अब कर्ण एक पराक्रमी योद्धा बन चुका था और पांडवों के विरुद्ध युद्ध में था। वह कौरव सेना के अग्रणी दुर्योधन […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अदल-बदल हुए सिरों की कथा भाग चार

एक समय की बात है, किसी नगर में धवल नाम का एक धोबी रहता था। वह प्रतिदिन की भाँति कपड़े साफ करने के लिए तालाब की ओर गया। उसी समय उसकी दृष्टि एक अत्यंत सुंदरी युवती पर पड़ी, जो उसी तालाब पर स्नान करने आई थी। वह युवती एक अन्य धोबी की पुत्री थी। उसकी […]

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मेहनती-चींटी-और-आलसी-टिड्डा---The-Hardworking-Ant-and-the-Lazy-Grasshopper

मेहनती चींटी और आलसी टिड्डा – The Hardworking Ant and the Lazy Grasshopper

मेहनती चींटी और आलसी टिड्डा हरे-भरे खेतों और पेड़ों से घिरे एक शांत मैदान में दो छोटे जीव रहते थे। एक थी छोटी पर मेहनती चींटी लीला, जो पूरे साल सर्दियों की तैयारी में लगी रहती थी। दूसरा था आलसी टिड्डा गिन्नू, जिसे बस गाना, कूदना और धूप में मस्ती करना पसंद था। दोनों एक […]

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कबूतर-और-अनाज-का-जाल-_-The-Pigeons-and-the-Grain-Trap

कबूतर और अनाज का जाल | The Pigeons and the Grain Trap

कबूतर और अनाज का जाल घने पेड़ों से भरे एक शांत इलाके में कबूतरों का एक बड़ा झुंड रहता था। वे हर सुबह मिलकर उड़ान भरते, आसमान में गोल-गोल चक्कर लगाते और फिर किसी खेत या बगीचे में उतरकर अपना भोजन तलाशते। उनके झुंड में सबसे बड़ी बात यह थी कि वे हमेशा एक साथ […]

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कल्पवृक्ष-की-छाया-में-फँसा-मनुष्य---Escaping-the-Vicious-Cycle

कल्पवृक्ष की छाया में फँसा मनुष्य – Escaping the Vicious Cycle

कल्पवृक्ष की छाया में फँसा मनुष्य मनुष्य चार आधारभूत आवश्यकताओं अथवा समस्याओं – निद्रा, आहार, मैथुन और भय – के चक्र में फँसा हुआ है। यह एक दुष्चक्र है जिसे केवल ईश्वर के प्रति समर्पण और स्मरण के द्वारा ही पार किया जा सकता है। एक बार एक निर्धन व्यक्ति जीविका की तलाश में लंबी […]

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जुगनुओं-की-रानी-का-मुकुट-_-The-Crown-of-the-Firefly-Queen

जुगनुओं की रानी का मुकुट | The Crown of the Firefly Queen

जुगनुओं की रानी का मुकुट  घने जंगल के बीच एक खुला मैदान था जहाँ रात होते ही छोटे छोटे जुगनू अपनी चमक से पूरी जगह को रौशन कर देते थे। इस मैदान की रानी थी एक सुंदर जुगनू जिसे सब जुगनुओं की रानी कहते थे। उसके सिर पर चमकदार सोने जैसा मुकुट था जो उसकी […]

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अग्निदेव का वरदान | The Blessing of Agni Dev

अग्निदेव का वरदान | The Blessing of Agni Dev

अग्निदेव का वरदान  बहुत समय पहले की बात है। उत्तरी पर्वतों से घिरे एक शांत और समृद्ध राज्य का नाम था अग्निकाश। यह राज्य कृषि, संस्कृति और देवपूजा के लिए प्रसिद्ध था। लोग प्रकृति की पूजा करते और विशेष रूप से अग्निदेव का आभार मानते, क्योंकि उनका विश्वास था कि अग्निदेव ही राज्य में उष्मा, […]

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singhasan-battisi-story-18-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 – तारामति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 अगली सुबह राजा भोज फिर से सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, परंतु जैसे ही वह पवित्र आसन के निकट पहुँचे, अठारहवीं गुड़िया तारामती उनके सामने प्रकट हो गई। उसने गंभीर स्वर में कहा कि यह सिंहासन अत्यंत पवित्र है और इस पर वही बैठ सकता है जिसने अपने जीवन […]

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क्रिस्टल-परी-की-भूलभुलैया---Crystal-Fairy’s-Maze

क्रिस्टल परी की भूलभुलैया – Crystal Fairy’s Maze

क्रिस्टल परी की भूलभुलैया हरे पहाड़ों के बीच एक शांत और चमकदार जंगल था जिसे लोग क्रिस्टल वन कहते थे। इस जंगल की खासियत थी कि यहाँ हर पत्ती, हर बेल और हर पत्थर में हल्की कांच जैसी चमक रहती थी। धूप जैसे ही गिरती, पूरा जंगल इंद्रधनुषी रोशनी से जगमगा उठता था। कहा जाता […]

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