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क्या बनोगे तुम – आलू, अंडा या चायपत्ती?

यह कहानी समझाती है कि कठिनाई का सामना अलग-अलग लोग कैसे करते हैं। एक गाँव में आशा नाम की लड़की अपने माता-पिता के साथ रहती थी। एक दिन उसके पिता ने उसे एक साधारण कार्य सौंपा। उन्होंने उबलते पानी से भरे तीन बर्तन लिए। एक बर्तन में उन्होंने एक अंडा रखा, दूसरे में एक आलू […]

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The Prince and His Servants

राजकुमार और उसके असाधारण सेवक – The Prince and His Servants

राजकुमार और उसके असाधारण सेवक  एक समय की बात है, राजकुमार वीरेंद्र एक छोटे से राज्य का गरीब लेकिन दिल का धनी राजकुमार था। वह हमेशा से सपना देखता था कि उसे सच्चा प्रेम मिले, कोई ऐसा जो उसे उसके दिल की अच्छाई के लिए चाहे, न कि उसकी दौलत के लिए। एक दिन पड़ोस […]

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कुत्ता-और-अपनी-परछाई-–-Dog-and-His-Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई – Dog and His Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई  एक हरी-भरी घाटी में एक छोटा सा गाँव बसा था, जिसके किनारे एक शांत नदी बहती थी और नदी पर एक मजबूत लकड़ी का पुल बना था। इस गाँव में एक कुत्ता रहता था, जिसका स्वभाव थोड़ा लालची था लेकिन दिल से वह बुरा नहीं था। उसे अपनी मेहनत से मिली […]

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पानी-की-नन्ही-रानी-–-The-Little-Queen-of-Water

पानी की नन्ही रानी – The Little Queen of Water

पानी की नन्ही रानी गाँव धीरे धीरे चिंता में डूब रहा था क्योंकि नदी का जल हर दिन कम होता जा रहा था, पहले जो नदी पूरे उत्साह से बहती थी अब सिर्फ पतली सी धारा बची थी और कई जगह तो नदी का तल दिखने लगा था, बच्चे खेलना छोड़कर नदी देखने जाते थे […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 19 – रूपरेखा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 19 उन्नीसवें दिन राजा भोज जब सिंहासन पर बैठने जा रहे थे, तभी उन्नीसवीं गुड़िया रूपरेखा ने उन्हें रोक दिया। उसने कहा कि वह एक कहानी सुनाएगी, जो यह बताएगी कि न्याय करने में मन और ज्ञान दोनों का संतुलन कितना महत्वपूर्ण होता है। उसने राजा से कहा कि पहले पूरी कहानी […]

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कबूतर-और-अनाज-का-जाल-_-The-Pigeons-and-the-Grain-Trap

कबूतर और अनाज का जाल | The Pigeons and the Grain Trap

कबूतर और अनाज का जाल घने पेड़ों से भरे एक शांत इलाके में कबूतरों का एक बड़ा झुंड रहता था। वे हर सुबह मिलकर उड़ान भरते, आसमान में गोल-गोल चक्कर लगाते और फिर किसी खेत या बगीचे में उतरकर अपना भोजन तलाशते। उनके झुंड में सबसे बड़ी बात यह थी कि वे हमेशा एक साथ […]

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बुद्धि और विनोद से भरपूर तेनाली रामन की कहानियाँ – 41 से 45

देवदासी का प्रेम – 41 राजा कृष्णदेवराय का एक देवदासी नर्तकी कृष्णावेनी से प्रेमसंबंध था। राजा को पूर्ण विश्वास था कि वह किसी अन्य पुरुष से संबंध नहीं रखती। राजा उससे विवाह करना चाहता था। किंतु उसे जनता के विरोध का भय था क्योंकि अधिकांश लोग देवदासी कन्याओं को पसंद नहीं करते थे। हमेशा की […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 27 – मलयावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 27 मलयावती, जो राजा विक्रमादित्य के सिंहासन की सत्ताइसवीं गुड़िया थी, राजा भोज के सामने प्रकट होकर स्वयं का परिचय देते हुए बोली, “मेरा नाम मलयावती है। मैं उन बत्तीस अद्भुत गुड़ियों में से एक हूँ जिनमें विक्रमादित्य की अद्भुत स्मृतियाँ और प्रेरणादायक प्रसंग सुरक्षित हैं। हमारे स्वामी अतुलनीय विद्वान, दयालु, धर्मनिष्ठ […]

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सितारा-बुनने-वाली-परी-Star-Weaving-Fairy

सितारा बुनने वाली परी – Star-Weaving Fairy

सितारा बुनने वाली परी रात का आसमान जितना शांत दिखता था, उसके पीछे उतनी ही हलचल चलती थी। बादलों के ऊपर, जहाँ हवा भी फुसफुसाकर चलती थी, एक छोटी सी चांदी जैसी झोपड़ी थी। इस झोपड़ी में रहती थी एक परी जिसे सब सितारा बुनने वाली परी कहते थे। उसके हाथों में एक हल्की चमक […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 2 – चित्रलेखा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 2  दिन के दूसरे पहर में राजा भोज एक बार फिर उस दिव्य सिंहासन पर बैठने चले। जैसे ही वे सिंहासन पर बैठने वाले थे, उसी क्षण दूसरी गुड़िया वहाँ से बाहर आ गई। गुड़िया बोली, “ठहरिए महाराज। मेरा नाम चित्रलेखा है। इस सिंहासन पर बैठने से पहले राजा विक्रमादित्य की यह […]

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